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उपहार अग्निकांड : दोषियों को भ्रम था वे सजा से बच जाएंगे ...
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नई दिल्ली। अदालत ने उपहार अग्निकांड से जुड़े मामले में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कहा कि आरोपियों को भ्रम था कि अपने गलत मंसूबों के चलते वे सजा से बच जाएंगे, ये अब दुनिया के सामने आ चुका है।
पटियाला हाउस अदालत के मुख्य महानगर दंडाधिकारी पंकज शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि अंसल बंधुओं, दिनेश चंद शर्मा, बत्रा और सिंह पर आपराधिक साजिश, साक्ष्य गायब होने और सरकारी कर्मचारी द्वारा विश्वासघात करने का आरोप संदेह से परे साबित हुआ है।
अदालत ने कहा कि दोषियों ने उन दस्तावेजों को नष्ट कर दिया जिनसे मुख्य केस में उनकी संलिप्तता साबित हो सकती थी। उन्होंने सजा से बचने के लिए साजिश के तहत चुनकर खास दस्तावेज व साक्ष्य नष्ट किए। इस तरह दोषियों ने मुकदमे की सुनवाई में बाधा पहुंचाई और न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया।
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अदालत ने कहा कि दोषियों ने जिस तरह न्याय प्रक्रिया को अपवित्र किया वह न्यायिक शासन प्रणाली को दूषित करने से कम नहीं था। दस्तावेज और साक्ष्यों से किसी भी तरह लाभ लेने की दोषियों का कृत्य दिखाता है उनके मन में न्यायिक प्रक्रिया के लिए कोई सम्मान नहीं है, जबकि ये हमारे लोकतंत्र का आधार है। दोषियों ने अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
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पटियाला हाउस अदालत के मुख्य महानगर दंडाधिकारी पंकज शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि अंसल बंधुओं, दिनेश चंद शर्मा, बत्रा और सिंह पर आपराधिक साजिश, साक्ष्य गायब होने और सरकारी कर्मचारी द्वारा विश्वासघात करने का आरोप संदेह से परे साबित हुआ है।
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अदालत ने कहा कि दोषियों ने उन दस्तावेजों को नष्ट कर दिया जिनसे मुख्य केस में उनकी संलिप्तता साबित हो सकती थी। उन्होंने सजा से बचने के लिए साजिश के तहत चुनकर खास दस्तावेज व साक्ष्य नष्ट किए। इस तरह दोषियों ने मुकदमे की सुनवाई में बाधा पहुंचाई और न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया।
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अदालत ने कहा कि दोषियों ने जिस तरह न्याय प्रक्रिया को अपवित्र किया वह न्यायिक शासन प्रणाली को दूषित करने से कम नहीं था। दस्तावेज और साक्ष्यों से किसी भी तरह लाभ लेने की दोषियों का कृत्य दिखाता है उनके मन में न्यायिक प्रक्रिया के लिए कोई सम्मान नहीं है, जबकि ये हमारे लोकतंत्र का आधार है। दोषियों ने अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी थी।