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Noida News: राजकीय कॉलेज में अधूरा पड़ा बास्केटबॉल कोर्ट
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राजकीय कॉलेज में अधूरा पड़ा बास्केटबॉल कोर्ट
स्लोगन बनकर रह गया शिक्षा के साथ खेल
छात्रों को खुदी हुई मिट्टी पर करना पड़ रहा अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-39 स्थित राजकीय विश्वविद्यालय में शिक्षा के साथ खेल को बढ़ावा देने की बातें फिलहाल केवल स्लोगन तक सीमित नजर आ रही हैं। विश्वविद्यालय परिसर में बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण अधूरा पड़े होने से छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खेल सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी खाली जमीन पर अभ्यास करने को मजबूर हैं, जिससे न सिर्फ उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है बल्कि चोट लगने का खतरा भी बना रहता है।विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण कार्य पिछले वर्ष अगस्त में शुरू किया गया था। इस परियोजना को शुरू कराने के लिए विधायक और अथॉरिटी स्तर पर भी पहल की गई थी लेकिन कई महीनों बाद भी काम अधर में लटका हुआ है। ग्राउंड के पास खुदाई कर मिट्टी डाल दी गई, उसके बाद निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। वर्तमान स्थिति यह है कि कोर्ट के नाम पर सिर्फ मिट्टी और अधूरी खुदाई दिखाई देती है।
नॉर्थ इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर हासिल किया कीर्तिमान
राजकीय विश्वविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. दिनेश चंद ने बताया कि कॉलेज में करीब 2000 छात्र-छात्राएं पढ़ रही हैं, जिनमें से लगभग एक हजार विद्यार्थी बास्केटबॉल खेलते हैं। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के छात्रों ने उपलब्धियों से यह साबित भी किया है कि उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष छात्राएं सोनी और ज्योति ने बास्केटबॉल में नॉर्थ इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर कीर्तिमान हासिल किया था लेकिन विडंबना यह है कि उनके पास अभ्यास के लिए एक पूरा बास्केटबॉल कोर्ट तक नहीं है। प्राचार्य का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं छात्रों का कहना है कि खाली और असमतल जमीन पर अभ्यास करने से उनकी तकनीक और फिटनेस दोनों पर असर पड़ रहा है।
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स्लोगन बनकर रह गया शिक्षा के साथ खेल
छात्रों को खुदी हुई मिट्टी पर करना पड़ रहा अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-39 स्थित राजकीय विश्वविद्यालय में शिक्षा के साथ खेल को बढ़ावा देने की बातें फिलहाल केवल स्लोगन तक सीमित नजर आ रही हैं। विश्वविद्यालय परिसर में बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण अधूरा पड़े होने से छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खेल सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी खाली जमीन पर अभ्यास करने को मजबूर हैं, जिससे न सिर्फ उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है बल्कि चोट लगने का खतरा भी बना रहता है।विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण कार्य पिछले वर्ष अगस्त में शुरू किया गया था। इस परियोजना को शुरू कराने के लिए विधायक और अथॉरिटी स्तर पर भी पहल की गई थी लेकिन कई महीनों बाद भी काम अधर में लटका हुआ है। ग्राउंड के पास खुदाई कर मिट्टी डाल दी गई, उसके बाद निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। वर्तमान स्थिति यह है कि कोर्ट के नाम पर सिर्फ मिट्टी और अधूरी खुदाई दिखाई देती है।
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नॉर्थ इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर हासिल किया कीर्तिमान
राजकीय विश्वविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. दिनेश चंद ने बताया कि कॉलेज में करीब 2000 छात्र-छात्राएं पढ़ रही हैं, जिनमें से लगभग एक हजार विद्यार्थी बास्केटबॉल खेलते हैं। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के छात्रों ने उपलब्धियों से यह साबित भी किया है कि उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष छात्राएं सोनी और ज्योति ने बास्केटबॉल में नॉर्थ इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर कीर्तिमान हासिल किया था लेकिन विडंबना यह है कि उनके पास अभ्यास के लिए एक पूरा बास्केटबॉल कोर्ट तक नहीं है। प्राचार्य का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं छात्रों का कहना है कि खाली और असमतल जमीन पर अभ्यास करने से उनकी तकनीक और फिटनेस दोनों पर असर पड़ रहा है।
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