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Noida News: भोले के भक्त निराले, पांव में छाले जुबां पर जयकारे
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-कुछ मन्नत पूरी होने के बाद तो कुछ पूरी होने के लिए ला रहे कांवड़
नोएडा। पांव में छाले और जुबां पर शिव के जयकारों के साथ कांवड़िए अपनी मंजिल की ओर बढ़ते जा रहे हैं। कुछ मन्नत पूरी होने के बाद तो कुछ पूरी होने के लिए कांवड़ ला रहे हैं। पांव में घुंघरू और बोल बम बोलते हुए जा रहे कावड़ियों का उत्साह देखने लायक है। दिल्ली होकर कालिंदी कुंज के रास्ते जा रहे कांवड़ियों की संख्या पिछले दो दिनों के मुकाबले बुधवार को अधिक रही।
हरिद्वार के गंगाघाट से कांवड़ लेकर हिसार जाने वाले 35 वर्षीय मोहन और 37 वर्षीय प्रमोद सगे भाई हैं। उन्होंने बताया कि मां को कोराेना हो गया और हालत बहुत गंभीर थी। तब भोलेनाथ से प्रार्थना की थी और कांवड़ लाने का संकल्प लिया था। वहीं दूसरी और नौकरी लगने के बाद रोहित परमार हरिद्वार से राजस्थान कांवड़ लेकर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी नौकरी लगे हुए अभी कुछ ही महीने हुए हैं। इसके अलावा लोग अलग-अलग कामनाओं के साथ कंधे पर कांवड़ लिए आगे बढ़ रहे हैं।
बीटेक छात्राएं लाईं कांवड़
रोहतक की रहने वाली मोनिका राय, प्रिया रघुवंशी, आंकाक्षा जादौन और दिपाली कुमारी चारों सहेलियां हैं। चारों दो साल से कांवड़ लेकर आ रही हैं। मोनिका ने बताया कि यह अनुभव बहुत अच्छा है। भक्ति भाव के साथ इस काम को पूरा करते हैं। उन्होंने बताया कि चारो सहेलियां सावन माह में भोले के रंग में रंग जाती हैं।
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शिविर में किया विश्राम
सेक्टर-14 ए में श्री सिद्ध पीठ शनि मंदिर में आयोजित कांवड़ शिविर में बुधवार को बड़ी संख्या में यात्रियों ने विश्राम किया। इस दौरान उन्होंने स्नान किया और फिर भोजन कर थोड़ी देर विश्राम किया।
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नोएडा। पांव में छाले और जुबां पर शिव के जयकारों के साथ कांवड़िए अपनी मंजिल की ओर बढ़ते जा रहे हैं। कुछ मन्नत पूरी होने के बाद तो कुछ पूरी होने के लिए कांवड़ ला रहे हैं। पांव में घुंघरू और बोल बम बोलते हुए जा रहे कावड़ियों का उत्साह देखने लायक है। दिल्ली होकर कालिंदी कुंज के रास्ते जा रहे कांवड़ियों की संख्या पिछले दो दिनों के मुकाबले बुधवार को अधिक रही।
हरिद्वार के गंगाघाट से कांवड़ लेकर हिसार जाने वाले 35 वर्षीय मोहन और 37 वर्षीय प्रमोद सगे भाई हैं। उन्होंने बताया कि मां को कोराेना हो गया और हालत बहुत गंभीर थी। तब भोलेनाथ से प्रार्थना की थी और कांवड़ लाने का संकल्प लिया था। वहीं दूसरी और नौकरी लगने के बाद रोहित परमार हरिद्वार से राजस्थान कांवड़ लेकर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी नौकरी लगे हुए अभी कुछ ही महीने हुए हैं। इसके अलावा लोग अलग-अलग कामनाओं के साथ कंधे पर कांवड़ लिए आगे बढ़ रहे हैं।
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बीटेक छात्राएं लाईं कांवड़
रोहतक की रहने वाली मोनिका राय, प्रिया रघुवंशी, आंकाक्षा जादौन और दिपाली कुमारी चारों सहेलियां हैं। चारों दो साल से कांवड़ लेकर आ रही हैं। मोनिका ने बताया कि यह अनुभव बहुत अच्छा है। भक्ति भाव के साथ इस काम को पूरा करते हैं। उन्होंने बताया कि चारो सहेलियां सावन माह में भोले के रंग में रंग जाती हैं।
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शिविर में किया विश्राम
सेक्टर-14 ए में श्री सिद्ध पीठ शनि मंदिर में आयोजित कांवड़ शिविर में बुधवार को बड़ी संख्या में यात्रियों ने विश्राम किया। इस दौरान उन्होंने स्नान किया और फिर भोजन कर थोड़ी देर विश्राम किया।