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बुलियन मार्केट तक जुड़े कालेधन के तार
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नोएडा। पूर्व आईपीएस अधिकारी के सेक्टर-50 स्थित मकान के बेसमेंट में रातभर नोटों की गिनती जारी रही। आयकर विभाग को बेसमेंट में बने लॉकर रूम के तार बुलियन मार्केट (सोने-चांदी के वायदा बाजार) से जुड़े होने के सुबूत मिले हैं। पांच दिन तक चले सर्च ऑपरेशन में 5.77 करोड़ रुपये नकद और 2.78 करोड़ रुपये की जूलरी (अनुमानित कीमत) मिली है। लॉकर रूम में दो हजार से लेकर दो सौ रुपये के नए नोटों की गड्डियां बरामद हुई हैं। बताया जा रहा है कि नोटबंदी के बाद से ही निजी लॉकर किराये पर देने का कारोबार शुरू किया गया। नए नोटो की गड्डियां और पांच साल पहले शुरू हुए किराये पर लॉकर देने के कारोबार से नोटबंदी का एंगल भी जुड़ गया है।
सेक्टर-50 में मानसम नाम की निजी एजेंसी के लॉकर रूम में कालाधन छुपाने की सूचना मिलने पर शनिवार शाम आयकर विभाग की टीम ने दबिश दी थी। करीब 650 लॉकरों में से अधिकांश खाली पाए गए। एजेंसी संचालक से मिली जानकारी के बाद बंद लॉकरों के मालिकों से संपर्क साधा गया, लेकिन लॉकर मालिक नहीं आए। इसके बाद लॉकरों को कटवाकर जांच पड़ताल की गई। अलग-अलग लॉकरों में मिले कैश की नोट गिनने वाली मशीन मंगवाकर गिनती कराने का काम रातभर जारी रहा। दो अन्य लॉकरों को भी खुलवाया गया, जिसमें जूलरी के अलावा बुलियन ट्रेडिंग से जुड़े सबूत मिले। जिस लॉकर में जूलरी मिली उसका मालिक दिल्ली में रहने वाला कपड़ा कारोबारी बताया जा रहा है। आयकर विभाग ने उससे पूछताछ कर जूलरी से जुड़े कागजात मांगे हैं।
कैश के मालिकों का नहीं चला पता
जिन लॉकरों में 5.77 करोड़ रुपये नकदी मिली है। उनके मालिकों का बुधवार तक पता नहीं लगा। रिकॉर्ड में लिखवाए गए पतों की जांच भी की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि, काले धन को खपाने के लिए गलत पते लिखवाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि फिलहाल इसकी जांच चल रही है कि जो नाम दर्ज हैं क्या वो असली मालिक हैं।
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केयर टेकर बोला-हमें नहीं जानकारी
अधिकारियों ने बताया कि पूर्व आईपीएस के घर में उनकी पत्नी के नाम से यह सेफ्टी वॉल्ट चल रही है। उनके खुद के दो लॉकर इसमें हैं, जिनमें कोई अनियमितता नहीं मिली है। मकान में रहने वाले उनके बेटे की देखरेख में वॉल्ट संचालित होती है। ऐसे में केयरटेकर से पूछताछ की जा रही है। हर लॉकर को उनके सामने ही खुलवाया गया, जिसमें मिले कैश जूलरी की जानकारी होने से उन्होंने इनकार किया।
दो जगह काले धन के मिले थे संकेत
आयकर विभाग को नोएडा के अलावा गाजियाबाद में भी इस तरह की सेफ्टी वॉल्ट में काला धन रखे होने की जानकारी मिली थी। दोनों जगह एक साथ सर्वे शुरू किया गया, लेकिन लॉकरों में कैश मिलने के बाद नोएडा में सर्वे की कार्रवाई को सर्च में बदला गया।
क्या है बुलियन मार्केट
सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं का व्यापार बुलियन मार्केट के जरिये होता है। आम लोग सर्राफा बाजार से जेवर खरीदते हैं। वहीं, इससे जुड़े कारोबारी वायदा बाजार के जरिये खरीदारी करते हैं।
ग्रेटर नोएडा में दो जगह मारे छापे
आयकर विभाग की दिल्ली की टीम ने कई शहरों में जिप्सम प्लास्टिक के कारोबार से जुड़ी एक कंपनी के ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। ग्रेटर नोएडा में दो जगह सर्च ऑपरेशन चला। जिसमें विभाग की नोएडा रेंज के अधिकारियों का भी सहयोग लिया गया।
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सेक्टर-50 में मानसम नाम की निजी एजेंसी के लॉकर रूम में कालाधन छुपाने की सूचना मिलने पर शनिवार शाम आयकर विभाग की टीम ने दबिश दी थी। करीब 650 लॉकरों में से अधिकांश खाली पाए गए। एजेंसी संचालक से मिली जानकारी के बाद बंद लॉकरों के मालिकों से संपर्क साधा गया, लेकिन लॉकर मालिक नहीं आए। इसके बाद लॉकरों को कटवाकर जांच पड़ताल की गई। अलग-अलग लॉकरों में मिले कैश की नोट गिनने वाली मशीन मंगवाकर गिनती कराने का काम रातभर जारी रहा। दो अन्य लॉकरों को भी खुलवाया गया, जिसमें जूलरी के अलावा बुलियन ट्रेडिंग से जुड़े सबूत मिले। जिस लॉकर में जूलरी मिली उसका मालिक दिल्ली में रहने वाला कपड़ा कारोबारी बताया जा रहा है। आयकर विभाग ने उससे पूछताछ कर जूलरी से जुड़े कागजात मांगे हैं।
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कैश के मालिकों का नहीं चला पता
जिन लॉकरों में 5.77 करोड़ रुपये नकदी मिली है। उनके मालिकों का बुधवार तक पता नहीं लगा। रिकॉर्ड में लिखवाए गए पतों की जांच भी की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि, काले धन को खपाने के लिए गलत पते लिखवाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि फिलहाल इसकी जांच चल रही है कि जो नाम दर्ज हैं क्या वो असली मालिक हैं।
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केयर टेकर बोला-हमें नहीं जानकारी
अधिकारियों ने बताया कि पूर्व आईपीएस के घर में उनकी पत्नी के नाम से यह सेफ्टी वॉल्ट चल रही है। उनके खुद के दो लॉकर इसमें हैं, जिनमें कोई अनियमितता नहीं मिली है। मकान में रहने वाले उनके बेटे की देखरेख में वॉल्ट संचालित होती है। ऐसे में केयरटेकर से पूछताछ की जा रही है। हर लॉकर को उनके सामने ही खुलवाया गया, जिसमें मिले कैश जूलरी की जानकारी होने से उन्होंने इनकार किया।
दो जगह काले धन के मिले थे संकेत
आयकर विभाग को नोएडा के अलावा गाजियाबाद में भी इस तरह की सेफ्टी वॉल्ट में काला धन रखे होने की जानकारी मिली थी। दोनों जगह एक साथ सर्वे शुरू किया गया, लेकिन लॉकरों में कैश मिलने के बाद नोएडा में सर्वे की कार्रवाई को सर्च में बदला गया।
क्या है बुलियन मार्केट
सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं का व्यापार बुलियन मार्केट के जरिये होता है। आम लोग सर्राफा बाजार से जेवर खरीदते हैं। वहीं, इससे जुड़े कारोबारी वायदा बाजार के जरिये खरीदारी करते हैं।
ग्रेटर नोएडा में दो जगह मारे छापे
आयकर विभाग की दिल्ली की टीम ने कई शहरों में जिप्सम प्लास्टिक के कारोबार से जुड़ी एक कंपनी के ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। ग्रेटर नोएडा में दो जगह सर्च ऑपरेशन चला। जिसमें विभाग की नोएडा रेंज के अधिकारियों का भी सहयोग लिया गया।