नहीं दिया सौरभ ने साथ: 'इश्क' की अधूरी लड़ाई के बीच बांग्लादेश लौटी सोनिया अख्तर, जाते-जाते बोली- जल्द लौटूंगी
सोनिया के मुताबिक बांग्लादेश में रहने के दौरान सौरभ तिवारी ने ही उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा था। सोनिया ने शुरू में शादी से इन्कार कर दिया था। लेकिन सौरभ की कंपनी के अधिकारी ने सोनिया को समझाया। हिंदू धर्म के अनुसार पहले से विवाहित होने के कारण सौरभ दूसरा विवाह नहीं कर सकता था।
विस्तार
पति की तलाश और सवा साल के बेटे को पिता का हक दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई बीच में छोड़कर सोनिया अख्तर बांग्लादेश लौट गई है। सोनिया ने बांग्लादेश पहुंचकर फोन पर अमर उजाला संवाददाता से कहा कि उसकी वीजा अवधि पूरी हो चुकी है। वह गैर कानूनी ढंग से कानूनी लड़ाई नहीं लड़ना चाहती। वीजा लेकर वह फिर भारत आएगी। सोनिया को अपने मासूम बेटे को बांग्लादेश ले जाने के लिए सौरभ तिवारी से लिखित अनुमति भी लेनी पड़ी है।
सोनिया पति ग्रेटर नोएडा स्थित शिवालिक होम्स निवासी सौरभ तिवारी की तलाश के लिए पहली बार एक मई 2023 को भारत आई थी। करीब एक सप्ताह तक जिले में रूककर पुलिस से शिकायत की थी। ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण वह बांग्लादेश लौट गई थी। इसके बाद तीन अगस्त को एक बार फिर भारत आई। सोनिया ने वकील डॉ. एपी सिंह की मदद से गौतमबुद्ध नगर पुलिस के अलावा, महिला आयोग, पीएम नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री से गुहार लगाई थी। दिल्ली में रहने के दौरान न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया। सोनिया शिवालिक होम्स सोसाइटी में मासूम बेटे के साथ रहने लगी। इस बची उसका वीजा तीन दिसंबर को एक्सपायर हो गया था। सोनिया ने अख्तर ने वीजा अवधि बढ़वाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन वीजा अवधि नहीं बढ़ी। इसके बाद उसने बांग्लादेश जाने के लिए एक्जिट पास की मांग की थी।
सौरभ के ईमेल पर मिला एग्जिट पास
सोनिया को उसके बेटे का एग्जिट पास नहीं मिल पा रहा था। इसके लिए पिता की अनुमति की जरूरी थ। सोनिया ने बताया कि सौरभ ने संपर्क करने पर दिल्ली एफआरओ को ईमेल कर कहा कि सोनिया के बच्चे को बांग्लादेश ले जाने में उसे कोई एतराज नहीं है। इसके बाद ही सोनिया के बेटे को एग्जिट पास मिला और सोनिया बांग्लादेश पहुंच गई। सोनिया ने हवाई यात्रा के दौरान के फोटो-वीडियो भी शेयर किए।
बांग्लादेश में किया था सौरभ तिवारी से निकाह
सोनिया के मुताबिक बांग्लादेश में रहने के दौरान सौरभ तिवारी ने ही उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा था। सोनिया ने शुरू में शादी से इन्कार कर दिया था। लेकिन सौरभ की कंपनी के अधिकारी ने सोनिया को समझाया। हिंदू धर्म के अनुसार पहले से विवाहित होने के कारण सौरभ दूसरा विवाह नहीं कर सकता था। इसके चलते सौरभ ने पहले अपना धर्म परिवर्तन किया और फिर सोनिया से निकाह किया। बांग्लादेश का शपथ पत्र और निकाहनामा भी सोनिया के पास मौजूद है। लेकिन भारत में आने के बाद सौरभ तिवारी अपने पहली पत्नी व बच्चों के साथ रहने लगे।