फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Schools will have to make holistic skill lab, CBSE made it mandatory

Noida News: स्कूलों को बनानी होगी समग्र कौशल लैब, सीबीएसई ने किया अनिवार्य

Mon, 26 Aug 2024 06:44 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 26 Aug 2024 06:44 PM IST
विज्ञापन
Schools will have to make holistic skill lab, CBSE made it mandatory
-बोर्ड से नए सिरे से संबद्धता चाहने वाले स्कूलों के लिए आवश्यक उपकरणों और मशीनरी के साथ लैब बनाना जरूरी
विज्ञापन

-छठी से बारहवीं कक्षा के लिए 600 वर्ग फीट की एक लैब या 400 वर्ग फीट की दो अलग लैब स्थापित करने के निर्देश
-जो स्कूल कोई कौशल विषय नहीं दे रहे हैं उन्हें छात्रों को कम से कम एक कौशल विषय की पेशकश करनी होगी

रश्मि शर्मा

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध स्कूलों को अब समग्र कौशल लैब (कंपोजिट स्किल लैब) तैयार करनी होगी। सीबीएसई ने स्कूलों के लिए इस लैब को बनाना अनिवार्य किया है। बोर्ड से नए सिरे से संबद्धता चाहने वाले स्कूलों के लिए आवश्यक उपकरणों और मशीनरी के साथ लैब को तैयार करना जरूरी होगा। जबकि बोर्ड से पहले से ही संबद्ध स्कूलों को तीन साल की अवधि के भीतर सभी आवश्यक उपकरणों और मशीनरी के साथ एक समग्र कौशल प्रयोगशाला स्थापित करनी होगी।

सीबीएसई का मानना है कि इस लैब के तैयार होने से छात्रों के बीच उद्यमशीलता क्षमताओं को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। बोर्ड की ओर से देखा गया है कि वर्तमान में कई स्कूलों में प्रभावी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आवश्यक सुविधाओं और उपकरणों की कमी है। ऐसे में हाल ही में हुई बोर्ड की प्रबंध समिति की बैठक में इस मामले पर चर्चा की गई और यह अनिवार्य किया गया कि बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क स्कूल एजुकेशन (एनसीएफएसई) की सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी आवश्यक उपकरणों और मशीनरी के साथ एक समग्र कौशल लैब स्थापित करनी चाहिए।
विज्ञापन


बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे कक्षा छठी से बारहवीं के लिए 600 वर्क फीट क्षेत्र की एक समग्र कौशल प्रयोगशाला (लैब) या 400 वर्ग फीट क्षेत्र की दो अलग-अलग लैब स्थापित करें। बोर्ड का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क) ने विशेष रूप से कक्षा छठी से दसवीं तक के छात्रों के लिए कौशल शिक्षा को बढ़ाने पर महत्वपूर्ण रूप से ध्यान केंद्रित किया है। एनसीएफ ने स्कूलों के भीतर अच्छी तरह से सुसज्जित कौशल प्रयोगशालाओं और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की वकालत की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------------
कौशल विषयों की आवश्यक सामग्री देनी जरूरी

बोर्ड के अनुसार इन लैब की लैब की स्थापना के बारे में अतिरिक्त विवरण जिसमें कौशल विषयों को पढ़ाने के लिए आवश्यक सामग्री शामिल है, के विषय में दिशा-निर्देश जल्द ही दिए जाएंगे। वहीं बोर्ड ने स्कूलों को कहा है कि जो पहले से कौशल विषयों की पेशकश कर रहे हैं वे अधिक कौशल विषयों की पेशकश करके छात्रों को अधिक विकल्प प्रदान करें। वहीं, जो स्कूल अभी भी कोई भी कौशल विषय की पेशकश नहीं कर रहे हैं वे छात्रों को कम से कम एक कौशल विषय का विकल्प दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed