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Noida News: छह लाख लोगों को मई तक मिलेगा गंगाजल
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छह लाख लोगों को मई तक मिलेगा गंगाजल
- 37.5 क्यूसेक परियोजना का ओवरऑल 94 प्रतिशत काम पूरा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अपर गंगा कैनाल से नोएडा-गाजियाबाद के लिए 37.5 क्यूसेक गंगाजल आपूर्ति के लिए नई परियोजना का काम अंतिम चरण में है। मई तक परियोजना पूरी हो जाएगी। इससे नोएडा के 26 सेक्टरों के छह लाख लोगों को गंगाजल की आपूर्ति हो सकेगी।
परियोजना का 94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। आखिरी चरण में लगाए जा रहे पाइप लाइन से एनएच-9 से भूमिगत जलाशय सेक्टर-118 के अलावा भूमिगत जलाशय सेक्टर-69 को जोड़ा जा रहा है। यह काम 15 दिन में पूरा हो जाएगा। यहां गंगाजल इकट्ठा कर रखा जा सकेगा, जो कि भविष्य में जलापूर्ति में काम आएगा। सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि मई से परियोजना का लाभ लोगों को मिलना शुरू हो जाएगा।
यहां का काम अभी बाकी
पालइ लाइन बिछाने के कार्य में भूमि का कुछ विवाद है। जिला प्रशासन और प्राधिकरण मामले का समाधान ढूंढ रहे हैं। प्राधिकरण के डीजीएम आरपी सिंह का कहना है कि गाजियाबाद में 100 मीटर जमीन पर पाइपलाइन बिछाने का काम बचा हुआ है। हालांकि इसके लिए गाजियाबाद जिलाधिकारी ने समाधान का आश्वासन दिया है। इसके अलावा पर्थला चौक पर सिग्नेचर ब्रिज के पास इस लाइन को जोड़ने का काम पूरा नहींं हुआ है। इस वजह से काम में कुछ देरी हो रही है। इस परियोजना पर 14 मार्च 2018 को योजना पर काम शुरू हुआ था। 30 नवंबर 2021 तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। अब मई तक काम पूरे कर लोगों को लाभ दिलाने की कोशिश की जा रही है।
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इन सेक्टरों को होगा फायदा
गंगाजल की नई पाइपलाइन से सेक्टर-112, 113, 115, 116, 117, 118, 119, 120, 121, 122, 128, 129, 130, 131, 133, 134, 135, 137, 143, 144, 145, 146, 147, 151 और 168 के निवासियों को फायदा होगा।
90 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी मिलेगा
नोएडा में फिलहाल गंगाजल की दो पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति की जाती है। इसमें एक पाइपलाइन की क्षमता 20 क्यूसेक और दूसरे की 80 क्यूसेक की है। इससे 240 मिलियन लीटर पानी रोजाना देने का दावा किया जाता है। 37.5 क्यूसेक परियोजना के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जलापूर्ति शुरू होने पर 90 मिलियन लीटर पानी अतिरिक्त मिलेगा।
37.5 क्यूसेक गंगाजल परियोजना एक नजर में
- उत्तर प्रदेश आवास विकास और नोएडा प्राधिकरण का वहन 25:75 का
- कुल लागत 304 करोड़
- डेडलाइन मई 2023
-
चिल्ला और भंगेल एलिवेटेड रोड परियोजना लेटलतीफी की शिकार
-कभी तबादलों तो कभी फंड की कमी की वजह से परियोजना की गति पड़ी धीमी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। चिल्ला रेगुलेटर से लेकर महामाया फ्लाईओवर तक 5.96 किमी लंबे एलिवेटेड रोड और अगाहपुर से स्पेशल इकोनोमिक जोन तक निर्माणाधीन भंगेल एलिवेटेड रोड परियोजना लेटलतीफी की शिकार है। परियोजना को समय से पूरा करने के लिए काफी मशक्कत की जा रही है। लेकिन तकनीकी बाधाओं की वजह से काम प्रभावित हो रहा है। चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना का एस्टिमेट दोबारा बोर्ड से मंजूर कराकर करीब 801 करोड़ की लागत से इसे तैयार कराने का मसौदा तैयार किया गया है। फिलहाल डेढ़ साल से इसका काम बंद है। परियोजना फाइलों में घूम रही है। एक-एक चरण पर मंजूरी की वजह से परियोजना अब वर्ष 2025 तक पूरा होने की संभावना है। खास बात यह कि अगर समय रहते इसके फंडिंग के लिए शासन तैयार नहीं हुआ तो यह परियोजना को पूरा करने का समय 2026 तक जा सकता है। इस परियोजना के फंडिंग को लेकर काफी विवाद हो चुका है। प्राधिकरण और शासन को आधा-आधा बजट देना है। लेकिन शासन ने अब तक पैसे नहीं दिए हैं।
इसी तरह से भंगेल एलिवेटेड रोड परियोजना का काम समय से पूरा करने की राह में कई बाधाएं आईं। सबसे ज्यादा बाधाएं अधिकारियों के तबादले को लेकर रहीं। कई बार तबादलों की वजह से काम की प्रगति पर असर पड़ा। वहीं इस काम में बाधक के तौर पर एनजीटी के मानक के अलावा कोरोना काल का भी काफी अहम रोल रहा। कई बार काम बंद हुआ और काम शुरू हुआ। ऐसे में काम की रफ्तार काफी धीमी हो गई। एक बार इस परियोजना के साइट पर एक दुर्घटना भी हुई। इस वजह से भी कुछ समय के लिए काम प्रभावित हुआ। फिलहाल इस परियोजना के अंतर्गत नए वर्क सर्किल प्रभारी की नियुक्ति हो चुकी है। लेकिन परियोजना रफ्तार पकड़ेगी या नहीं। अभी कहना मुश्किल है।
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- 37.5 क्यूसेक परियोजना का ओवरऑल 94 प्रतिशत काम पूरा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अपर गंगा कैनाल से नोएडा-गाजियाबाद के लिए 37.5 क्यूसेक गंगाजल आपूर्ति के लिए नई परियोजना का काम अंतिम चरण में है। मई तक परियोजना पूरी हो जाएगी। इससे नोएडा के 26 सेक्टरों के छह लाख लोगों को गंगाजल की आपूर्ति हो सकेगी।
परियोजना का 94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। आखिरी चरण में लगाए जा रहे पाइप लाइन से एनएच-9 से भूमिगत जलाशय सेक्टर-118 के अलावा भूमिगत जलाशय सेक्टर-69 को जोड़ा जा रहा है। यह काम 15 दिन में पूरा हो जाएगा। यहां गंगाजल इकट्ठा कर रखा जा सकेगा, जो कि भविष्य में जलापूर्ति में काम आएगा। सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि मई से परियोजना का लाभ लोगों को मिलना शुरू हो जाएगा।
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यहां का काम अभी बाकी
पालइ लाइन बिछाने के कार्य में भूमि का कुछ विवाद है। जिला प्रशासन और प्राधिकरण मामले का समाधान ढूंढ रहे हैं। प्राधिकरण के डीजीएम आरपी सिंह का कहना है कि गाजियाबाद में 100 मीटर जमीन पर पाइपलाइन बिछाने का काम बचा हुआ है। हालांकि इसके लिए गाजियाबाद जिलाधिकारी ने समाधान का आश्वासन दिया है। इसके अलावा पर्थला चौक पर सिग्नेचर ब्रिज के पास इस लाइन को जोड़ने का काम पूरा नहींं हुआ है। इस वजह से काम में कुछ देरी हो रही है। इस परियोजना पर 14 मार्च 2018 को योजना पर काम शुरू हुआ था। 30 नवंबर 2021 तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। अब मई तक काम पूरे कर लोगों को लाभ दिलाने की कोशिश की जा रही है।
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इन सेक्टरों को होगा फायदा
गंगाजल की नई पाइपलाइन से सेक्टर-112, 113, 115, 116, 117, 118, 119, 120, 121, 122, 128, 129, 130, 131, 133, 134, 135, 137, 143, 144, 145, 146, 147, 151 और 168 के निवासियों को फायदा होगा।
90 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी मिलेगा
नोएडा में फिलहाल गंगाजल की दो पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति की जाती है। इसमें एक पाइपलाइन की क्षमता 20 क्यूसेक और दूसरे की 80 क्यूसेक की है। इससे 240 मिलियन लीटर पानी रोजाना देने का दावा किया जाता है। 37.5 क्यूसेक परियोजना के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जलापूर्ति शुरू होने पर 90 मिलियन लीटर पानी अतिरिक्त मिलेगा।
37.5 क्यूसेक गंगाजल परियोजना एक नजर में
- उत्तर प्रदेश आवास विकास और नोएडा प्राधिकरण का वहन 25:75 का
- कुल लागत 304 करोड़
- डेडलाइन मई 2023
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चिल्ला और भंगेल एलिवेटेड रोड परियोजना लेटलतीफी की शिकार
-कभी तबादलों तो कभी फंड की कमी की वजह से परियोजना की गति पड़ी धीमी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। चिल्ला रेगुलेटर से लेकर महामाया फ्लाईओवर तक 5.96 किमी लंबे एलिवेटेड रोड और अगाहपुर से स्पेशल इकोनोमिक जोन तक निर्माणाधीन भंगेल एलिवेटेड रोड परियोजना लेटलतीफी की शिकार है। परियोजना को समय से पूरा करने के लिए काफी मशक्कत की जा रही है। लेकिन तकनीकी बाधाओं की वजह से काम प्रभावित हो रहा है। चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना का एस्टिमेट दोबारा बोर्ड से मंजूर कराकर करीब 801 करोड़ की लागत से इसे तैयार कराने का मसौदा तैयार किया गया है। फिलहाल डेढ़ साल से इसका काम बंद है। परियोजना फाइलों में घूम रही है। एक-एक चरण पर मंजूरी की वजह से परियोजना अब वर्ष 2025 तक पूरा होने की संभावना है। खास बात यह कि अगर समय रहते इसके फंडिंग के लिए शासन तैयार नहीं हुआ तो यह परियोजना को पूरा करने का समय 2026 तक जा सकता है। इस परियोजना के फंडिंग को लेकर काफी विवाद हो चुका है। प्राधिकरण और शासन को आधा-आधा बजट देना है। लेकिन शासन ने अब तक पैसे नहीं दिए हैं।
इसी तरह से भंगेल एलिवेटेड रोड परियोजना का काम समय से पूरा करने की राह में कई बाधाएं आईं। सबसे ज्यादा बाधाएं अधिकारियों के तबादले को लेकर रहीं। कई बार तबादलों की वजह से काम की प्रगति पर असर पड़ा। वहीं इस काम में बाधक के तौर पर एनजीटी के मानक के अलावा कोरोना काल का भी काफी अहम रोल रहा। कई बार काम बंद हुआ और काम शुरू हुआ। ऐसे में काम की रफ्तार काफी धीमी हो गई। एक बार इस परियोजना के साइट पर एक दुर्घटना भी हुई। इस वजह से भी कुछ समय के लिए काम प्रभावित हुआ। फिलहाल इस परियोजना के अंतर्गत नए वर्क सर्किल प्रभारी की नियुक्ति हो चुकी है। लेकिन परियोजना रफ्तार पकड़ेगी या नहीं। अभी कहना मुश्किल है।