फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   SIT to probe cough syrup smugglers' network

Noida News: कफ सिरप की तस्करों का नेटवर्क खंगालेगी एसआईटी

Thu, 06 Nov 2025 12:32 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 06 Nov 2025 12:32 AM IST
विज्ञापन
SIT to probe cough syrup smugglers' network
सोनभद्र। सोनभद्र, रांची और गाजियाबाद में करोड़ों के कफ सिरप की बरामदगी के बाद इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खंगालने के लिए एसपी ने दस सदस्यीय एसआईटी गठित की है। तस्करों के पानीपत कनेक्शन का पता लगाने के लिए हरियाणा पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है।
विज्ञापन

गाजियाबाद और सोनभद्र की पुलिस टीमें गिरोह से जुड़ी हर कड़ी तलाशने में जुटी हुई हैं। सोनभद्र पुलिस इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कहां तक जुड़े हुए हैं, इसका पता लगाने में जुट गई है। दिल्ली के साथ पानीपत से जुड़े इस गिरोह का नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके, इसके लिए हरियाणा पुलिस से संपर्क साधा जा रहा है। बांग्लादेश में कफ सिरप पहुंचाने के लिए किन राज्यों से जुड़े नेटवर्क और रूट का इस्तेमाल किया जा रहा है इसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। शराब तस्करी की तर्ज पर कफ तस्करी के लिए भी तरह-तरह के तरीकों के इस्तेमाल को देखते हुए सिविल पुलिस के साथ ही अभिसूचना इकाइयों को भी नेटवर्क मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। चूंकि जो स्थिति है उसमें हर वाहनों को चेक कर पाना संभव नहीं है। बावजूद तस्करी से जुड़ा कोई भी सामान पुलिस की नजर से बचने न पाए इसके लिए निगरानी और नई जानकारियां जुटाने के लिए गठित टीमको सूचना तंत्र मजबूत करने, सक्रियता का दायरा बढ़ाने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन



--

बांग्लादेश की सीमाएं हैं तस्करी के लिए मुफीद

भारत के साथ बांग्लादेश की सीमा काफी हद तक खुली है। इसलिए तस्करों का सबसे ज्यादा ध्यान किसी भी तरह सिरप को असम और पश्चिम बंगाल पहुंचाना होता है। वहां से मौका मिलते ही खेप बांग्लादेश पहुंचा दी जाती है। सूत्र बताते हैं कि बांग्लादेश में किसी फर्म, कागजात का इस्तेमाल कर आसानी से कफ सिरप अमेरिका सहित अन्य देशों तक पहुंचा दिया जाता है। चूकि विदेशों से इसकी काफी अच्छी कीमत मिलती है। इसलिएसे ज्यादा प्रतिबंधित कफ सिरप बांग्लादेश पहुंचाने में तस्करों की दिलचस्पी ज्यादा रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन





--

वर्जन -



इस गिरोह के तार देश के साथ ही विदेश में कहां तक जुड़े हैं, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए 10 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। तस्करी के लिए अपनाए जा रहे तरीकों को देखते हुए सूचना तंत्र को और भी मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। -अभिषेक वर्मा, एसपी सोनभद्र।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed