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यूपी में निकलते थे नकल के टेंडर, हमने शिक्षा के स्तर को ए ग्रेड तक पहुंचाया

Sun, 12 Sep 2021 08:08 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 12 Sep 2021 08:08 PM IST
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Tenders for copying used to come out in UP, we raised the level of education to A grade
दादरी के गांव धूममानिकपुर स्थित केशव माधव लॉ कॉलेज में आयोजित शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते उप? - फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले यूपी में नकल के टेंडर निकलते थे। परीक्षा कोई देता था, पास कोई और होता था। दादरी में रविवार को आयोजित शिक्षक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने यूपी के सी ग्रेड शिक्षा स्तर को ए ग्रेड तक पहुंचा दिया है। उन्होंने सरकार के कार्यकाल में शिक्षकों के उत्थान के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने घोषणा की अब छात्राएं प्रदेश के किसी भी राजकीय माध्यमिक और जूनियर विद्यालयों में छात्रों के साथ शिक्षा ले सकती हैं। छात्राओं को सभी विद्यालयों में प्रवेश लेने की छूट होगी। इससे उन्हें प्रवेश लेने में परेशानी नहीं आएगी। वह नजदीकी विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करे सकेंगी।
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दादरी के केशव माधव लॉ कॉलेज में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि यह शिक्षकों का महाकुंभ है। उन्होंने कम लोगों को सम्मेलन में बुलाया था। इसलिए बड़े स्थल की व्यवस्था नहीं की थी। लेकिन बारिश, गर्मी आदि को दरकिनार कर बड़ी संख्या में शिक्षक पहुंचे हैं। शिक्षा, शिक्षार्थ और विद्यार्थी भाजपा सरकार की प्राथमिकता हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यूपी में नकल का टेंडर निकलता है। जब हमारी सरकार ने कार्यभार संभाला तो यह बिल्कुल सही निकला।
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प्रदेश में दूसरी प्रदेश से छात्र बस में भरकर यहां पास होने के लिए आते थे। पुस्तक लिखने का धंधा चलता था। 12 से 15 हजार केंद्र बनते थे। दो से ढाई महीने में परीक्षा संपन्न होती थी। पूरे प्रदेश में एक ही प्रश्नपत्र चलता था। इस पर हमने रोक लगाते हुए शिक्षा के स्तर में सुधार किया। प्रश्नपत्र बदले, पाठ्यक्रम बदला, 1.94 लाख सीसीटीवी लगाकर नकल विहीन परीक्षा केंद्र बनाए। मंडलीय शिक्षा निदेशकों की शक्तियां बढ़ाईं। महाविद्यालयों के पूर्णकालिक शिक्षकों को शोध का अधिकार देंगे। पीएचडी में प्रवेश में आने वाली परेशानी को दूर किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षकों को नियमित करने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाएंगे। संस्कृत शिक्षकों के मृतक आश्रितों को नौकरी की व्यवस्था की। शिक्षकों की सम्मान राशि बढ़ाकर 25 हजार की। शिक्षकों को सम्मान दिया। वित्त विहीन शिक्षकों को सम्मान दिया।
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वेतन और तबादले की ऑनलाइन व्यवस्था कर भ्रष्टाचार पर प्रहार
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रदेश में वेतन और तबादले की ऑनलाइन नीति शुरू कर भ्रष्टाचार पर प्रहार किया है। पहले वेतन कम देकर अधिक वेतन पर हस्ताक्षर करा लिए जाते थे। तबादले के नाम पर वसूली होती थी। लेकिन ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से न केवल पारदर्शिता आई है बल्कि भ्रष्टाचार पर प्रहार हुआ है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन को गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर, जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह, राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त नवाब सिंह नागर, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय भाटी, राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त सुशील भराना, विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी ने भी संबोधित किया।
कोरोना काल में प्रदेश में 56 हजार करोड़ का निवेश
ग्रेटर नोएडा। शिक्षक सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री डा. दिनेश शर्मा ने प्रदेश सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर होने का दावा किया। गौतमबुद्घ नगर आईटी का हब बनता जा रहा है। यहां देश का सबसे बड़ा डाटा सेंटर बना है। 70 फीसदी मोबाइल कंपनियां या तो जिले में काम कर रही हैं या फिर काम शुरू करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में भी प्रदेश में 56 हजार करोड़ का निवेश हुआ है। पांच साल में 30 हजार करोड़ के निवेश और तीन लाख नौकरी के लक्ष्य को तीन साल में पूरा कर लिया गया है। अब, 2020 में दूसरी नीति में 40 हजार करोड़ के निवेश और 4 लाख युवाओं को रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने दावा किया कि पूर्व की सरकारों ने 15 साल में 48 विद्यालय बनाए थे। जबकि भाजपा ने 4 वर्षों में 250 विद्यालय बनाए हैं। प्रदेश के 30 जिलों में मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि और 4.5 लाख नौकरियों की परीक्षा के परिणाम आने वाले हैं। इनमें 1.5 लाख शिक्षक और 1.34 लाख पुलिसकर्मी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई शिक्षण व्यवस्था दूसरे राज्यों को राह दिखा रही है। पहले यूपी की शिक्षा प्रणाली सी ग्रेड पर थी। लेकिन अब ए ग्रेड पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव के लिए चार मंत्र तय किए थे। जिनमें तनावमुक्त विद्यार्थी, गुणवत्तापरक शिक्षा, नकल विहीन परीक्षा और सुखी मन शिक्षक है।
पूरे देश में सबसे कम कीमत पर एनसीईआरटी की पुस्तकें यूपी में उपलब्ध हैं। अभी हाल ही में डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाई गई है जिसमें 90 हजार से अधिक सामग्री उपलब्ध है। शोध को प्रोत्साहन के लिए विश्वविद्यालयों में शोध पीठ बनाई गई है। प्रदेश में पहले माफियाओं की सवारी निकलती थी। अब उनकी जगह जेल में हैं या फिर ऊपर सुनिश्चित हो चुकी है। प्रदेश में अपराधों में 40 फीसदी कमी आई है।

श्रीचंद शर्मा ने मंच से रखी शिक्षकों की समस्याएं, शिक्षकों ने दिए पत्र
विधान परिषद सदस्य और शिक्षक सम्मेलन के आयोजक श्रीचंद शर्मा ने सम्मलेन में शिक्षकों की समस्याओं को उपमुख्यमंत्री के सामने रखीं। उन्होंने वित्तविहीन शिक्षकों को भी समानता पर लाने की मांग की। वहीं, अन्य शिक्षकों ने भी लिखित पत्र देकर अपनी समस्याएं रखीं। वहीं, सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि डॉ. दिनेश शर्मा राजनेता नहीं बल्कि संस्कारों की कुंजी हैं। उन्होंने अपने लिए कहा कि वह भी शिक्षक पुत्र हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. दिनेश शर्मा ने श्रीचंद शर्मा के लिए कहा है कि हमने सही व्यक्ति का चुनाव किया है।
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