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शिक्षिका 5 लोगों को दे गई जिंदगी, दो ग्रीन कॉरिडोर बना एयरपोर्ट तक पहुंचाए अंग
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नोएडा फोर्टिस अस्पताल सेक्टर-62 से ग्रीन क्वारिडोर बनाकर ले जाते मानव अंग
शिक्षिका 5 लोगों को दे गई जिंदगी, दो ग्रीन कॉरिडोर बना एयरपोर्ट तक पहुंचाए अंग
नोएडा। स्कूल में पढ़ाकर बच्चों का भविष्य संवारने वाली अलीगढ़ के मेरिस रोड निवासी शिक्षिका पूजा भार्गव (44) मरकर भी 5 लोगाें को जिंदगी दे गईं। सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित होने के बाद महिला के हृदय, फेफड़े, लिवर और किडनी जरूरतमंद मरीजाें को दान किए गए। इनमें से हृदय को चेन्नई, फेफड़े को मुंबई पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली भेजा गया। वहीं, एक किडनी को दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों ने कहा कि पूजा के अंगाें से अन्य लोगाें को जीवन मिला इसकी उन्हें खुशी है।
पूजा को ब्रेन एन्यूरिज्म (ब्रेन हेमरेज) होने से 14 जनवरी को नोएडा फोर्टिस अस्पताल लाया गया था। बाद में उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। महिला के अंग जरूरतमंदाें के काम आ जाएं, इसे देखते हुए परिवार ने बृहस्पतिवार को हृदय, फेफड़े, लिवर और किडनी दान करने का निर्णय लिया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शानू शर्मा ने बताया कि दोपहर 2 बजे हृदय को शरीर से अलग कर लिया गया। फोर्टिस से 48 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 36 मिनट में आईजीआई एयरपोर्ट तक पहुंचाया। फेफड़े दोपहर 2:20 बजे शरीर से अलग किए। इसके बाद अस्पताल से आईजीआई एयरपोर्ट तक दूसरा ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पहुंचाया गया। हृदय विमान से चेन्नई में एमजीएम हेल्थकेयर और फेफड़े को मुंबई के एचएन रिलायंस अस्पताल तक पहुंचाया गया। वहीं, एक किडनी फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग के मरीज को दी गई। इसके अलावा लिवर और एक किडनी नोएडा फोर्टिस अस्पताल में भर्ती दो मरीजाें को दी गई। अस्पताल के डॉक्टर विवेक विज ने लिवर ट्रांसप्लांट और डॉ. अनुजा पोरवाल व डॉ. दुष्यंत नाडर ने किडनी ट्रांसप्लांट की।
नोएडा व दिल्ली पुलिस ने तैयार किया कॉरिडोर
नोएडा फोर्टिस अस्पताल के जोनल निदेशक हरदीप सिंह ने बताया कि परिवार की अंगदान की सहमति मिलने के बाद नोएडा और दिल्ली पुलिस से संपर्क किया गया था। दोनाें जगह की पुलिस ने पूरा रूट चार्ट तैयार कर ग्रीन कॉरिडोर बनाया। ध्यान रखा गया कि किसी भी रूट पर वाहनाें की आवाजाही के कारण समय बर्बाद न हो जाए। पुलिस की मदद से कम समय में ही आईजीआई एयरपोर्ट तक पहुंच गए।
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बेहद शालीन और होनहार थीं पूजा
परिजनाें ने बताया कि अलीगढ़ के एक निजी स्कूल में पूजा पढ़ाती थीं। पेशे से शिक्षिका होने के कारण वह बेहद शालीन और होनहार थीं। हमेशा बच्चों के बेहतर भविष्य बुनने की कोशिश करती थीं। जिंदा रहते हुए उनका जीवन बच्चों के लिए था, अब मौत के बाद वह दूसराें की जिंदगी रोशन कर गई हैं। उनका एक बेटा है। ऐसे दुखद क्षण में परिवार के अंगदान करने के साहसिक निर्णय को अस्पताल प्रशासन ने सराहा है।
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नोएडा। स्कूल में पढ़ाकर बच्चों का भविष्य संवारने वाली अलीगढ़ के मेरिस रोड निवासी शिक्षिका पूजा भार्गव (44) मरकर भी 5 लोगाें को जिंदगी दे गईं। सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित होने के बाद महिला के हृदय, फेफड़े, लिवर और किडनी जरूरतमंद मरीजाें को दान किए गए। इनमें से हृदय को चेन्नई, फेफड़े को मुंबई पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली भेजा गया। वहीं, एक किडनी को दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों ने कहा कि पूजा के अंगाें से अन्य लोगाें को जीवन मिला इसकी उन्हें खुशी है।
पूजा को ब्रेन एन्यूरिज्म (ब्रेन हेमरेज) होने से 14 जनवरी को नोएडा फोर्टिस अस्पताल लाया गया था। बाद में उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। महिला के अंग जरूरतमंदाें के काम आ जाएं, इसे देखते हुए परिवार ने बृहस्पतिवार को हृदय, फेफड़े, लिवर और किडनी दान करने का निर्णय लिया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शानू शर्मा ने बताया कि दोपहर 2 बजे हृदय को शरीर से अलग कर लिया गया। फोर्टिस से 48 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 36 मिनट में आईजीआई एयरपोर्ट तक पहुंचाया। फेफड़े दोपहर 2:20 बजे शरीर से अलग किए। इसके बाद अस्पताल से आईजीआई एयरपोर्ट तक दूसरा ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पहुंचाया गया। हृदय विमान से चेन्नई में एमजीएम हेल्थकेयर और फेफड़े को मुंबई के एचएन रिलायंस अस्पताल तक पहुंचाया गया। वहीं, एक किडनी फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग के मरीज को दी गई। इसके अलावा लिवर और एक किडनी नोएडा फोर्टिस अस्पताल में भर्ती दो मरीजाें को दी गई। अस्पताल के डॉक्टर विवेक विज ने लिवर ट्रांसप्लांट और डॉ. अनुजा पोरवाल व डॉ. दुष्यंत नाडर ने किडनी ट्रांसप्लांट की।
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नोएडा व दिल्ली पुलिस ने तैयार किया कॉरिडोर
नोएडा फोर्टिस अस्पताल के जोनल निदेशक हरदीप सिंह ने बताया कि परिवार की अंगदान की सहमति मिलने के बाद नोएडा और दिल्ली पुलिस से संपर्क किया गया था। दोनाें जगह की पुलिस ने पूरा रूट चार्ट तैयार कर ग्रीन कॉरिडोर बनाया। ध्यान रखा गया कि किसी भी रूट पर वाहनाें की आवाजाही के कारण समय बर्बाद न हो जाए। पुलिस की मदद से कम समय में ही आईजीआई एयरपोर्ट तक पहुंच गए।
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बेहद शालीन और होनहार थीं पूजा
परिजनाें ने बताया कि अलीगढ़ के एक निजी स्कूल में पूजा पढ़ाती थीं। पेशे से शिक्षिका होने के कारण वह बेहद शालीन और होनहार थीं। हमेशा बच्चों के बेहतर भविष्य बुनने की कोशिश करती थीं। जिंदा रहते हुए उनका जीवन बच्चों के लिए था, अब मौत के बाद वह दूसराें की जिंदगी रोशन कर गई हैं। उनका एक बेटा है। ऐसे दुखद क्षण में परिवार के अंगदान करने के साहसिक निर्णय को अस्पताल प्रशासन ने सराहा है।