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Noida News: स्काईवॉक मेट्रो यात्रियों के लिए जुलाई में भी खुलनी मुश्किल

Wed, 25 Jun 2025 09:32 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 25 Jun 2025 09:32 PM IST
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Skywalk is unlikely to open for metro passengers even in July
-अब एसी का काम चल रहा, सिविल का काम पूरा होने में लगेगा एक महीने का समय
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-सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन की तरफ अभी अधूरा है निर्माण
-31 मई थी छठी डेडलाइन, बढ़ा एक महीने का समय

माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। ब्लू लाइन के सेक्टर-52 और एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन के बीच बन रहे स्काईवॉक का काम जून में भी पूरा नहीं हो पाया है। यही नहीं आगे जुलाई में भी काम पूरा कर यह स्काईवॉक मेट्रो यात्रियों के लिए खोला जा पाना मुश्किल है। इसके पहले परियोजना की छठी डेडलाइन 31 मई थी जो खाली गुजरी थी फिर एक महीने का समय और परियोजना के लिए बढ़ाया गया था।
मौके पर अभी एयर कंडिशनर (एसी) का काम चल रहा है और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन की तरफ निर्माण काम भी अधूरा है। एसी का काम पूरा होने के बाद सिविल से जुड़े काम पूरे होने में एक और महीने का समय लगेगा। परियोजना इस कदर देरी से चल रही है कि प्राधिकरण अब नई डेडलाइन भी नहीं जारी कर रहा है। स्काईवॉक का निर्माण जून-2023 में शुरू हुआ था। परियोजना को 5 महीने में पूरा होना था। काम शुरू होने के बाद नीचे से गैस, बिजली, पानी की लाइनें गुजर रही हैं यह बात सामने आई थी। फिर ये लाइनें शिफ्ट करवाई गईं। गैस पाइप लाइन की जगह पर पिलर की डिजाइन बदली गई।
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इसके साथ ही ब्लू लाइन के सेक्टर-52 स्टेशन की तरफ भी डिजाइन बदलाव हुआ। इस वजह से लागत बढ़ाने की मांग एजेंसी की तरफ से की गई। प्राधिकरण ने 6 करोड़ रुपये की लागतवृद्धि को भी मंजूरी दी। अब निर्माण से जुड़ा काम सेक्टर-52 स्टेशन की तरफ बाकी बचा है। परियोजना में सिविल से जुड़े काम करीब 15 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से होने हैं। विद्युत यांत्रिक विभाग से 15 करोड़ 90 लाख रुपये से होने प्रस्तावित हैं।
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नीचे का अतिक्रमण अब भी बरकरार

स्काईवॉक निर्माण शुरू होने से पहले यहां पर नोएडा मेट्रो की तरफ से ई-रिक्शा चलवाए जाते थे। इससे करीब 700 मीटर का यह आवागमन आसान था। ई-रिक्शा व पैदल जाने वालों के लिए ट्रैक भी था। स्काईवॉक का निर्माण उसी ट्रैक पर शुरू हुआ तो ई-रिक्शा का संचालन बंद हुआ। यहां पर पैदल मेट्रो यात्रियों के लिए आने-जाने को जगह नहीं बच रही है। कारण जो जगह है उसमें सड़क की तरफ ऑटो खड़े हो जा रहे हैं। इसके बाद रेहड़ी-पटरी का अतिक्रमण बना हुआ है।
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