फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   The family sat with the dead body of the family for 9 hours

9 घंटे संक्रमित की लाश के साथ बैठा रहा परिवार

Tue, 13 Apr 2021 01:10 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 13 Apr 2021 01:10 AM IST
विज्ञापन
The family sat with the dead body of the family for 9 hours
नोएडा। कोरोना संकट के बीच दावों और इंतजामों की पोल खोलती दर्दनाक घटना सामने आई है। कोविड संकट की मार झेल रहा एक परिवार 9 घंटे तक परिजन की लाश के साथ बैठा रहने पर मजबूर हुआ। मृतक के अंतिम संस्कार के लिए परिवार घंटों विभिन्न विभागों से मदद की गुहार लगाता रहा। सुनवाई नहीं हुई तो संक्रमित परिजनों ने वीडियो मेसेज के माध्यम से लोगों से मदद मांगी। जिले के आलाधिकारियों तक मामला पहुंचा तब देर रात सरकारी सिस्टम सक्रिय हुआ।
विज्ञापन

सेक्टर-74 आम्रपाली सिलिकॉन निवासी देव नारायण झा की सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मौत हो गई। परिजनों के अनुसार 74 वर्षीय देव कोरोना के मरीज थे। 8 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें निजी अस्पताल लेकर गए थे। जांच के बाद 9 अप्रैल को उनमें कोरोना की पुष्टि हुई। अस्पताल ने उन्हें भर्ती करने की जगह होम आइसोलेशन में रहने की सलाह देकर घर भेज दिया। परिवार का आरोप है कि मृतक को गाइडलाइन या परहेज संबंधी कोई जानकारी नहीं दी गई। घर में जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो परिजनों ने विभिन्न हेल्पलाइन, अस्पतालों, स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन से मदद के लिए संपर्क किया, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। सोमवार को इलाज के अभाव में मरीज ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए मदद की गुहार लगाने लगे। मृतक के परिजन भी संक्रमित थे, इस वजह से उनका अंतिम संस्कार करने बाहर जाना संभव नहीं था। मृतक की पत्नी, बेटे सहित परिवार के छह लोग कोरोना पॉजिटिव है। कई बार कॉल करने पर शाम को पीसीआर तो पहुंची, लेकिन बिना किसी मदद के वापस चली गई। मजबूरन परिवार घंटों मृतक के साथ बैठा रहा। जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो मृतक के बेटे ने अपनी व्यथा को वीडियो मेसेज के जरिए लोगों को भेजना शुरू किया। मृतक के पड़ोसियों ने बताया कि सोसाइटी में करीब 50 लोग पॉजिटिव हैं, लेकिन न तो सैनिटाइजेशन हुआ है ना ही किसी प्रकार का सहयोग प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग से मिल रहा है।
विज्ञापन

इस मामले में सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने कहा कि निजी अस्पताल के डॉ. मानस चटर्जी द्वारा मरीज को जांच के बाद घर भेजा गया। वृद्धावस्था के बाद भी मरीज को होम आइसोलेशन में क्यों भेजा गया, इसकी जांच की जाएगी। मरीज हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन से भी ग्रस्त था। सोमवार से पहले मरीज के परिजनों द्वारा हेल्पलाइन नंबर से संपर्क का कोई श्रोत नहीं मिला है। जैसे ही टीमों को घटना की सूचना मिली तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed