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Noida News: विद्यार्थी ने बदली व्हीलचेयर की पारंपरिक सोच
Sat, 04 Oct 2025 08:07 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sat, 04 Oct 2025 08:07 PM IST
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उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के छात्र ने स्वारो नाम की डिवाइस की तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। दिव्यांगों की दिनचर्या में केयर टेकर की जरूरत को कम करने और सुविधा बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के छात्र ने एक डिवाइस तैयार की है। संस्थान के अनुसार, छात्र द्वारा तैयार यह डिवाइस पहले से कार्य कर रहीं व्हीलचेयर पर आसानी से सेट हो सकती है। डिवाइस के फिट होने के बाद दिव्यांग बेड से लेकर वॉशरूम तक खुद जा सकेंगे।
इस डिवाइस को तौफीक अहमद ने तैयार किया है। इस डिवाइस का नाम स्वारो रखा है। यह डिवाइस इस तरह तैयार की गई है कि दिव्यांगों को नई व्हीलचेयर नहीं खरीदनी पड़ेगी, बल्कि जिस व्हीलचेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं उसी में इस डिवाइस को आसानी से लगा सकेंगे।
तौफीक का यह प्रोजेक्ट फर्नीचर डिजाइन प्रोजेक्ट के अंतर्गत तैयार किया गया है, जिसमें उन्होंने पारंपरिक व्हीलचेयर की सीमाओं को तोड़ते हुए इसे आधुनिक, आरामदायक और आकर्षक रूप दिया है। डिजाइन में लकड़ी और धातु के मिश्रण का प्रयोग कर उन्होंने एक ऐसा मॉडल बनाया है, जो मजबूत होने के साथ-साथ सौंदर्य की दृष्टि से भी उत्कृष्ट है।
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उन्होंने व्हीलचेयर के हर हिस्से को सोच-समझकर डिजाइन किया कंप्यूटर एडिड डिजाइन, फाइनल आइडिएशन, एक्सप्लोडेड व्यू और रेंडर विजु्अलाइजेशन जैसी डिजाइन प्रक्रियाओं के माध्यम से तौफीक ने अपने विचारों को व्यावहारिक रूप दिया। इसके बाद तैयार किए गए मॉक-अप-मॉडल से उन्होंने इसकी वास्तविक उपयोगिता और आरामदायक संरचना का परीक्षण किया।
संस्थान के डॉ. गुरमीत ने बताया कि मोनोप्लेजिया, पैराप्लेजिया या अंग विहीनता वाले दिव्यांगों को इस डिवाइस से राहत मिलेगी। यह डिवाइस व्हीलचेयर के दोनों तरफ फीड की जा सकती है। इसके बाद दिव्यांग डिवाइस में लगे बटन का इस्तेमाल कर उसे संचालित कर सकेंगे, जो वो व्हीलचेयर को जिस स्थान पर ले जाना चाहते हैं ले जा सकेंगे।
यूपीआईडी के प्राचार्य डॉ कुमार संभव ने बताया कि तौफीक के इस प्रोजेक्ट की खूब सराहना हुई है, इसे देखकर अन्य विद्यार्थी भी प्रेरणा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ डिजाइन इनोवेशन का उदाहरण है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय दृष्टिकोण की भी मिसाल है। तौफीक अहमद का यह प्रयास आने वाले समय में असिस्टिव प्रोडक्ट डिजाइन के क्षेत्र में नई दिशा और प्रेरणा देने वाला साबित हो सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। दिव्यांगों की दिनचर्या में केयर टेकर की जरूरत को कम करने और सुविधा बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के छात्र ने एक डिवाइस तैयार की है। संस्थान के अनुसार, छात्र द्वारा तैयार यह डिवाइस पहले से कार्य कर रहीं व्हीलचेयर पर आसानी से सेट हो सकती है। डिवाइस के फिट होने के बाद दिव्यांग बेड से लेकर वॉशरूम तक खुद जा सकेंगे।
इस डिवाइस को तौफीक अहमद ने तैयार किया है। इस डिवाइस का नाम स्वारो रखा है। यह डिवाइस इस तरह तैयार की गई है कि दिव्यांगों को नई व्हीलचेयर नहीं खरीदनी पड़ेगी, बल्कि जिस व्हीलचेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं उसी में इस डिवाइस को आसानी से लगा सकेंगे।
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तौफीक का यह प्रोजेक्ट फर्नीचर डिजाइन प्रोजेक्ट के अंतर्गत तैयार किया गया है, जिसमें उन्होंने पारंपरिक व्हीलचेयर की सीमाओं को तोड़ते हुए इसे आधुनिक, आरामदायक और आकर्षक रूप दिया है। डिजाइन में लकड़ी और धातु के मिश्रण का प्रयोग कर उन्होंने एक ऐसा मॉडल बनाया है, जो मजबूत होने के साथ-साथ सौंदर्य की दृष्टि से भी उत्कृष्ट है।
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उन्होंने व्हीलचेयर के हर हिस्से को सोच-समझकर डिजाइन किया कंप्यूटर एडिड डिजाइन, फाइनल आइडिएशन, एक्सप्लोडेड व्यू और रेंडर विजु्अलाइजेशन जैसी डिजाइन प्रक्रियाओं के माध्यम से तौफीक ने अपने विचारों को व्यावहारिक रूप दिया। इसके बाद तैयार किए गए मॉक-अप-मॉडल से उन्होंने इसकी वास्तविक उपयोगिता और आरामदायक संरचना का परीक्षण किया।
संस्थान के डॉ. गुरमीत ने बताया कि मोनोप्लेजिया, पैराप्लेजिया या अंग विहीनता वाले दिव्यांगों को इस डिवाइस से राहत मिलेगी। यह डिवाइस व्हीलचेयर के दोनों तरफ फीड की जा सकती है। इसके बाद दिव्यांग डिवाइस में लगे बटन का इस्तेमाल कर उसे संचालित कर सकेंगे, जो वो व्हीलचेयर को जिस स्थान पर ले जाना चाहते हैं ले जा सकेंगे।
यूपीआईडी के प्राचार्य डॉ कुमार संभव ने बताया कि तौफीक के इस प्रोजेक्ट की खूब सराहना हुई है, इसे देखकर अन्य विद्यार्थी भी प्रेरणा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ डिजाइन इनोवेशन का उदाहरण है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय दृष्टिकोण की भी मिसाल है। तौफीक अहमद का यह प्रयास आने वाले समय में असिस्टिव प्रोडक्ट डिजाइन के क्षेत्र में नई दिशा और प्रेरणा देने वाला साबित हो सकता है।