पांच हजार खरीदारों के चेहरे पर आई खुशी, आशियाना मिलने की उम्मीद
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में 26 मई को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ताओं को कोर्ट ने विकल्प देते हुए कहा है कि बढ़ा मुआवजा और 10 फीसदी विकसित भूमि लेने को तैयार हैं तो इसका शपथपत्र दाखिल करें।
मामले की अगली सुनवाई 31 मई को होगी। फेडरेशन ऑफ सेक्टर-107 नोएडा बायर्स वेलफेयर एसोसिएशन और हार्ट बीट सिटी बायर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल त्यागी ने बताया कि याचिकाकर्ता महर्षि प्रबंधन की ओर से उनके वकील पंकज दुबे ने कोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ता 64.7 फीसदी बढ़ा मुआवजा और 5 फीसदी की जगह 10 प्रतिशत विकसित भूमि लेने के लिए तैयार हैं।
हालांकि याचिकाकर्ताओं के वकील का कहना है कि कोर्ट ने विकल्प दिया है कि बढ़ा मुआवजा और 10 फीसदी विकसित भूमि लेने को तैयार हैं तो इसका शपथपत्र दाखिल करें। 31 मई को इस केस की अगली सुनवाई होगी।
सुनवाई बायर्स के लिए सकारात्मक है
उन्होंने बताया कि पहले की सुनवाई में गायब रहने वाले सुनवाई नोएडा प्राधिकरण के वकील भी उपस्थित थे। कोर्ट में हुई यह सुनवाई बायर्स के लिए सकारात्मक है।
मालूम हो कि सेक्टर- 107 स्थित आम्रपाली हार्ट बीट सिटी, लोटस 300 ग्रेट वैली शरन के 5000 फ्लैट हैं। इनका काम जून 2014 से रुका हुआ है। शरनम में करीब 1400 फ्लैट हैं। इनमें से 575 लोगों को पजेशन ऑफर लेटर जारी किए जा चुके हैं।
कोर्ट ने विकल्प दिया है कि यदि बढ़ा मुआवजा और 10 फीसदी भूमि के लिए तैयार हैं, तो इसका शपथपत्र दाखिल करें। - पंकज दुबे, याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता, इलाहाबाद हाईकोर्ट।