{"_id":"68bdd52117c3ee2f2d034d97","slug":"siddharthnagar-news-pet-increased-the-trouble-the-problem-increased-due-to-long-distance-na-news-c-227-1-sdn1003-144187-2025-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: पीईटी ने बढ़ाई मुसीबत, लंबी दूरी होने से बढ़ गई परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: पीईटी ने बढ़ाई मुसीबत, लंबी दूरी होने से बढ़ गई परेशानी
Mon, 08 Sep 2025 12:25 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Mon, 08 Sep 2025 12:25 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थ नगर रेलवे स्टेशन पर पेट परीक्षा देने जाने के लिए लगी छात्रों की भीड़।
- जिले के अभ्यर्थियों का गोरखपुर और देवरिया में गया था सेंटर
-निजी व प्राइवेट वाहनों से करनी पड़ी यात्रा
सिद्धार्थनगर। उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) देकर वापस लाैटे अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लंबी दूरी और अधिक किराये से तो मुसीबत हुई ही, वहीं साधन न मिलने से भी वह परेशान रहे। कई छात्रों की प्रथम पाली में परीक्षा हाेने से उन्हें एक दिन पहले ही जाकर सेंटर के आसपास ठिकाना ढूंढ़ना पड़ा। इससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।परीक्षा केंद्रों से वापस अधिकतर अभ्यर्थियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। इनमें से ज्यादातर अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर अच्छा था जो पढ़ा वही आया। लेकिन बेरोजगारी में घर से 100 किमी से अधिक दूर परीक्षा देने से जेब का बोझ बढ़ गया। जिले में सेंटर नहीं होने से युवाओं के साथ युवतियों को और भी परेशानी का सामना करना पड़ा। अभ्यर्थियों ने बताया कि सेंटर दूर होने से किराया अधिक लगने के साथ परीक्षा से पहले की रात में नींद पूरी नहीं हो पाती है। इससे परीक्षा पर भी असर पड़ता है। जो छात्र सेंटर पर एक दिन पहले आए उन्हें इस परीक्षा के लिए तीन से चार हजार तक खर्च करना पड़ा।
-- -- -- -- -- --
बाेले अभ्यर्थी
जिले में सेंटर होने से छात्र-छात्राओं को दूर नहीं जाना पड़ता। इससे समय की बचत होने से खर्च भी कम होता लेकिन सेंटर अधिक दूर होने से परेशानी बढ़ जाती है।
अजय वरुण, छात्र
-- -- -- -
पीईटी परीक्षा का सेंटर अधिक दूर हाेने से सैकड़ों छात्र परीक्षा छोड़ देते हैं जबकि इससे उन्हें कई परीक्षाओं से वंचित होना पड़ता है। सेंटर पास में बने तो सबको सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
अशफाक खान, छात्र
विज्ञापन
-निजी व प्राइवेट वाहनों से करनी पड़ी यात्रा
सिद्धार्थनगर। उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) देकर वापस लाैटे अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लंबी दूरी और अधिक किराये से तो मुसीबत हुई ही, वहीं साधन न मिलने से भी वह परेशान रहे। कई छात्रों की प्रथम पाली में परीक्षा हाेने से उन्हें एक दिन पहले ही जाकर सेंटर के आसपास ठिकाना ढूंढ़ना पड़ा। इससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।परीक्षा केंद्रों से वापस अधिकतर अभ्यर्थियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। इनमें से ज्यादातर अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर अच्छा था जो पढ़ा वही आया। लेकिन बेरोजगारी में घर से 100 किमी से अधिक दूर परीक्षा देने से जेब का बोझ बढ़ गया। जिले में सेंटर नहीं होने से युवाओं के साथ युवतियों को और भी परेशानी का सामना करना पड़ा। अभ्यर्थियों ने बताया कि सेंटर दूर होने से किराया अधिक लगने के साथ परीक्षा से पहले की रात में नींद पूरी नहीं हो पाती है। इससे परीक्षा पर भी असर पड़ता है। जो छात्र सेंटर पर एक दिन पहले आए उन्हें इस परीक्षा के लिए तीन से चार हजार तक खर्च करना पड़ा।
बाेले अभ्यर्थी
जिले में सेंटर होने से छात्र-छात्राओं को दूर नहीं जाना पड़ता। इससे समय की बचत होने से खर्च भी कम होता लेकिन सेंटर अधिक दूर होने से परेशानी बढ़ जाती है।
विज्ञापन
अजय वरुण, छात्र
पीईटी परीक्षा का सेंटर अधिक दूर हाेने से सैकड़ों छात्र परीक्षा छोड़ देते हैं जबकि इससे उन्हें कई परीक्षाओं से वंचित होना पड़ता है। सेंटर पास में बने तो सबको सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
अशफाक खान, छात्र