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Noida News: सरोजिनी नगर बाजार में मॉकड्रिल से परखी सुरक्षा व्यवस्था
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दिल्ली पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग ने चलाया संयुक्त अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को परखने और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को सरोजिनी नगर बाजार में पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से मॉकड्रिल का आयोजन किया। इसका उद्देश्य आग लगने, बम धमाके और भगदड़ जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की क्षमता का परीक्षण करना था।
ड्रिल में पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीमें शामिल रहीं। इस दौरान आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने और भीड़ नियंत्रण की प्रक्रिया का विस्तृत अभ्यास किया गया। टीमों ने बाजार में मौजूद दुकानदारों व राहगीरों को सुरक्षित क्षेत्रों की ओर निकाला और पूरी प्रक्रिया को वास्तविक हालात की तरह संचालित किया। संयुक्त अभ्यास की अध्यक्षता पुलिस सेवा स्वयंसेवक ओम दत्त शर्मा ने की। अभ्यास में डीसीपी अमित गोयल, एसएचओ अतुल त्यागी, सब-इंस्पेक्टर मनीषा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। ओम दत्त शर्मा ने कहा कि राजधानी जैसे व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाकों में नियमित मॉकड्रिल बेहद जरूरी है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई हो सके। वर्ष 2005 में धनतेरस के मौके पर सरोजिनी नगर बाजार में हुए बम धमाके में 50 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करने के प्रयास जारी हैं। वहीं, मॉकड्रिल के दौरान बाजार में मौजूद लोगों ने भी पुलिस के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसी तैयारियां आम जनता में भरोसा व सुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को परखने और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को सरोजिनी नगर बाजार में पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से मॉकड्रिल का आयोजन किया। इसका उद्देश्य आग लगने, बम धमाके और भगदड़ जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की क्षमता का परीक्षण करना था।
ड्रिल में पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीमें शामिल रहीं। इस दौरान आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने और भीड़ नियंत्रण की प्रक्रिया का विस्तृत अभ्यास किया गया। टीमों ने बाजार में मौजूद दुकानदारों व राहगीरों को सुरक्षित क्षेत्रों की ओर निकाला और पूरी प्रक्रिया को वास्तविक हालात की तरह संचालित किया। संयुक्त अभ्यास की अध्यक्षता पुलिस सेवा स्वयंसेवक ओम दत्त शर्मा ने की। अभ्यास में डीसीपी अमित गोयल, एसएचओ अतुल त्यागी, सब-इंस्पेक्टर मनीषा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। ओम दत्त शर्मा ने कहा कि राजधानी जैसे व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाकों में नियमित मॉकड्रिल बेहद जरूरी है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई हो सके। वर्ष 2005 में धनतेरस के मौके पर सरोजिनी नगर बाजार में हुए बम धमाके में 50 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करने के प्रयास जारी हैं। वहीं, मॉकड्रिल के दौरान बाजार में मौजूद लोगों ने भी पुलिस के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसी तैयारियां आम जनता में भरोसा व सुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।
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