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Noida News: निक्की हत्याकांड एक दिन पहले बहन कंचन की भी की गई थी पिटाई
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- बताया, चीख सुनकर बाहर निकली तो देखा निक्की जल रही थी
संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। मृतका निक्की की बहन कंचन ने बताया कि घटना से एक दिन पहले 20 अगस्त की रात में पति द्वारा अभद्रता का व्यवहार कर मेरे साथ मारपीट की थी। इसके चलते मेरी तबीयत खराब हो गई। 21 अगस्त को चार बजे तक वह ठीक नहीं थी। तब बच्चे ने कहा कि मम्मी उठोगी नहीं। आपकी तबीयत ठीक नहीं है। बीमार होने की वजह से ड्रिप लगवाई। उसी समय ऊपर से चीख पुकार की आवाजें आने लगीं तो बाहर निकली।
घटना से कुछ देर पहले ही उसने अपने बच्चों का होमवर्क करवाया था। जैसे ही ऊपर पहुंची तो बचाओ-बचाओ की आवाज सुनीं। वहां पहुंची तो देखा निक्की जल रही थी। इसके बाद रसोई का दरवाजा खोलकर एक हाथ से मोबाइल से वीडियो बनाई। दूसरे हाथ से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन बुझा नहीं पाई। उसके बाद तौलिये से आग बुझाने का प्रयास किया। उसके बाद मैं खुद बेहोश हो गई। बेहोश होने के बाद क्या हुआ, पता नहीं। होश में आने पर घटना की सूचना भाई को फोन करके दी। छोटे भाई के साथ अस्पताल में पहुंची जब तक वह निक्की की सांस रुक चुकी थी।
कंचन का कहना है कि घटना के समय सभी घर वाले घर पर ही थे। निक्की को आग पति विपिन ने लगाई थी। बच्चा हमेशा अपनी मां के साथ रहता था। बच्चा एक पल भी मां को छोड़ता नहीं था। बच्चों ने आग लगाने का सीन अपनी आंखों से देखा है। निक्की जब अपने पति की करतूत अपनी सास को बताती थी तो सास उनको अनदेखा कर देती। दहेज के लिए पिछले छह माह से 36 लाख के लिए लगातार मांग कर प्रताड़ित किया जा रहा था। कहा जाता था कि आप जाओ और 36 लाख रुपए हमें लाकर दे दो। घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। अपने स्टूडियो में भी हमने चार कैमरे लगा रखे थे। कैमरे लगातार ऑन रहते थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। मृतका निक्की की बहन कंचन ने बताया कि घटना से एक दिन पहले 20 अगस्त की रात में पति द्वारा अभद्रता का व्यवहार कर मेरे साथ मारपीट की थी। इसके चलते मेरी तबीयत खराब हो गई। 21 अगस्त को चार बजे तक वह ठीक नहीं थी। तब बच्चे ने कहा कि मम्मी उठोगी नहीं। आपकी तबीयत ठीक नहीं है। बीमार होने की वजह से ड्रिप लगवाई। उसी समय ऊपर से चीख पुकार की आवाजें आने लगीं तो बाहर निकली।
घटना से कुछ देर पहले ही उसने अपने बच्चों का होमवर्क करवाया था। जैसे ही ऊपर पहुंची तो बचाओ-बचाओ की आवाज सुनीं। वहां पहुंची तो देखा निक्की जल रही थी। इसके बाद रसोई का दरवाजा खोलकर एक हाथ से मोबाइल से वीडियो बनाई। दूसरे हाथ से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन बुझा नहीं पाई। उसके बाद तौलिये से आग बुझाने का प्रयास किया। उसके बाद मैं खुद बेहोश हो गई। बेहोश होने के बाद क्या हुआ, पता नहीं। होश में आने पर घटना की सूचना भाई को फोन करके दी। छोटे भाई के साथ अस्पताल में पहुंची जब तक वह निक्की की सांस रुक चुकी थी।
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कंचन का कहना है कि घटना के समय सभी घर वाले घर पर ही थे। निक्की को आग पति विपिन ने लगाई थी। बच्चा हमेशा अपनी मां के साथ रहता था। बच्चा एक पल भी मां को छोड़ता नहीं था। बच्चों ने आग लगाने का सीन अपनी आंखों से देखा है। निक्की जब अपने पति की करतूत अपनी सास को बताती थी तो सास उनको अनदेखा कर देती। दहेज के लिए पिछले छह माह से 36 लाख के लिए लगातार मांग कर प्रताड़ित किया जा रहा था। कहा जाता था कि आप जाओ और 36 लाख रुपए हमें लाकर दे दो। घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। अपने स्टूडियो में भी हमने चार कैमरे लगा रखे थे। कैमरे लगातार ऑन रहते थे।
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