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Noida News: वंदे भारत की मेंटेनेंस के दौरान तकनीशियन को लगा करंट, झुलसा

Thu, 04 Jul 2024 09:47 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jul 2024 09:47 PM IST
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Technician electrocuted during maintenance of Vande Bharat, burnt
ट्रेन के ऊपर चढ़कर पेंटोग्राफ की जांच करते समय ओवरहेड वायर पर हाथ लग गया था
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लापरवाही बरतते वाले सीनियर सेक्शन अफसर को रेलवे ने किया निलंबित
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65 फीसदी झुलसा, नीचे गिरने सिर भी फटा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शकूर बस्ती रेल कोच डिपो में वंदे भारत ट्रेन के ऊपर पेंटोग्राफ (विद्युतग्राही) का निरीक्षण करने के दौरान करंट लगने से एक तकनीशियन यश बुरी तरह झुलस गया। पेंटोग्राफ से ट्रेन चलाने के लिए बिजली मिलती है। अचानक वह ओवरहेड वायर (ओएचई) की चपेट में आ गया और करंट लगने से नीचे जमीन पर जा गिरा। हादसे में उसका 65 फीसदी शरीर झुलसने के अलावा जमीन पर गिरने से सर भी फट गया। वहीं, सूचना मिलते ही डिपो में अफरातफरी मच गई। कर्मियों ने काम बंदकर यश को निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन गंभीरता को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। मामले में रेलवे ने लापरवाही बरतने वाले सीनियर सेक्शन अफसर को निलंबित भी कर दिया है।
रेलवे के अनुसार, शकूर बस्ती रेल कोच डिपो में यश (टी नंबर-424) वंदे भारत ट्रेन की मेंटेनेंस कर रहा था। इस बीच वह ट्रेन के पेंटोग्राफ का निरीक्षण करने छत पर चढ़ गया, तभी उसका एक हाथ ओवरहेड वायर (ओएचई) के चपेट में गया। करंट लगने से करीब 65 फीसदी शरीर झुलस गया। आननफानन में उसे नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा के बाद सफदरजंग में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है उसकी हालत गंभीर है और आईसीयू में रखा गया है। यश के पिता रेलवे में कर्मचारी थे और अनुकंपा के आधार पर वह नौकरी कर रहा है।
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कर्मचारियों ने उठाया सवाल, काम किया बंद
डिपो के कर्मचारियों की माने तो इसके पीछे रेलवे की लापरवाही है। घटना के बाद डिपो के कर्मचारियों ने काम करना बंद कर दिया। लिखित शिकायत में कहा गया कि नौकरी अनुकंपा पर मिली थी। फिर भी, उसे पेंटोग्राफ चेक करने का कार्य दिया गया। तकनीकी तौर पर दक्ष न होने से वह ओएचई की चपेट में आ गया और हादसे का शिकार हो गया। इसमें पूरी लापरवाही रेलवे प्रशासन की है। तकनीशियन को बिना ट्रेनिंग दिए कार्य करने के लिए नामित किया गया था।
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कर्मचारियों ने शिकायती पत्र सौंपे
हादसे की सूचना मिलने पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पहले तो पीड़ित को अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया। इस मौके पर डिपो के कर्मचारियों ने उन्हें सुरक्षा से जुड़ा शिकायती पत्र सौंपा। इसमें मांग की गई कि सभी अप्रैंटिस को सुरक्षा किट दी जाए। कर्मियों को मेडिकल की सुविधा मिले। एक काम पूरा होने के बाद तुरंत दूसरा काम न दिया जाए। कई शिफ्ट में काम कराया जाता है। कर्मचारियों की कमी है। छोटी-छोटी बातों पर नोटिस दिया जाता है, जिससे मानसिक संतुलन बिगड़ा रहता है। इसके अलावा कई शिकायतें वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर को कर्मचारियों ने मौके पर सौंपी। रेलवे अधिकारी ने मांगों पर जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिया। साथ ही, यश के मामले में सीनियर सेक्शन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके बाद ही देर शाम कर्मचारियों ने डिपो में काम करना शुरू किया।

मामले की होगी जांच
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि देर शाम से शकूरपुर डिपो में कर्मचारियों ने काम करना शुरू कर दिया है। हादसे के शिकार यश को बेहतर चिकित्सा रेलवे की तरफ से दी जा रही है। उसकी हालत में सुधार हो रहा है। मामले की जांच होगी कि आखिर ऐसा हादसा कैसे हुआ।
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