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Noida News: स्विमिंग पूल का पानी नाले में बहाने के बजाय शोधित कर किया इस्तेमाल
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गौड़ सिटी-2 स्थित प्रिस्टिन सोसाइटी की एओए की पहल, दो लाख लीटर पानी बचाया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अक्सर पानी की किल्लत झेल रहे लोगों ने पानी बचाने की नई तरकीब निकाली है। गौड़ सिटी-2 स्थित प्रिस्टिन सोसाइटी की एओए ने स्विमिंग पूल का पानी नाले में बहाने के बजाय एसटीपी से ट्रीट कराया ताकि दोबारा इस्तेमाल में लगाया जा सके। इस तरह से करीब दो लाख लीटर पानी बचाया है।
एओए अध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि पहले बिल्डर प्रबंधन सोसाइटी की देखरेख करता था। इस दौरान स्विमिंग पूल बंद करने पर उसका पानी को सीधे नाले में डाल दिया जाता था। एओए ने मेंटेनेंस प्रबंधन के साथ मिलकर पानी बचाने की पहल शुरू की। ग्रेनो वेस्ट स्थित कई सोसाइटियों में आए दिन पानी की समस्या लोगों को झेलनी पड़ती है। इसको देखते हुए सभी ने स्विमिंग पूल के पानी को एसटीपी से ट्रीट कराकर रख लिया। इस पानी का इस्तेमाल घरों में फ्लश टैंक के लिए भेजा गया।
एसटीपी तक पानी पहुंचाने में लगे दो दिन
सचिव प्रदीप व कोषाध्यक्ष पंकज ने बताया कि स्विमिंग पूल में करीब 2 लाख लीटर पानी था। 15 सितंबर को स्विमिंग पूल को बंद किया गया जिसके बाद 16 सितंबर से पानी को एसटीपी में भेजा गया। उसे तीन बार में एसटीपी के जरिये घरों में पहुंचाया गया। इसमें करीब 2 दिन का समय लगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अक्सर पानी की किल्लत झेल रहे लोगों ने पानी बचाने की नई तरकीब निकाली है। गौड़ सिटी-2 स्थित प्रिस्टिन सोसाइटी की एओए ने स्विमिंग पूल का पानी नाले में बहाने के बजाय एसटीपी से ट्रीट कराया ताकि दोबारा इस्तेमाल में लगाया जा सके। इस तरह से करीब दो लाख लीटर पानी बचाया है।
एओए अध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि पहले बिल्डर प्रबंधन सोसाइटी की देखरेख करता था। इस दौरान स्विमिंग पूल बंद करने पर उसका पानी को सीधे नाले में डाल दिया जाता था। एओए ने मेंटेनेंस प्रबंधन के साथ मिलकर पानी बचाने की पहल शुरू की। ग्रेनो वेस्ट स्थित कई सोसाइटियों में आए दिन पानी की समस्या लोगों को झेलनी पड़ती है। इसको देखते हुए सभी ने स्विमिंग पूल के पानी को एसटीपी से ट्रीट कराकर रख लिया। इस पानी का इस्तेमाल घरों में फ्लश टैंक के लिए भेजा गया।
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एसटीपी तक पानी पहुंचाने में लगे दो दिन
सचिव प्रदीप व कोषाध्यक्ष पंकज ने बताया कि स्विमिंग पूल में करीब 2 लाख लीटर पानी था। 15 सितंबर को स्विमिंग पूल को बंद किया गया जिसके बाद 16 सितंबर से पानी को एसटीपी में भेजा गया। उसे तीन बार में एसटीपी के जरिये घरों में पहुंचाया गया। इसमें करीब 2 दिन का समय लगा।
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