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एयरपोर्ट को ईंधन से जुड़ी तकनीकी सेवा देगी कंपनी
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ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने इंडियन ऑयल स्काईटेकिंग लिमिटेड (आईओएसएल) से करार किया है। इसके तहत आईओएसएल एयरपोर्ट को ईंधन से जुड़ी हर तरह की तकनीकी सेवाएं देंगी। ईंधन के बुनियादी ढांचे के डिजाइन, निर्माण और संचालन के लिए 30 साल का करार हुआ है।
करार के तहत एयरपोर्ट को अपने भागीदारों को भी सेवा देने में मदद मिलेगी। विमानन टरबाइन ईंधन लागत-कुशलता के लिए एक ओपन एक्सेस मॉडल के तौर पर मदद मिलेगी। समझौते में आईओएसएल 10,000 एम 3 ईंधन-भंडारण टैंकों के जरिये सुविधा प्रदान करेगा। इससे हवाई यातायात की मांग के अनुसार क्षमता को तेजी से बढ़ाने की सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट पर सभी विमान स्टैंड भूमिगत हाइड्रेंट प्रणाली से जुड़े होंगेे। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि मजबूत तकनीकी प्रस्ताव और बेहतर परिचालन योजना की वजह से इस काम में और मजबूती प्रदान होगी। वहीं, आईओएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टीएस दुपारे ने कहा कि इस साझेदारी के दायरे में आधुनिक विमानन ईंधन बुनियादी ढांचे का विकास शामिल होगा।
एयरपोर्ट के दूसरे चरण के अधिग्रहण के लिए शासन को जाएगी अंतिम रिपोर्ट
ग्रेटर नोएडा/जेवर। नोएडा एयरपोर्ट के दूसरे चरण के जमीन अधिग्रहण के लिए फाइनल रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी इससे पहले ड्राफ्ट पर गठित कमेटी की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। दरअसल, इससे पहले जेवर के 6 गांवों के प्रभावित किसान परिवारों के सामाजिक समाघात निर्धारण (एसआईए) पर लोक सुनवाई का काम पूरा किया गया। प्रशासन व गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय की 6 सदस्यीय टीम के साथ संबंधित अधिकारियों की बैठक भी हुई। इसमें इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई। अब शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। कुल 1365 हेक्टेयर जमीन को अधिसूचित किया गया है। इसमें 124 हेक्टेयर सरकारी जमीन है। इसे सीधा नागरिक उड्डयन विभाग के नाम करा दिया जाएगा। 57 हेक्टेयर जमीन का यीडा पहले से अधिग्रहण कर चुका है। करौली बांगर की 159 हेक्टेयर, दयानतपुर की 145, कुरैब की 326 रन्हेरा की 458 मुंढरह की 46 और बीरमपुर की 49 हेक्टेयर खेती की जमीन सहित कुल 1185 हेक्टेयर का अधिग्रहण किया जाना है।
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करार के तहत एयरपोर्ट को अपने भागीदारों को भी सेवा देने में मदद मिलेगी। विमानन टरबाइन ईंधन लागत-कुशलता के लिए एक ओपन एक्सेस मॉडल के तौर पर मदद मिलेगी। समझौते में आईओएसएल 10,000 एम 3 ईंधन-भंडारण टैंकों के जरिये सुविधा प्रदान करेगा। इससे हवाई यातायात की मांग के अनुसार क्षमता को तेजी से बढ़ाने की सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट पर सभी विमान स्टैंड भूमिगत हाइड्रेंट प्रणाली से जुड़े होंगेे। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि मजबूत तकनीकी प्रस्ताव और बेहतर परिचालन योजना की वजह से इस काम में और मजबूती प्रदान होगी। वहीं, आईओएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टीएस दुपारे ने कहा कि इस साझेदारी के दायरे में आधुनिक विमानन ईंधन बुनियादी ढांचे का विकास शामिल होगा।
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एयरपोर्ट के दूसरे चरण के अधिग्रहण के लिए शासन को जाएगी अंतिम रिपोर्ट
ग्रेटर नोएडा/जेवर। नोएडा एयरपोर्ट के दूसरे चरण के जमीन अधिग्रहण के लिए फाइनल रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी इससे पहले ड्राफ्ट पर गठित कमेटी की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। दरअसल, इससे पहले जेवर के 6 गांवों के प्रभावित किसान परिवारों के सामाजिक समाघात निर्धारण (एसआईए) पर लोक सुनवाई का काम पूरा किया गया। प्रशासन व गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय की 6 सदस्यीय टीम के साथ संबंधित अधिकारियों की बैठक भी हुई। इसमें इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई। अब शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। कुल 1365 हेक्टेयर जमीन को अधिसूचित किया गया है। इसमें 124 हेक्टेयर सरकारी जमीन है। इसे सीधा नागरिक उड्डयन विभाग के नाम करा दिया जाएगा। 57 हेक्टेयर जमीन का यीडा पहले से अधिग्रहण कर चुका है। करौली बांगर की 159 हेक्टेयर, दयानतपुर की 145, कुरैब की 326 रन्हेरा की 458 मुंढरह की 46 और बीरमपुर की 49 हेक्टेयर खेती की जमीन सहित कुल 1185 हेक्टेयर का अधिग्रहण किया जाना है।
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