{"_id":"619fcd28553c73283d399c9c","slug":"team-reached-on-the-information-of-tiger-sighting-mewat-news-noi617856510","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ दिखने की सूचना पर पहुंची टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ दिखने की सूचना पर पहुंची टीम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तावडू। उपमंडल के गांव खरक जलालपुर के पहाड़ में बाघ दिखने की सूचना से वन विभाग टीम में हड़कंप मच गया। इसके बाद वन विभाग की टीम बाघ की तलाश में खरक जलालपुर के पहाड़ पर पहुंच गई। 2 घंटे तक बाघ और उसके पंजों के निशान को ढूंढती रही, लेकिन वन विभाग की टीम को निराशा हाथ लगी।
जिला वन अधिकारी बिजेन्द्र सिंह ने बताया कि तावडू वन विभाग कर्मचारियों को मोबाइल पर 15 सेकंड का एक वीडियो मिला। वीडियो में एक बाघ जंगली क्षेत्र में टहलता हुआ नजर आ रहा है। सूचना के मुताबिक एक ग्रामीण ने इस वीडियो को खुद बनाने करने का दावा करते हुए इसे गांव खरक जलालपुर के पहाड़ी क्षेत्र का बताया। टीम ने बृहस्पतिवार को खरक जलालपुर के पहाड़ पर पहुंची। वन विभाग टीम ने वीडियो बनाने का दावा करने वाले व्यक्ति को साथ लेकर बारीकी से निरीक्षण किया। लगभग दो घंटे तक अलग-अलग जगहों पर बाघ की तलाश में घूमते रहे। वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान टीम को पहाड़ पर बाघ का कोई निशान, मल मूत्र, सुगंध आदि नहीं मिली। वीडियो में देखी गई जगह भी मेल नहीं खा रही है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में तेंदुए अक्सर देखे जाते हैं, लेकिन बाघ का मिलना बहुत आश्चर्य जनक है, लेकिन यदि क्षेत्र में बाघ है तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वीडियो की सत्यता की जानकारी जुटाई जा रही है।
विज्ञापन
जिला वन अधिकारी बिजेन्द्र सिंह ने बताया कि तावडू वन विभाग कर्मचारियों को मोबाइल पर 15 सेकंड का एक वीडियो मिला। वीडियो में एक बाघ जंगली क्षेत्र में टहलता हुआ नजर आ रहा है। सूचना के मुताबिक एक ग्रामीण ने इस वीडियो को खुद बनाने करने का दावा करते हुए इसे गांव खरक जलालपुर के पहाड़ी क्षेत्र का बताया। टीम ने बृहस्पतिवार को खरक जलालपुर के पहाड़ पर पहुंची। वन विभाग टीम ने वीडियो बनाने का दावा करने वाले व्यक्ति को साथ लेकर बारीकी से निरीक्षण किया। लगभग दो घंटे तक अलग-अलग जगहों पर बाघ की तलाश में घूमते रहे। वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान टीम को पहाड़ पर बाघ का कोई निशान, मल मूत्र, सुगंध आदि नहीं मिली। वीडियो में देखी गई जगह भी मेल नहीं खा रही है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में तेंदुए अक्सर देखे जाते हैं, लेकिन बाघ का मिलना बहुत आश्चर्य जनक है, लेकिन यदि क्षेत्र में बाघ है तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वीडियो की सत्यता की जानकारी जुटाई जा रही है।
विज्ञापन