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Noida News: गुरु मंत्र
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वंदना शर्मा, शिक्षिका
विद्यार्थी नियमित रूप से आए विद्यालय और सक्रिय रूप से करे सहभागिता
नई शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित करना है। इसमें रटने के स्थान पर समझ, कौशल, रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन और व्यावहारिक ज्ञान को विशेष महत्व दिया गया है।
नई शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विषयों का चयन करने, गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और तकनीकी संसाधनों का उचित उपयोग करने के अवसर मिलते हैं।
सबसे जरूरी है कि विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय आएं और कक्षा में सक्रिय सहभागिता करें।
विषयों को केवल याद करने के बजाय उन्हें समझने और व्यवहार में उतारने का प्रयास करें। परियोजना कार्य, गतिविधियों, प्रयोगों और समूह-कार्य में उत्साहपूर्वक भाग ले। समय-प्रबंधन, अनुशासन और स्व-अध्ययन की आदत विकसित करें। अपनी रुचि व प्रतिभा के अनुसार खेल, कला, संगीत और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लें।
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अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं को शिक्षकों के साथ बांटे और सीखने के लिए सदैव उत्सुक रहें।
नवीन शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वंदना शर्मा, अध्यापिका, विश्व भारती पब्लिक स्कूल
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नेहा शर्मा
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नई शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित करना है। इसमें रटने के स्थान पर समझ, कौशल, रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन और व्यावहारिक ज्ञान को विशेष महत्व दिया गया है।
नई शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विषयों का चयन करने, गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और तकनीकी संसाधनों का उचित उपयोग करने के अवसर मिलते हैं।
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सबसे जरूरी है कि विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय आएं और कक्षा में सक्रिय सहभागिता करें।
विषयों को केवल याद करने के बजाय उन्हें समझने और व्यवहार में उतारने का प्रयास करें। परियोजना कार्य, गतिविधियों, प्रयोगों और समूह-कार्य में उत्साहपूर्वक भाग ले। समय-प्रबंधन, अनुशासन और स्व-अध्ययन की आदत विकसित करें। अपनी रुचि व प्रतिभा के अनुसार खेल, कला, संगीत और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लें।
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अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं को शिक्षकों के साथ बांटे और सीखने के लिए सदैव उत्सुक रहें।
नवीन शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वंदना शर्मा, अध्यापिका, विश्व भारती पब्लिक स्कूल
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नेहा शर्मा