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एआई की चुनौती को अवसर में बदलना होगा : मेघवाल
Wed, 05 Nov 2025 01:53 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Wed, 05 Nov 2025 01:53 AM IST
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कानून मंत्री मेघवाल
- फोटो : मां व दो बच्चों को गंवाने वाले भिखारीपुरवा निवासी घनश्याम।
थानो गांव में आयोजित स्पर्श हिमालय महोत्सव के दूसरे दिन का शुभारंभ केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को अवसर में बदलकर समाज के विकास के लिए उपयोग करना समय की मांग है।
अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि एक बार वह सुप्रीम कोर्ट के जजों के साथ बातचीत कर रहे थे। तब उन्हें बताया गया कि कुछ देशों में किसी केस के बारे में एआई ने उस केस पर तर्क देते हुए बताया कि वहां के जजों ने गलत फैसला दिया है। इसलिए एआई चुनौती पैदा कर सकता है। तब उन्होंने जजों से कहा कि एआई को रोका नहीं जा सकता है। इस चुनौती को अवसर के रूप में बदलना होगा।
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उन्होंने कहा कि दुनिया में इंडस्ट्री 1.0 में भाप का इंजन आया। इंडस्ट्री 2.0 में बिजली आई। इंडस्ट्री 3.0 में कंप्यूटर आया। इन तीनों का तब विरोध भी हुआ था। अब इंडस्ट्री 4.0 में एआई, रोबोटिक्स और थ्रीडी प्रिंटिंग आई है। इसी प्रिंटिंग से काफी कम समय में भारत से संसद भवन बना है जो आत्म निर्भर भारत की पहचान है।
चिदानंद सरस्वती ने कहा कि एआई को ऋषि इंटेलीजेंस (आरआई) दिशा देगी। गुजरात साहित्य अकादमी के अध्यक्ष भाग्येश झा ने संस्कृत, अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में बोलते हुए कहा कि दुनिया की पांच बड़ी समस्याओं का समाधान वेदव्यास की महाभारत के 11000 श्लोेकों में है। कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत, प्रो डीपी सिंह आदि ने भी विचार रखे।
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केंद्रीय कानून मंत्री ने सुनाए मीरा के भजन
स्पर्श हिमालयन महोत्सव के दूसरे दिन बोलते हुए चिदानंद सरस्वती और अन्य वक्ताओं ने कहा कि केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल लेखक और एक अच्छे भजन गायक भी हैं। जब कानून मंत्री मेघवाल की बोलने की बारी आई तो मौजूद लोगों ने उनसे भजन गाने का अनुरोध किया। मेेघवाल ने मीरा के प्रेम के बारे में विस्तार से बोलते हुए उनका लोकप्रिय भजन ...मेरा दरद न जाने कोय गाया तो लोग तालियां बजाने से खुद को रोक नहीं सके। मेघवाल ने कहा कि नए संसद भवन में उन्होंने पहला बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल पेश किया था। जिसे पीएम मोदी ने सर्वसम्मति से पास कराकर इतिहास रच दिया। तब उन्होंने इस पर संसद में एक गीत प्रस्तुत किया था। नारी को वंदन करने का अवसर मोदी ने दिलाया है। एक अटके हुए बिल को संसद में पास कराया है। उन्होंने अपनी पत्नी पाना देवी के ऊपर लिखी पुस्तक एक सफर हमसफर के साथ का जिक्र भी किया।
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केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को अवसर में बदलकर समाज के विकास के लिए उपयोग करना समय की मांग है।
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अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि एक बार वह सुप्रीम कोर्ट के जजों के साथ बातचीत कर रहे थे। तब उन्हें बताया गया कि कुछ देशों में किसी केस के बारे में एआई ने उस केस पर तर्क देते हुए बताया कि वहां के जजों ने गलत फैसला दिया है। इसलिए एआई चुनौती पैदा कर सकता है। तब उन्होंने जजों से कहा कि एआई को रोका नहीं जा सकता है। इस चुनौती को अवसर के रूप में बदलना होगा।
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उन्होंने कहा कि दुनिया में इंडस्ट्री 1.0 में भाप का इंजन आया। इंडस्ट्री 2.0 में बिजली आई। इंडस्ट्री 3.0 में कंप्यूटर आया। इन तीनों का तब विरोध भी हुआ था। अब इंडस्ट्री 4.0 में एआई, रोबोटिक्स और थ्रीडी प्रिंटिंग आई है। इसी प्रिंटिंग से काफी कम समय में भारत से संसद भवन बना है जो आत्म निर्भर भारत की पहचान है।
चिदानंद सरस्वती ने कहा कि एआई को ऋषि इंटेलीजेंस (आरआई) दिशा देगी। गुजरात साहित्य अकादमी के अध्यक्ष भाग्येश झा ने संस्कृत, अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में बोलते हुए कहा कि दुनिया की पांच बड़ी समस्याओं का समाधान वेदव्यास की महाभारत के 11000 श्लोेकों में है। कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत, प्रो डीपी सिंह आदि ने भी विचार रखे।
केंद्रीय कानून मंत्री ने सुनाए मीरा के भजन
स्पर्श हिमालयन महोत्सव के दूसरे दिन बोलते हुए चिदानंद सरस्वती और अन्य वक्ताओं ने कहा कि केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल लेखक और एक अच्छे भजन गायक भी हैं। जब कानून मंत्री मेघवाल की बोलने की बारी आई तो मौजूद लोगों ने उनसे भजन गाने का अनुरोध किया। मेेघवाल ने मीरा के प्रेम के बारे में विस्तार से बोलते हुए उनका लोकप्रिय भजन ...मेरा दरद न जाने कोय गाया तो लोग तालियां बजाने से खुद को रोक नहीं सके। मेघवाल ने कहा कि नए संसद भवन में उन्होंने पहला बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल पेश किया था। जिसे पीएम मोदी ने सर्वसम्मति से पास कराकर इतिहास रच दिया। तब उन्होंने इस पर संसद में एक गीत प्रस्तुत किया था। नारी को वंदन करने का अवसर मोदी ने दिलाया है। एक अटके हुए बिल को संसद में पास कराया है। उन्होंने अपनी पत्नी पाना देवी के ऊपर लिखी पुस्तक एक सफर हमसफर के साथ का जिक्र भी किया।