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Noida News: मेट्रो से आकर स्टेशन पर चोरी करने वाला गैंग सक्रिय
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मेट्रो से आकर स्टेशन पर चोरी करने वाला गैंग सक्रिय
- सेक्टर-52, बॉटेनिकल गार्डेन, सेक्टर-15, सेक्टर-63 स्टेशन पर हर दिन हो रही चोरी व पॉकेट मारी
- नोएडा पुलिस मेट्रो स्टेशन पर निगरानी नहीं कर सकती और सीआईएसएफ चोरी पर ध्यान नहीं दे रही
सुशांत समदर्शी
नोएडा। मेट्रो ट्रेन से आकर स्टेशन पर चोरी व पॉकेटमारी करने वाला गैंग हर दिन लाखों रुपये का चपत लगा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद गैंग के बदमाश मेट्रो ट्रेन से ही वापस चले जाते हैं। इन घटनाओं पर नोएडा कमिश्नरेट पुलिस मुकदमा तो दर्ज कर लेती है, लेकिन स्टेशन पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ के हाथ में होने से वह आगे कुछ नहीं कर पाती। जबकि सीआईएसएफ केवल एंट्री एक्जिट पर ही सक्रिय रहती है। टिकट काउंटर व आसपास चोर वारदात कर चले जाते हैं।
मेट्रो स्टेशन के अंदर सुरक्षा खामियों के कारण स्टेशन परिसर में लगातार चोरी व पॉकेटमारी की घटनाएं हो रही हैं। नोएडा पुलिस मेट्रो स्टेशन के अंदर जाकर जांच या गश्त नहीं कर सकती है। वहीं मेट्रो स्टेशन के अंदर सीआईएसएफ की ड्यूटी होती है लेकिन उनका फोकस केवल एंट्री व एक्जिट पर रहता है। नोएडा में सेक्टर-52, बॉटेनिकल गार्डेन, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, सेक्टर-15 समेत अन्य भीड़ भाड़ वाले मेट्रो स्टेशन पर हर दिन आठ से दस लोगों के साथ चोरी पॉकेटमारी की घटना हो रही है। जब पुलिस की टीम सीसीटीवी फुटेज चेक करती है तो इन घटनाओं में शामिल बदमाश दिखाई देते हैं। पता चलता है कि बदमाश मेट्रो ट्रेन से आते हैं और वारदात कर वापस उसी से वापस चले जाते हैं। इस कारण नोएडा पुलिस इन्हें पकड़ नहीं पाती है। कई बार नोएडा पुलिस की तरफ से सीआईएसएफ को बताया गया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। डीसीपी हरीश चंदर का कहना है कि मेट्रो स्टेशन के नीचे नोएडा पुलिस की टीम हमेशा रहती है। इसके लिए समन्वय बनाकर काम किया जाएगा।
सेक्टर-52 व बॉटेनिकल पर सबसे अधिक घटनाएं
नोएडा में सेक्टर-52 व बॉटेनिकल गार्डेन मेट्रो स्टेशन पर इस तरह की सबसे अधिक घटनाएं होती हैं। हर दिन कोतवाली सेक्टर-39, 49 पुलिस को शिकायतें मिलती है। दरअसल बॉटेनिकल गार्डेन व सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर सबसे अधिक लोग मेट्रो में चढ़ते उतरते हैं। पीक आवर में बहुत अधिक भीड़ होने के कारण बदमाश आसानी से हाथ साफ कर लेते हैं।
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सीसीटीवी फुटेज में कैद होते हैं लेकिन पकड़े नहीं जाते
मेट्रो स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में बदमाश कैद तो हो रहे हैं लेकिन पकड़े नहीं जा रहे। पुलिस का कहना है कि मेट्रो स्टेशन पर चोरी करने वाला गैंग संगठित है। इस गैंग में शामिल चोर अलग अलग दिनों में अलग अलग मेट्रो रूट पर जाते हैं और चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं। अगर एक रूट पर पडऩे वाले स्टेशन पर चोरी करते हैं तो कई दिनों तक उस रूट पर नहीं आते हैं। इस कारण पुलिस की सतर्कता के बाद भी बदमाश नहीं पकड़े जा रहे हैं।
मोबाइल, पर्स, कैश, जूलरी की सबसे अधिक चोरी
मेट्रो ट्रेन से आकर चोरी करने वाले बदमाशों की नजर बहुमूल्य वस्तुओं पर होती है। इन बदमाशों के निशाने पर मोबाइल फोन, पर्स, जूलरी व कैश होता है। मोबाइल चोरी करने के बाद उसे स्विच ऑफ कर देते हैं और उसे दिल्ली के अलग अलग मार्केट में कम कीमत पर बेच देते हैं। इसी तरह चोरी की जूलरी भी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में खपाया जाता है।
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- सेक्टर-52, बॉटेनिकल गार्डेन, सेक्टर-15, सेक्टर-63 स्टेशन पर हर दिन हो रही चोरी व पॉकेट मारी
- नोएडा पुलिस मेट्रो स्टेशन पर निगरानी नहीं कर सकती और सीआईएसएफ चोरी पर ध्यान नहीं दे रही
सुशांत समदर्शी
नोएडा। मेट्रो ट्रेन से आकर स्टेशन पर चोरी व पॉकेटमारी करने वाला गैंग हर दिन लाखों रुपये का चपत लगा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद गैंग के बदमाश मेट्रो ट्रेन से ही वापस चले जाते हैं। इन घटनाओं पर नोएडा कमिश्नरेट पुलिस मुकदमा तो दर्ज कर लेती है, लेकिन स्टेशन पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ के हाथ में होने से वह आगे कुछ नहीं कर पाती। जबकि सीआईएसएफ केवल एंट्री एक्जिट पर ही सक्रिय रहती है। टिकट काउंटर व आसपास चोर वारदात कर चले जाते हैं।
मेट्रो स्टेशन के अंदर सुरक्षा खामियों के कारण स्टेशन परिसर में लगातार चोरी व पॉकेटमारी की घटनाएं हो रही हैं। नोएडा पुलिस मेट्रो स्टेशन के अंदर जाकर जांच या गश्त नहीं कर सकती है। वहीं मेट्रो स्टेशन के अंदर सीआईएसएफ की ड्यूटी होती है लेकिन उनका फोकस केवल एंट्री व एक्जिट पर रहता है। नोएडा में सेक्टर-52, बॉटेनिकल गार्डेन, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, सेक्टर-15 समेत अन्य भीड़ भाड़ वाले मेट्रो स्टेशन पर हर दिन आठ से दस लोगों के साथ चोरी पॉकेटमारी की घटना हो रही है। जब पुलिस की टीम सीसीटीवी फुटेज चेक करती है तो इन घटनाओं में शामिल बदमाश दिखाई देते हैं। पता चलता है कि बदमाश मेट्रो ट्रेन से आते हैं और वारदात कर वापस उसी से वापस चले जाते हैं। इस कारण नोएडा पुलिस इन्हें पकड़ नहीं पाती है। कई बार नोएडा पुलिस की तरफ से सीआईएसएफ को बताया गया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। डीसीपी हरीश चंदर का कहना है कि मेट्रो स्टेशन के नीचे नोएडा पुलिस की टीम हमेशा रहती है। इसके लिए समन्वय बनाकर काम किया जाएगा।
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सेक्टर-52 व बॉटेनिकल पर सबसे अधिक घटनाएं
नोएडा में सेक्टर-52 व बॉटेनिकल गार्डेन मेट्रो स्टेशन पर इस तरह की सबसे अधिक घटनाएं होती हैं। हर दिन कोतवाली सेक्टर-39, 49 पुलिस को शिकायतें मिलती है। दरअसल बॉटेनिकल गार्डेन व सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर सबसे अधिक लोग मेट्रो में चढ़ते उतरते हैं। पीक आवर में बहुत अधिक भीड़ होने के कारण बदमाश आसानी से हाथ साफ कर लेते हैं।
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सीसीटीवी फुटेज में कैद होते हैं लेकिन पकड़े नहीं जाते
मेट्रो स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में बदमाश कैद तो हो रहे हैं लेकिन पकड़े नहीं जा रहे। पुलिस का कहना है कि मेट्रो स्टेशन पर चोरी करने वाला गैंग संगठित है। इस गैंग में शामिल चोर अलग अलग दिनों में अलग अलग मेट्रो रूट पर जाते हैं और चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं। अगर एक रूट पर पडऩे वाले स्टेशन पर चोरी करते हैं तो कई दिनों तक उस रूट पर नहीं आते हैं। इस कारण पुलिस की सतर्कता के बाद भी बदमाश नहीं पकड़े जा रहे हैं।
मोबाइल, पर्स, कैश, जूलरी की सबसे अधिक चोरी
मेट्रो ट्रेन से आकर चोरी करने वाले बदमाशों की नजर बहुमूल्य वस्तुओं पर होती है। इन बदमाशों के निशाने पर मोबाइल फोन, पर्स, जूलरी व कैश होता है। मोबाइल चोरी करने के बाद उसे स्विच ऑफ कर देते हैं और उसे दिल्ली के अलग अलग मार्केट में कम कीमत पर बेच देते हैं। इसी तरह चोरी की जूलरी भी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में खपाया जाता है।