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Noida News: सप्ताह में सिर्फ दो-तीन बार खुलता है आयुष्मान आरोग्य मंदिर
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स्वास्थ्य केंद्र के बाहर लगा कूड़े का ढेर, ग्रामीणों को है संक्रमण का खतरा
पुनीत कुमार
यमुना सिटी।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को गांव के स्तर पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जेवर ब्लॉक के रामपुर बांगर गांव में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलता है। सप्ताह में सिर्फ दो-तीन बार स्वास्थ्य केंद्र खुलने के कारण ग्रामीणों को इलाज और दवाइयों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रामपुर बांगर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया गया है, लेकिन इसका नियमित संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में जिन लोगों को बीमारी, जांच या दवा के लिए गांव में ही स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए, उन्हें दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोग्य मंदिर पर तैनात डॉक्टर भी निर्धारित समय पर केंद्र पर नहीं पहुंचते। इसके चलते सुबह स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाले ग्रामीणों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि केंद्र पर पहुंचने के बाद कई बार उन्हें जरूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र जैसी महत्वपूर्ण जगह पर साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए, लेकिन गांव के स्वास्थ्य केंद्र के आसपास ही सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र के बराबर में कूड़े का ढेर लगा हुआ है, जिससे वहां गंदगी और दुर्गंध की स्थिति बनी रहती है।
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चिकित्सक को पहले भी नियमित रूप से आरोग्य मंदिर आने और निर्धारित समय पर केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
डॉ सर्फे जेया, चिकित्सा अधीक्षक, जेवर
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पुनीत कुमार
यमुना सिटी।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को गांव के स्तर पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जेवर ब्लॉक के रामपुर बांगर गांव में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलता है। सप्ताह में सिर्फ दो-तीन बार स्वास्थ्य केंद्र खुलने के कारण ग्रामीणों को इलाज और दवाइयों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रामपुर बांगर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया गया है, लेकिन इसका नियमित संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में जिन लोगों को बीमारी, जांच या दवा के लिए गांव में ही स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए, उन्हें दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोग्य मंदिर पर तैनात डॉक्टर भी निर्धारित समय पर केंद्र पर नहीं पहुंचते। इसके चलते सुबह स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाले ग्रामीणों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि केंद्र पर पहुंचने के बाद कई बार उन्हें जरूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा जाता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र जैसी महत्वपूर्ण जगह पर साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए, लेकिन गांव के स्वास्थ्य केंद्र के आसपास ही सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र के बराबर में कूड़े का ढेर लगा हुआ है, जिससे वहां गंदगी और दुर्गंध की स्थिति बनी रहती है।
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चिकित्सक को पहले भी नियमित रूप से आरोग्य मंदिर आने और निर्धारित समय पर केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
डॉ सर्फे जेया, चिकित्सा अधीक्षक, जेवर