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नरेगा घोटाले में चौथे चरण की जांच करेगा राज्य सतर्कता विभाग

Sat, 02 Apr 2022 10:30 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 10:30 PM IST
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State Vigilance Department will investigate the fourth phase in NREGA scam
पलवल। नरेगा के तहत हुए कार्यों में बरती गई अनियमितताओं की जांच अब राज्य सतर्कता विभाग करेगा। मामले का संज्ञान लेते हुए पंचायत एवं विकास मंत्री देवेंद्र बबली ने इस बारे में राज्य सतर्कता विभाग को पत्र लिखकर जांच के निर्देश दिए हैं। अभी तक तीन चरणों में नरेगा घोटाले की जांच की जा चुकी है। तीन बार हुई जांचों के दौरान दो साल के अंदर करीब 50 करोड़ रुपये हड़पने की बात सामने आई। मनरेगा लोकपाल और सीईओ जिला परिषद की शुरुआती जांच में घोटाला उजागर हुआ था। जिला के पांचों खंडों के करीब 200 गांवों में योजना के मिट्टी डलवाने के काम हुए, जिनमें से 66 गांवों में जांच के दौरान काम नहीं पाए गए।
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जिले में सर्वाधिक घोटाला हथीन खंड में पाया गया। हथीन खंड में करीब 13 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। पलवल खंड में 10 करोड़ रुपये, होडल खंड में छह करोड़, हसनपुर में 10 करोड़ रुपये, बडौली में सात करोड़ रुपये और पृथला में तीन करोड़ रुपये के मनरेगा में कार्य किए गए। जांच के दौरान मिट्टी भराई का काम नहीं होने पर भी भुगतान, फर्जी जॉबकार्ड बनाने, फर्जी पते पर ठेकेदारों को भुगतान करने की बात सामने आई। मामले में सरपंच, ग्राम सचिव, एबीपीओ, पीओ, जेई, एसडीओ, बीडीपीओ तक फर्जीवाडे़ में शामिल पाए गए हैं। मनरेगा की जांच के लिए सीएम को भी शिकायत भेजी गई।
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पहले भी तीन बार हो चुकी है नरेगा घोटाले की जांच
नरेगा योजना के तहत हुए कार्यों की जांच सबसे पहले जिला परिषद के सीईओ प्रशांत कुमार ने शुरू की। जांच के दौरान 66 गांवों में कोई काम नहीं पाया गया। दूसरी जांच मनरेगा लोकपाल पंकज शर्मा ने की, जिसमें भी काम का होना नहीं पाया गया। मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया और चंडीगढ़ से जांच कमेटी का गठन कर जांच के लिए पलवल भेजा गया। कमेटी में शामिल ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल कुमार व पंचायती राज विभाग के अधिकारी ईश्वर सिंह के नेतृत्व में हुई जांच में भी गांवों में काम नहीं पाए गए। मनरेगा लोकपाल व जांच कमेटी की जांच रिर्पोट चंडीगढ पहुंचते ही पंचायत एवं विकास मंत्री देवेंद्र बबली ने राज्य सतर्कता विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। अगले सप्ताह में सतर्कता विभाग जांच के लिए रिकॉर्ड को कब्जे में ले सकती है।
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