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Noida News: पत्र वाहक ने बाबू बनकर करा दी 20 फ्लैटों की रजिस्ट्री
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पत्रवाहक ने बाबू बनकर करा दी 20 फ्लैटों की रजिस्ट्री
- नोएडा प्राधिकरण के एजीएम की रिपोर्ट में आरोपों की हुई पुष्टि, कड़ी कार्रवाई की तैयारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के ग्रुप हाउसिंग विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक पत्रवाहक ने बाबू बनकर 20 फ्लैट की रजिस्ट्री करा दी। दूसरी ओर जिस बाबू को रजिस्ट्री करवानी थी, उसे मामले की जानकारी ही नहीं लग पाई। मामले में संबंधित विभाग में बैठे अधिकारियों को भी इसकी भनक नहीं लग पाई। रजिस्ट्री के बाद मिलान किए जाने पर गड़बड़ी पकड़ी गई। मामले का पता चलते ही पत्रवाहक को सस्पेंड कर इसकी जांच ग्रुप हाउसिंग विभाग के एजीएम को सौंप दी गई थी। एजीएम की जांच रिपोर्ट में मामले की पुष्टि हो गई है।इसके बाद पत्रवाहक समेत अन्य पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि रजिस्ट्री कौन सी तारीख में करई गई और मामला किस प्रॉजेक्ट से संबंधित है। माना जा रहा है कि बृहस्पतिवार को प्राधिकरण की ओर से आरोपी पत्रवाहक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि एक पत्रवाहक की पहुंच फ्लैट की रजिस्ट्री के दस्तावेजों तक कैसे हो गई और आधिकारिक स्तर पर किसने इसकी मंजूरी दी जैसे मसलों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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- नोएडा प्राधिकरण के एजीएम की रिपोर्ट में आरोपों की हुई पुष्टि, कड़ी कार्रवाई की तैयारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के ग्रुप हाउसिंग विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक पत्रवाहक ने बाबू बनकर 20 फ्लैट की रजिस्ट्री करा दी। दूसरी ओर जिस बाबू को रजिस्ट्री करवानी थी, उसे मामले की जानकारी ही नहीं लग पाई। मामले में संबंधित विभाग में बैठे अधिकारियों को भी इसकी भनक नहीं लग पाई। रजिस्ट्री के बाद मिलान किए जाने पर गड़बड़ी पकड़ी गई। मामले का पता चलते ही पत्रवाहक को सस्पेंड कर इसकी जांच ग्रुप हाउसिंग विभाग के एजीएम को सौंप दी गई थी। एजीएम की जांच रिपोर्ट में मामले की पुष्टि हो गई है।इसके बाद पत्रवाहक समेत अन्य पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि रजिस्ट्री कौन सी तारीख में करई गई और मामला किस प्रॉजेक्ट से संबंधित है। माना जा रहा है कि बृहस्पतिवार को प्राधिकरण की ओर से आरोपी पत्रवाहक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि एक पत्रवाहक की पहुंच फ्लैट की रजिस्ट्री के दस्तावेजों तक कैसे हो गई और आधिकारिक स्तर पर किसने इसकी मंजूरी दी जैसे मसलों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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