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Noida News: शिक्षा और उद्योग के बीच सेतु का कार्य करने से मिलेगी सफलता
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स्थायी विकास और नवाचार के लिए तीनों क्षेत्रों के बीच विश्वास, संचार और सहयोग अनिवार्य
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में मंगलवार को नवाचार और कौशल के अंतर को पाटने के लिए द्वितीय राउंड टेबल चर्चा का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार ने अध्यक्षता की। चर्चा को सरकारी, अकादमिक और औद्योगिक दृष्टिकोण में विभाजित किया गया जिससे समग्र संवाद सुनिश्चित किया जा सके। प्रो. एम जगदीश कुमार ने नीतिनिर्माताओं, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच आपसी विश्वास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि स्थायी विकास और नवाचार के लिए तीनों क्षेत्रों के बीच विश्वास, संचार और सहयोग अनिवार्य है। वहीं, इस दौरान जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा, आज की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता उन्हीं संस्थानों को मिलेगी जो शिक्षा, उद्योग और शासन के बीच सेतु का कार्य करेंगे। राउंड टेबल चर्चा का उद्देश्य केवल संवाद नहीं, बल्कि व्यावहारिक समाधान और नीतिगत पहल की दिशा में ठोस कदम उठाना है। नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) से डॉ. विपिन कुमार ने तकनीकी महत्वपूर्ण खोजों के निर्माण के लिए स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता के बारे में बताया। वहीं शिक्षा मंत्रालय के डॉ. एससी पांडे और डॉ. जितेन्द्र कुमार ने सरकारी योजनाओं की जागरूकता पर प्रकाश डाला। डॉ. हरप्रीत सिंह ने जमीनी स्तर पर केंद्रित दृष्टिकोण और स्थानीय समस्याओं के लिए केंद्रीकृत समाधान को आवश्यक बताया। बायोटेक्नोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. बिनय आर. पांडा ने 3पी समाधान’ (पीपल , पालिसी , प्रोसेस ) का सुझाव दिया। इस मौके पर 34 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों और शिक्षाविदों ने विचार प्रस्तुत किए।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में मंगलवार को नवाचार और कौशल के अंतर को पाटने के लिए द्वितीय राउंड टेबल चर्चा का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार ने अध्यक्षता की। चर्चा को सरकारी, अकादमिक और औद्योगिक दृष्टिकोण में विभाजित किया गया जिससे समग्र संवाद सुनिश्चित किया जा सके। प्रो. एम जगदीश कुमार ने नीतिनिर्माताओं, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच आपसी विश्वास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि स्थायी विकास और नवाचार के लिए तीनों क्षेत्रों के बीच विश्वास, संचार और सहयोग अनिवार्य है। वहीं, इस दौरान जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा, आज की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता उन्हीं संस्थानों को मिलेगी जो शिक्षा, उद्योग और शासन के बीच सेतु का कार्य करेंगे। राउंड टेबल चर्चा का उद्देश्य केवल संवाद नहीं, बल्कि व्यावहारिक समाधान और नीतिगत पहल की दिशा में ठोस कदम उठाना है। नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) से डॉ. विपिन कुमार ने तकनीकी महत्वपूर्ण खोजों के निर्माण के लिए स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता के बारे में बताया। वहीं शिक्षा मंत्रालय के डॉ. एससी पांडे और डॉ. जितेन्द्र कुमार ने सरकारी योजनाओं की जागरूकता पर प्रकाश डाला। डॉ. हरप्रीत सिंह ने जमीनी स्तर पर केंद्रित दृष्टिकोण और स्थानीय समस्याओं के लिए केंद्रीकृत समाधान को आवश्यक बताया। बायोटेक्नोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. बिनय आर. पांडा ने 3पी समाधान’ (पीपल , पालिसी , प्रोसेस ) का सुझाव दिया। इस मौके पर 34 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों और शिक्षाविदों ने विचार प्रस्तुत किए।
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