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Noida News: तीन माह की देरी से जून तक तैयार होगा स्काईवॉक

Tue, 23 Jan 2024 02:59 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jan 2024 02:59 AM IST
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Skywalk will be ready by June with a delay of three months
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तीन माह की देरी से जून तक तैयार होगा स्काईवॉक
-एक्वा लाइन के सेक्टर-51 और ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने की योजना, 31 मार्च थी डेडलाइन

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। एक्वा लाइन के सेक्टर-51 और ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाली स्काईवॉक परियोजना का काम अब तीन माह की देरी से पूरा होगा। इलेक्ट्रिकल काम में देरी की वजह से परियोजना लेटलतीफी की शिकार हो रही है। स्काईवॉक में देरी की वजह से लोगों को एक्वा और ब्लू लाइन के कॉरिडोर बदलने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक परियोजना के सिविल का 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अब इलेक्ट्रिकल का काम शुरू होना है। मामले में वरिष्ठ प्रबंधक की ओर से ट्रैवलेटर का ऑर्डर दिया गया है। एस्कलेटर एवं ट्रैवलेटर का काम मार्च तक पूरा होगा। वहीं इलेक्ट्रिकल के बाकी कार्यों का टेंडर हो चुका है लेकिन काम शुरू होने में देरी है।
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बीते 10 माह से स्काईवॉक बनाने का काम चल रहा है। स्काईवॉक की लंबाई 420 मीटर की होगी। इस पर 230 मीटर लंबा ट्रैवलेटर लगेगा। ट्रेवलेटर के माध्यम से यात्रियों को एक से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने में आसानी होगी। उन्हें ज्यादा पैदल नहीं चलना पड़ेगा। स्काईवॉक को पूरी तरह से एयरकंडीशनर बनाया जा रहा है। प्रोजेक्ट की इसकी अनुमानित निर्माण लागत करीब 25 करोड़ है। इसमें सिविल के कार्यों के लिए 10.62 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्काईवॉक की चौड़ाई 6.3 मीटर है। इसके ट्रेवलेटर की लंबाई 230 मीटर होगी।
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अभी पैदल और ई-रिक्शा एक मात्र सहारा

एक्वा और ब्लू लाइन कॉरिडोर के निर्माण के दौरान कॉमन प्लेटफॉर्म नहीं बनाने का खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ रहा है। यात्रियों को एक से दूसरे कॉरिडोर पर जाने के लिए निशुल्क ई-रिक्शा की सुविधा मुहैया कराई गई। लेकिन आइकिया के प्रोजेक्ट की वजह से ई-रिक्शा का कॉरिडोर टूट गया। इसके बाद इसके लिए दूसरा रूट बनाया गया। आलम यह है कि लोग एक से दूसरे कॉरिडोर तक पैदल जाते हैं।
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