{"_id":"618ecb5142afb85cd638268a","slug":"the-elderly-sitting-on-the-satyagraha-was-taken-out-of-the-hospital-noida-news-noi615482340","type":"story","status":"publish","title_hn":"सत्याग्रह पर बैठे बुजुर्ग को अस्पताल से बाहर निकाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सत्याग्रह पर बैठे बुजुर्ग को अस्पताल से बाहर निकाला
विज्ञापन
नोएडा। सेक्टर-24 स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआइसी) अस्पताल में दवाओं की कमी का विरोध में जारी दो दिवसीय सत्याग्रह समाप्त हो गया। सत्याग्रह के आखिरी दिन ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रा (74) को अस्पताल कर्मियों ने परिसर से निकाल दिया। इसके बाद वह सड़क पर धरने पर बैठ गए। हालांकि बाद में अस्पताल प्रशासन ने उन्हें दवा आपूर्ति ठीक करने का आश्वासन दिया। बुजुर्ग ने आश्वासन पूरा होने के लिए एक महीने तक इंतजार करने की बात कही है। शुक्रवार को धरना समाप्त करते हुए बुजुर्ग ने कहा कि यदि दवाओं की आपूर्ति नहीं हुई तो सांसद और विधायक से इस्तीफा मांगेंगे।
गाजियाबाद निवासी ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रा ने कहा कि ईएसआईसी अस्पताल में मरीजों को दवा नहीं मिलती। ओपीडी में इलाज कराने के बाद दवा के लिए स्थानीय डिस्पेंसरी भेज दिया जाता है। जहां मरीज घंटों लाइन में लगे रहते हैं। कई बार वहां भी कई दवाओं की आपूर्ति का संकट नजर आता है। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सत्याग्रह के दूसरे दिन अस्पताल के गार्डों ने जबरदस्ती परिसर से बाहर निकाल दिया। वह सड़क पर धरने पर बैठ गए।
उन्होंने कहा कि वह आश्वासन पूरा होने के लिए एक महीने तक इंतजार करेंगे। इसके बाद हम शासन से गुहार लगाई जाएगी। नेता, सांसद, विधायक भी यदि यह दवाओं की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं तो उनका घेराव कर इस्तीफा मांगा जाएगा। वहीं अस्पताल के निर्देशक बलराज भंडार ने बताया कि डिस्पेंसरी में दवाओं की आपूर्ति के लिए शासन को सूचित किया गया है। शासन से जल्द से जल्द आपूर्ति करवाने की मांग की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद निवासी ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्रा ने कहा कि ईएसआईसी अस्पताल में मरीजों को दवा नहीं मिलती। ओपीडी में इलाज कराने के बाद दवा के लिए स्थानीय डिस्पेंसरी भेज दिया जाता है। जहां मरीज घंटों लाइन में लगे रहते हैं। कई बार वहां भी कई दवाओं की आपूर्ति का संकट नजर आता है। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सत्याग्रह के दूसरे दिन अस्पताल के गार्डों ने जबरदस्ती परिसर से बाहर निकाल दिया। वह सड़क पर धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वह आश्वासन पूरा होने के लिए एक महीने तक इंतजार करेंगे। इसके बाद हम शासन से गुहार लगाई जाएगी। नेता, सांसद, विधायक भी यदि यह दवाओं की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं तो उनका घेराव कर इस्तीफा मांगा जाएगा। वहीं अस्पताल के निर्देशक बलराज भंडार ने बताया कि डिस्पेंसरी में दवाओं की आपूर्ति के लिए शासन को सूचित किया गया है। शासन से जल्द से जल्द आपूर्ति करवाने की मांग की जा रही है।
विज्ञापन