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Noida News: फ्लैट खरीदार को दो लाख रुपये ब्याज समेत लौटाएगा बिल्डर
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जिला उपभोक्ता आयोग
फ्लैट खरीदार को दो लाख रुपये ब्याज समेत लौटाएगा बिल्डर
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। फ्लैट की बुकिंग के दौरान वादा की गई सुविधाएं नहीं देने और दो लाख रुपये वापस नहीं करने को जिला उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी माना है। आयोग ने बिल्डर मैसर्स धान्या प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड को शिकायतकर्ता को दो लाख रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ 30 दिन के भीतर लौटाने का आदेश दिया है।
गाजियाबाद के इंदिरा पुरम साया गोल्ड एवेन्यू निवासी वैदही शर्मा ने नोएडा के सेक्टर-62 स्थित महागुन मंत्रा-1 आवासीय परियोजना में फ्लैट बुक करने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने चार सितंबर 2016 को बुकिंग कराई थी। उन्हें 36 महीने में फ्लैट का कब्जा देने का भरोसा दिया गया था। बिल्डर ने उन्हें नौवीं मंजिल पर 43.40 लाख रुपये कीमत का फ्लैट आवंटित किया था।
वैदही शर्मा का कहना था कि उन्होंने सभी किस्तों का भुगतान समय पर किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं नहीं दी गईं। प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाले लाभ और विलंबित कब्जे से संबंधित राशि का भी उचित समायोजन नहीं किया गया। कोविड काल के दौरान कब्जा देने का भरोसा मिलने के बावजूद उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं मिला। बिल्डर ने सुविधाओं के बदले दो लाख रुपये लौटाने की पेशकश की थी, लेकिन बाद में भुगतान करने के बजाय टालमटोल करने लगा। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
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मामले की सुनवाई के दौरान बिल्डर की ओर से अपना पक्ष नहीं रखा गया। इस पर आयोग ने एक पक्षीय सुनवाई करते हुए उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। आयोग सेवा में कमी मानते हुए बिल्डर को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को दो लाख रुपये छह फीसदी ब्याज सहित 30 दिन के भीतर भुगतान करे। इसके अतिरिक्त मानसिक संताप के लिए एक हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में एक हजार रुपये भी अदा करने होंगे।
पांच माह में आयोग ने सुनाया फैसला: वैदही शर्मा पत्नी कबीर शर्मा बनाम धान्या प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड का वाद 9 मार्च 2026 को दायर किया गया था। 5 अक्तूबर 2026 को मामले में सुनवाई की गई। 12 अक्तूबर 2026 को आयोग ने फैसला सुनाया। केवल पांच माह के अवधि में ही फैसला बनाकर बिल्डर को 30 दिन में दो लाख रुपये भुगतान का आदेश दिया है।
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फ्लैट खरीदार को दो लाख रुपये ब्याज समेत लौटाएगा बिल्डर
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। फ्लैट की बुकिंग के दौरान वादा की गई सुविधाएं नहीं देने और दो लाख रुपये वापस नहीं करने को जिला उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी माना है। आयोग ने बिल्डर मैसर्स धान्या प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड को शिकायतकर्ता को दो लाख रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ 30 दिन के भीतर लौटाने का आदेश दिया है।
गाजियाबाद के इंदिरा पुरम साया गोल्ड एवेन्यू निवासी वैदही शर्मा ने नोएडा के सेक्टर-62 स्थित महागुन मंत्रा-1 आवासीय परियोजना में फ्लैट बुक करने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने चार सितंबर 2016 को बुकिंग कराई थी। उन्हें 36 महीने में फ्लैट का कब्जा देने का भरोसा दिया गया था। बिल्डर ने उन्हें नौवीं मंजिल पर 43.40 लाख रुपये कीमत का फ्लैट आवंटित किया था।
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वैदही शर्मा का कहना था कि उन्होंने सभी किस्तों का भुगतान समय पर किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं नहीं दी गईं। प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाले लाभ और विलंबित कब्जे से संबंधित राशि का भी उचित समायोजन नहीं किया गया। कोविड काल के दौरान कब्जा देने का भरोसा मिलने के बावजूद उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं मिला। बिल्डर ने सुविधाओं के बदले दो लाख रुपये लौटाने की पेशकश की थी, लेकिन बाद में भुगतान करने के बजाय टालमटोल करने लगा। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
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मामले की सुनवाई के दौरान बिल्डर की ओर से अपना पक्ष नहीं रखा गया। इस पर आयोग ने एक पक्षीय सुनवाई करते हुए उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। आयोग सेवा में कमी मानते हुए बिल्डर को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को दो लाख रुपये छह फीसदी ब्याज सहित 30 दिन के भीतर भुगतान करे। इसके अतिरिक्त मानसिक संताप के लिए एक हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में एक हजार रुपये भी अदा करने होंगे।
पांच माह में आयोग ने सुनाया फैसला: वैदही शर्मा पत्नी कबीर शर्मा बनाम धान्या प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड का वाद 9 मार्च 2026 को दायर किया गया था। 5 अक्तूबर 2026 को मामले में सुनवाई की गई। 12 अक्तूबर 2026 को आयोग ने फैसला सुनाया। केवल पांच माह के अवधि में ही फैसला बनाकर बिल्डर को 30 दिन में दो लाख रुपये भुगतान का आदेश दिया है।