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चरम पर पहुंचकर कम हो रही कोरोना संक्रमण की रफ्तार
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चरम पर पहुंचकर कम हो रही कोरोना संक्रमण की रफ्तार
नोएडा (गौरव शर्मा)। बीते कुछ दिनाें में तेजी से घटे कोरोना के मामलों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी भाषा में वायरस का डाउनफॉल मान रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीन बार चरम पर पहुंच चुका कोरोना संक्रमण एक बार फिर अपने निम्न स्तर पर जा रहा है। यह अच्छा संकेत है, लेकिन दवाई नहीं आने तक लोगाें को सावधान रहने की जरूरत है। जनपद में घटे संक्रमण की रिपोर्ट शासन को भी भेज दी गई है। विभाग के एक शीर्ष मंडल स्तरीय अधिकारी ने बताया कि वैक्सीन नहीं आने तक संक्रमण को पूरी तरीके से खत्म नहीं किया जा सकता है। शुरुआत में मई, जून में वायरस का पीक पहुंच गया था। कुछ दिन तक हालात सामान्य रहे। इसके बाद सितंबर में वायरस ने रफ्तार पकड़ी। विभाग बढ़ते संक्रमण से परेशान हुआ, लेकिन कुछ दिन में हालात स्थिर होते गए। वहीं, दिवाली के आसपास कोरोना उच्चतम अंकों पर पहुंच गया था और अब धीरे-धीरे मामलों में गिरावट आ रही है। बता दें कि नवंबर के शुरुआती सप्ताह में एक दिन में सर्वाधिक 339 केस दर्ज किए गए थे।
जांच बढ़ी, लेकिन मरीज घट गए
आमतौर पर कोरोना संक्रमण अधिक होने का पूरा खेल जांच से जुड़ा माना जाता है। विभाग के एक अफसर के मुताबिक, यदि जांच अधिक होंगी तो केस अधिक आएंगे। जांच अधिक होने पर ही 30 से 40 तक रहने वाला आंकड़ा 300 के पार तक पहुंच गया। नवंबर में एक दिन में 339 केस मिलने के समय करीब 4000 जांच प्रतिदिन हो रही थीं। वहीं, अब यह संख्या बढ़कर 5000 प्रतिदिन हो गई है। विशेष बात यह है कि जांच अधिक होने के बावजूद संक्रमण के कम मामले सामने आ रहे हैं, जो अच्छी बात है।
इसलिए थम गए कोरोना के मामले
विभाग के अफसर ने बताया कि वायरस की प्रवृत्ति परिवर्तित (म्यूटेट) हो रही है या नहीं, यह शोध का विषय है, लेकिन कोरोना के मामलोें का घटना वायरस के परिवर्तन (म्यूटेशन) का एक स्वरूप माना जाता है। कोरोना वायरस कम प्रतिरोधक क्षमता वालों को सबसे पहले अपनी चपेट में लेता है। लोगों ने देसी पद्धति का प्रयोग कर अपने प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत किया है। इसका भी बड़ा असर पड़ा है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग मास्क को अपने दैनिक चलन में ला चुके हैं। ये भी संक्रमण कम होने की बड़ी वजह मानी जा रही है।
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बीते कुछ दिन में कोरोना के मामले घटे हैं। यह जनपदवासियाें के लिए राहत की खबर है। विभाग लगातार संक्रमण की कड़ी तोड़ने के लिए प्रयास करता रहेगा।
- डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
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नोएडा (गौरव शर्मा)। बीते कुछ दिनाें में तेजी से घटे कोरोना के मामलों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी भाषा में वायरस का डाउनफॉल मान रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीन बार चरम पर पहुंच चुका कोरोना संक्रमण एक बार फिर अपने निम्न स्तर पर जा रहा है। यह अच्छा संकेत है, लेकिन दवाई नहीं आने तक लोगाें को सावधान रहने की जरूरत है। जनपद में घटे संक्रमण की रिपोर्ट शासन को भी भेज दी गई है। विभाग के एक शीर्ष मंडल स्तरीय अधिकारी ने बताया कि वैक्सीन नहीं आने तक संक्रमण को पूरी तरीके से खत्म नहीं किया जा सकता है। शुरुआत में मई, जून में वायरस का पीक पहुंच गया था। कुछ दिन तक हालात सामान्य रहे। इसके बाद सितंबर में वायरस ने रफ्तार पकड़ी। विभाग बढ़ते संक्रमण से परेशान हुआ, लेकिन कुछ दिन में हालात स्थिर होते गए। वहीं, दिवाली के आसपास कोरोना उच्चतम अंकों पर पहुंच गया था और अब धीरे-धीरे मामलों में गिरावट आ रही है। बता दें कि नवंबर के शुरुआती सप्ताह में एक दिन में सर्वाधिक 339 केस दर्ज किए गए थे।
जांच बढ़ी, लेकिन मरीज घट गए
आमतौर पर कोरोना संक्रमण अधिक होने का पूरा खेल जांच से जुड़ा माना जाता है। विभाग के एक अफसर के मुताबिक, यदि जांच अधिक होंगी तो केस अधिक आएंगे। जांच अधिक होने पर ही 30 से 40 तक रहने वाला आंकड़ा 300 के पार तक पहुंच गया। नवंबर में एक दिन में 339 केस मिलने के समय करीब 4000 जांच प्रतिदिन हो रही थीं। वहीं, अब यह संख्या बढ़कर 5000 प्रतिदिन हो गई है। विशेष बात यह है कि जांच अधिक होने के बावजूद संक्रमण के कम मामले सामने आ रहे हैं, जो अच्छी बात है।
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इसलिए थम गए कोरोना के मामले
विभाग के अफसर ने बताया कि वायरस की प्रवृत्ति परिवर्तित (म्यूटेट) हो रही है या नहीं, यह शोध का विषय है, लेकिन कोरोना के मामलोें का घटना वायरस के परिवर्तन (म्यूटेशन) का एक स्वरूप माना जाता है। कोरोना वायरस कम प्रतिरोधक क्षमता वालों को सबसे पहले अपनी चपेट में लेता है। लोगों ने देसी पद्धति का प्रयोग कर अपने प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत किया है। इसका भी बड़ा असर पड़ा है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग मास्क को अपने दैनिक चलन में ला चुके हैं। ये भी संक्रमण कम होने की बड़ी वजह मानी जा रही है।
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बीते कुछ दिन में कोरोना के मामले घटे हैं। यह जनपदवासियाें के लिए राहत की खबर है। विभाग लगातार संक्रमण की कड़ी तोड़ने के लिए प्रयास करता रहेगा।
- डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ