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बाइक बोट फर्जीवाड़े के आरोपियों पर कंपनी एक्ट में शिकंजा

Sat, 24 Jul 2021 12:42 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jul 2021 12:42 AM IST
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Screws in the Companies Act on the accused of bike boat fraud
Screws in the Companies Act on the accused of bike boat fraud
जेपी शर्मा
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ग्रेटर नोएडा। देश के लाखों लोगों से अरबों की ठगी के बाइक बोट फर्जीवाड़े के आरोपियों पर कंपनी एक्ट में शिकंजा कसा है। मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मेरठ की टीम ने आरोपियों पर दर्ज सभी केसों में कंपनी एक्ट की धारा 76 (ए) बढ़ा दी है। यह धारा कंपनियां बनाकर की गई धोखाधड़ी और कंपनी एक्ट के उल्लंघन पर बढ़ाई गईं हैं। दादरी कोतवाली में आरोपियों पर 90 से अधिक केस दर्ज हैं और लगभग 25 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट में संपत्ति कर कार्रवाई कर रही है। बृहस्पतिवार को सभी आरोपियों को लुकसर जेल से लाकर जिला अदालत में पेश किया गया था।
दादरी के कोट गांव के पास बाइक बोट यानी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स का दफ्तर बनाकर देश भर के निवेशकों से धन दोगुना करने के नाम पर ठगी की शुरुआत की गई थी। आरोपी बेखौफ होकर सोशल मीडिया पर कंपनी व योजना का प्रचार करते रहे। एक साल में धन दोगुना करने के लालच के अलावा कंपनी के अधिकांश शहरों, जिलों में दफ्तर खुलने के दौरान अधिकारियों, नेताओं और अभिनेताओं की मौजूदगी लोगों में विश्वास पैदा करती थी। इनकी मौजूदगी और चुप्पी के कारण ही अधिकांश निवेशकों ने कंपनी में धन निवेश किया था। आरोपियों ने निवेशकों को उनका रुपया लौटाने के बजाय अग्रिम तिथि के चेक दिए, जो बाद में बाउंस हो गए। पीड़ित निवेशकों के लामबंद होने के बाद दादरी थाने में एक के बाद एक कई केस दर्ज किए गए। वहीं, देश के अन्य राज्यों के थानों व अदालतों में भी आरोपियों पर पीड़ितों ने केस दर्ज कराए। फर्जीवाड़े की जांच प्रवर्तन निदेशालय और ईओडब्ल्यू के अलावा अन्य एजेंसियां भी कर रही हैं।
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सात साल तक सजा और दो करोड़ तक के अर्थदंड का प्रावधान
अधिवक्ता आशुतोष शर्मा ने बताया कि कंपनी एक्ट के उल्लंघन पर जांच अधिकारी ने बाइक बोट फर्जीवाड़े के केसों में 76 (ए) की धारा बढ़ाई है। इस धारा के अंतर्गत दोष सिद्घ होने पर 25 लाख रुसे दो करोड़ रुपये तक अर्थदंड और सात साल तक की सजा का प्रावधान है।
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