फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Seeking magistrate's certificate for first child

Noida News: पहले बच्चे के लिए मांग रहे मजिस्ट्रेट का प्रमाणपत्र

Mon, 09 Dec 2024 07:23 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2024 07:23 PM IST
विज्ञापन
Seeking magistrate's certificate for first child
-नर्सरी, केजी व पहली कक्षा में नए दाखिला मानकों से अभिभावक बेहाल
विज्ञापन

-कुछ स्कूल आवेदन फॉर्म के साथ छह माह का बैंक स्टेंटमेंट मांग रहे

-पैतृक आवास के कारण कुछ अभिभावकों के नाम नहीं होते उपयोगिता बिल

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नर्सरी, केजी व पहली कक्षा में दाखिले के लिए जारी आवेदन प्रक्रिया अब रफ्तार पकडऩे लगी है। इसके साथ ही अभिभावकों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। स्कूल आवेदन फॉर्म के साथ दस्तावेज के रूप में गैर जरूरी जानकारी की मांग कर रहे हैं। इस कारण से अब तक कई अभिभावक आवेदन नहीं कर सके हैं। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक आ गई है।

अभिभावकों को कहीं पहला बच्चा होने के लिए मजिस्ट्रेट का प्रमाणपत्र देना पड़ रहा है तो कहीं बीते छह माह की बैंक खाते की जानकारी(स्टेटमेंट), तो कहीं अभिभावक के नाम के उपयोगिता बिल(पानी, बिजली, फोन, गैस) मांगे जा रहे हैं। एक अभिभावक ने बताया कि नर्सरी दाखिले में पहले बच्चे होने का भी प्रमाणपत्र देना पड़ रहा है। वह भी मजिस्ट्रेट का होना जरूरी है। जबकि कई जगह केवल नोटरी का चल जाता है। इसके साथ ही दोनों अभिभावकों को भी हस्ताक्षर करने हैं कि उनका पहला बच्चा है। उन्होंने कहा कि मेरे पति दिल्ली से बाहर जॉब करते हैं, मुझे समझ नहीं आ रहा कि कहां से मजिस्ट्रेट प्रमाणपत्र बनवाया जाए।
विज्ञापन

यह भी डर है कि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कहीं गलत व्यक्ति से संपर्क न हो जाए और पैसा देना पड़े। वहीं एक अभिभावक ने बताया कि जहां वह दाखिले के लिए आवेदन करना चाह रहे हैं वहां तीन माह का उपयोगिता बिल मांगा हुआ है। पैतृक आवास होने के कारण पानी, बिजली का बिल मेरे पिता के नाम है। अब स्कूल की यह शर्त कैसे पूरी की जाए। वहीं छह महीने की बैंक स्टेंटमेंट मांग कर स्कूल क्या जानना चाह रहे हैं। एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने कहा कि शिक्षा निदेशालय को स्कूलों की ऐसी अजीबो-गरीब शर्त पर लगाम लगानी चाहिए। अभिभावक असमंजस में हैं कि वह इन शर्तों को कैसे पूरा करें। यह पूरी तरह से अतार्किक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed