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...तो लखनऊ से लेकर नोएडा तक फंसेंगे कई अधिकारी
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...तो लखनऊ से लेकर नोएडा तक फंसेंगे कई अधिकारी
एसएसपी वीडियो मामला
नोएडा। एसएसपी वैभव कृष्ण के कथित वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। साइबर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी) की जिस रिपोर्ट को आधार बनाकर एसएसपी ने पांच आईपीएस अफसरों पर संगीन आरोप लगाए हैं, उसने आईपीएस लॉबी में हलचल पैदा कर दी है। मोबाइल फोन की जांच के आधार पर बनाई गई इस रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई तो लखनऊ से लेकर नोएडा तक कई अधिकारी फंसेंगे। इस रिपोर्ट में ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर चल रहे गड़बड़झाले की ओर इशारा कर जनपद के एसएसपी ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। इस रिपोर्ट में न केवल चुनिंदा आईपीएस अफसरों के नाम शामिल हैं, बल्कि 9 हेड कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट में ट्रांसफर-पोस्टिंग के इस खेल का एक मास्टरमाइंड चंदन राय और दूसरा अतुल शुक्ला एक आरएसएस कार्यकर्ता का खास बताया जा रहा है। अहम बात यह है कि पिछले साल गिरफ्तार चार कथित पत्रकारों के मोबाइल की जांच के आधार पर सीईआरटी की रिपोर्ट तैयार की गई थी। जिसे एसएसपी ने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को भेजा गया था।
आईपीएस-1: अजयपाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक रामपुर
रिपोर्ट के मुताबिक, 28 अगस्त 2019 को पत्रकारिता की आड़ में संगठित गिरोह चलाने के आरोप में 5 कथित पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिनमें से चार को गिरफ्तार किया गया था। मोबाइल सीडीआर की जांच में पाया गया कि आईपीएस अजयपाल शर्मा इन अभियुक्तों के संपर्क में थे। अभियुक्त चंदन राय व अजयपाल शर्मा के बीच बातचीत की दो ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिलीं, जिसमें उनकी पोस्टिंग मेरठ कराने की एवज में 80 लाख रुपये लिए जाने की बात सामने आई है। 50 प्रतिशत एडवांस और बाकी रकम एक माह के अंदर देने की बात रिपोर्ट में लिखी गई है। अजयपाल की पोस्टिंग के लिए चंदन राय की लखनऊ के अतुल शुक्ला से बातचीत का जिक्र भी किया गया है। रिपोर्ट में दीप्ति शर्मा नामक महिला का जिक्र भी है जिसने अधिकारी पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाकर शिकायत की थी। महिला को थाना कविनगर गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था। इस महिला का मोबाइल चंदन राय से बरामद हुआ था। चंदन राय ने एक वीडियो अजयपाल को व्हाट्सएप पर भेजा जिसमें दीप्ती के मोबाइल फोन में मौजूद समस्त फोटो व वीडियो का विवरण है। अजयपाल ने चंदन को उक्त फोटो व वीडियो डिलीट करने के लिए निर्देशित किया। रिपोर्ट में थाना कविनगर की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है।
आईपीएस-2 सुधीर सिंह (एसएसपी गाजियाबाद)
रिपोर्ट के मुताबिक, अभियुक्त चंदन राय के मोबाइल फोन से एसएमएस का विवरण पाया गया, जिसमें अभियुक्त द्वारा इंस्पेक्टर संजय वर्मा को सिहानी गेट गाजियाबाद थाने का चार्ज दिलाने के लिए सुधीर सिंह से कहा जा रहा है। सिहानी गेट थाने का चार्ज देने से मना करने पर चंदन द्वारा विजय नगर थाने का चार्ज देने के लिए कहा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक सुधीर सिंह ने बात इधर-उधर न होने का हवाला देकर शाम को मिलने के लिए बुलाने की बात कही।
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आईपीएस-3 गणेश साहा (पुलिस अधीक्षक बांदा)
रिपोर्ट के मुताबिक, चंदन राय के मोबाइल फोन के एसएमएस विवरण में एसपी बांदा के साथ चैट में गाड़ियां निकलवाने की एवज में रुपये आने की बात का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में नंदग्राम गाजियाबाद निवासी राजेश राय को एसपी बांदा के साथ हुए व्हाट्सएप विवरण भेजने का जिक्र भी है, जिसमें गाड़ियों को निकलवाने से पहले टोकन देने की बात कही गई है। साथ ही, अकाउंट डिटेल व पैसे भेजने की बात भी है।
आईपीएस-4 राजीव नारायण मिश्र (तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कुशीनगर)
रिपोर्ट के मुताबिक, अभियुक्त नीतिश पांडेय के साथ तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कुशीनगर से व्हाट्सएप पर बातचीत का विवरण मिलने की बात रिपोर्ट में लिखी गई है। आपराधिक प्रवृति के आरक्षी अनिल तिवारी को एक माह के लिए जनपद में संबद्ध कराने की बात कही गई है। साथ ही, कई चौकियों सहित कुछ आरक्षियों के तबादले रुकवाने के संबंध में नीतिश पांडेय व एसपी के बीच व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के प्रमाण मिलना रिपोर्ट में बताया गया है।
आईपीएस-5 हिमांशु (पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर)
रिपोर्ट की मानें तो अतुल शुक्ला व चंदन राय के बीच आईपीएस हिमांशु स्थानांतरण के संबंध में व्हाट्सएप चैटिंग व ऑडियो रिकॉर्डिंग के विवरण मिले हैं जिसमें बिजनौर के लिए 30 लाख, बरेली के लिए 40 लाख व आगरा के लिए 50 लाख रुपये का उल्लेख रिपोर्ट में है।
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एसएसपी वीडियो मामला
नोएडा। एसएसपी वैभव कृष्ण के कथित वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। साइबर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी) की जिस रिपोर्ट को आधार बनाकर एसएसपी ने पांच आईपीएस अफसरों पर संगीन आरोप लगाए हैं, उसने आईपीएस लॉबी में हलचल पैदा कर दी है। मोबाइल फोन की जांच के आधार पर बनाई गई इस रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई तो लखनऊ से लेकर नोएडा तक कई अधिकारी फंसेंगे। इस रिपोर्ट में ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर चल रहे गड़बड़झाले की ओर इशारा कर जनपद के एसएसपी ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। इस रिपोर्ट में न केवल चुनिंदा आईपीएस अफसरों के नाम शामिल हैं, बल्कि 9 हेड कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट में ट्रांसफर-पोस्टिंग के इस खेल का एक मास्टरमाइंड चंदन राय और दूसरा अतुल शुक्ला एक आरएसएस कार्यकर्ता का खास बताया जा रहा है। अहम बात यह है कि पिछले साल गिरफ्तार चार कथित पत्रकारों के मोबाइल की जांच के आधार पर सीईआरटी की रिपोर्ट तैयार की गई थी। जिसे एसएसपी ने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को भेजा गया था।
आईपीएस-1: अजयपाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक रामपुर
रिपोर्ट के मुताबिक, 28 अगस्त 2019 को पत्रकारिता की आड़ में संगठित गिरोह चलाने के आरोप में 5 कथित पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिनमें से चार को गिरफ्तार किया गया था। मोबाइल सीडीआर की जांच में पाया गया कि आईपीएस अजयपाल शर्मा इन अभियुक्तों के संपर्क में थे। अभियुक्त चंदन राय व अजयपाल शर्मा के बीच बातचीत की दो ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिलीं, जिसमें उनकी पोस्टिंग मेरठ कराने की एवज में 80 लाख रुपये लिए जाने की बात सामने आई है। 50 प्रतिशत एडवांस और बाकी रकम एक माह के अंदर देने की बात रिपोर्ट में लिखी गई है। अजयपाल की पोस्टिंग के लिए चंदन राय की लखनऊ के अतुल शुक्ला से बातचीत का जिक्र भी किया गया है। रिपोर्ट में दीप्ति शर्मा नामक महिला का जिक्र भी है जिसने अधिकारी पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाकर शिकायत की थी। महिला को थाना कविनगर गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था। इस महिला का मोबाइल चंदन राय से बरामद हुआ था। चंदन राय ने एक वीडियो अजयपाल को व्हाट्सएप पर भेजा जिसमें दीप्ती के मोबाइल फोन में मौजूद समस्त फोटो व वीडियो का विवरण है। अजयपाल ने चंदन को उक्त फोटो व वीडियो डिलीट करने के लिए निर्देशित किया। रिपोर्ट में थाना कविनगर की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है।
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आईपीएस-2 सुधीर सिंह (एसएसपी गाजियाबाद)
रिपोर्ट के मुताबिक, अभियुक्त चंदन राय के मोबाइल फोन से एसएमएस का विवरण पाया गया, जिसमें अभियुक्त द्वारा इंस्पेक्टर संजय वर्मा को सिहानी गेट गाजियाबाद थाने का चार्ज दिलाने के लिए सुधीर सिंह से कहा जा रहा है। सिहानी गेट थाने का चार्ज देने से मना करने पर चंदन द्वारा विजय नगर थाने का चार्ज देने के लिए कहा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक सुधीर सिंह ने बात इधर-उधर न होने का हवाला देकर शाम को मिलने के लिए बुलाने की बात कही।
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आईपीएस-3 गणेश साहा (पुलिस अधीक्षक बांदा)
रिपोर्ट के मुताबिक, चंदन राय के मोबाइल फोन के एसएमएस विवरण में एसपी बांदा के साथ चैट में गाड़ियां निकलवाने की एवज में रुपये आने की बात का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में नंदग्राम गाजियाबाद निवासी राजेश राय को एसपी बांदा के साथ हुए व्हाट्सएप विवरण भेजने का जिक्र भी है, जिसमें गाड़ियों को निकलवाने से पहले टोकन देने की बात कही गई है। साथ ही, अकाउंट डिटेल व पैसे भेजने की बात भी है।
आईपीएस-4 राजीव नारायण मिश्र (तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कुशीनगर)
रिपोर्ट के मुताबिक, अभियुक्त नीतिश पांडेय के साथ तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कुशीनगर से व्हाट्सएप पर बातचीत का विवरण मिलने की बात रिपोर्ट में लिखी गई है। आपराधिक प्रवृति के आरक्षी अनिल तिवारी को एक माह के लिए जनपद में संबद्ध कराने की बात कही गई है। साथ ही, कई चौकियों सहित कुछ आरक्षियों के तबादले रुकवाने के संबंध में नीतिश पांडेय व एसपी के बीच व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के प्रमाण मिलना रिपोर्ट में बताया गया है।
आईपीएस-5 हिमांशु (पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर)
रिपोर्ट की मानें तो अतुल शुक्ला व चंदन राय के बीच आईपीएस हिमांशु स्थानांतरण के संबंध में व्हाट्सएप चैटिंग व ऑडियो रिकॉर्डिंग के विवरण मिले हैं जिसमें बिजनौर के लिए 30 लाख, बरेली के लिए 40 लाख व आगरा के लिए 50 लाख रुपये का उल्लेख रिपोर्ट में है।