{"_id":"61901a0179630818a761716a","slug":"scam-in-electricity-connection-given-to-big-builder-in-greater-noida-noida-news-noi615656268","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रेटर नोएडा में बड़े बिल्डर को दिए बिजली कनेक्शन में घोटाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रेटर नोएडा में बड़े बिल्डर को दिए बिजली कनेक्शन में घोटाला
विज्ञापन
लखनऊ/नोएडा। ग्रेटर नोएडा में एक बड़े बिल्डर गौरसंस रियलिटी प्रा. लि. की गौर सुंदरम आवासीय योजना के लिए जारी बिजली कनेक्शन में घोटाले की जांच शुरू हो गई है। इससे पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम को 15 करोड़ रुपये के नुकसान का अंदेशा लगाया जा रहा है। पॉवर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने इस आवासीय योजना में बिजली कनेक्शन जारी करने में बरती गई अनियमितताओं की शिकायतों की गोपनीय जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में कुछ बड़े अफसरों की भी गर्दन फंसने की संभावना जताई जा रही है।
पॉवर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार की ओर से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम को भेजे गए पत्र में गौरसंस रियलिटी प्रा. लि. को 220 केवी विद्युत उपकेंद्र सेक्टर-123 नोएडा से 33 केवी स्वतंत्र फीडर के माध्यम से नया विद्युत भार जारी करने के लिए संलग्न टेक्निकल फिजिबिलिटी रिपोर्ट (टीएफआर) में मात्र विद्युत वितरण खंड ग्रेटर नोएडा व विद्युत पारेषण खंड-प्रथम नोएडा के दस्तखत पर सवाल उठाया गया है। नियमानुसार ज्यादा भार के वाले कनेक्शनों के लिए टीएफआर पर मुख्य अभियंता वितरण व मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन के दस्तखत होने चाहिए।
2068 फ्लैट के स्थान पर 1384 के लिए ही लिया कनेक्शन
कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ने पत्र में कहा है कि उक्त कथित टीएफआर केअनुसार 220 केवी विद्युत उपकेंद्र सेक्टर-123 नोएडा से 5200 केवीए भार दिया जाना प्रस्तावित था। शिकायत केअनुसार बिल्डर द्वारा भार की गणना करते समय तीन टावर्स (एस्टर, आर्किड व जैसमीन) के 392 अपार्टमेंट (कुल एरिया 673800 वर्ग फीट) को सम्मिलित नहीं किया गया एवं इसी आधार पर बिजली कंपनी द्वारा भार स्वीकृत किया गया। गौर सुंदरम प्रोजेक्ट में स्थित 2068 फ्लैट के स्थान पर केवल 1384 फ्लैट के लिए विद्युत भार स्वीकृत किया गया है। बिल्डर द्वारा विद्युत भार की गणना के लिए गलत सूचना दिए जाने तथा पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम केअधिकारियों की मिलीभगत कर गलत सूचना के आधार पर विद्युत भार स्वीकृत किए जाने की जानकारी पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को दी गई है।
विज्ञापन
बिल्डर को पहुंचाया लाभ
पत्र में कहा गया है कि कथित टीएफआर, जिसके अनुसार बिजली कनेक्शन 220 केवी विद्युत उपकेंद्र सेक्टर 123 नोएडा से दिया था, के स्थान पर इसे 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र इटैहरा को फीड करने वाली 33 केवी लाइन से जोड़कर जारी किए जाने का अनुमोदन अधीक्षण अभियंता विद्युत नगरीय वितरण मंडल नोएडा से प्राप्त करके बिल्डर को इसका एस्टीमेट दिया गया। यही नहीं प्रथम चरण में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र इटैहरा से जोड़कर कर 1000 केवीए भार अस्थायी रूप से जारी किया जाना था तथा शेष 4200 केवीए भार 220 केवी विद्युत उपकेंद्र सेक्टर 123 नोएडा से 33 केवी स्वतंत्र फीडर केमाध्यम से जारी किया जाना था। वर्तमान स्थिति के अनुसार बिल्डर को कुल 4000 केवीए का भार 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र इटैहरा से ही जारी कर दिया गया। बिल्डर को स्वतंत्र फीडर बनाने के लिए एस्टीमेट बनाया गया किंतु 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र इटैहरा से कनेक्शन जारी कर बिल्डर को आर्थिक लाभ पहुंचाया जाना प्रतीत हो रहा है।
पश्चिमांचल निगम के एमडी को दी गई जांच
पॉवर कॉर्पोरेशन के एमडी ने शिकायत और उससे संबंधित अभिलेख संलग्न करके पश्चिमांचल वितरण निगम के एमडी को इस प्रकरण में की गई अनियमितताओं व इसके लिए उत्तरदायी कार्मिकों के विवरण के साथ तत्काल कॉर्पोरेशन मुख्यालय को रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार पश्चिमांचल वितरण निगम ने जांच रिपोर्ट तैयार करा ली है। एक-दो दिन में रिपोर्ट पावर कार्पोरेशन मुख्यालय भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
पॉवर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार की ओर से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम को भेजे गए पत्र में गौरसंस रियलिटी प्रा. लि. को 220 केवी विद्युत उपकेंद्र सेक्टर-123 नोएडा से 33 केवी स्वतंत्र फीडर के माध्यम से नया विद्युत भार जारी करने के लिए संलग्न टेक्निकल फिजिबिलिटी रिपोर्ट (टीएफआर) में मात्र विद्युत वितरण खंड ग्रेटर नोएडा व विद्युत पारेषण खंड-प्रथम नोएडा के दस्तखत पर सवाल उठाया गया है। नियमानुसार ज्यादा भार के वाले कनेक्शनों के लिए टीएफआर पर मुख्य अभियंता वितरण व मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन के दस्तखत होने चाहिए।
विज्ञापन
2068 फ्लैट के स्थान पर 1384 के लिए ही लिया कनेक्शन
कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ने पत्र में कहा है कि उक्त कथित टीएफआर केअनुसार 220 केवी विद्युत उपकेंद्र सेक्टर-123 नोएडा से 5200 केवीए भार दिया जाना प्रस्तावित था। शिकायत केअनुसार बिल्डर द्वारा भार की गणना करते समय तीन टावर्स (एस्टर, आर्किड व जैसमीन) के 392 अपार्टमेंट (कुल एरिया 673800 वर्ग फीट) को सम्मिलित नहीं किया गया एवं इसी आधार पर बिजली कंपनी द्वारा भार स्वीकृत किया गया। गौर सुंदरम प्रोजेक्ट में स्थित 2068 फ्लैट के स्थान पर केवल 1384 फ्लैट के लिए विद्युत भार स्वीकृत किया गया है। बिल्डर द्वारा विद्युत भार की गणना के लिए गलत सूचना दिए जाने तथा पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम केअधिकारियों की मिलीभगत कर गलत सूचना के आधार पर विद्युत भार स्वीकृत किए जाने की जानकारी पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को दी गई है।
विज्ञापन
बिल्डर को पहुंचाया लाभ
पत्र में कहा गया है कि कथित टीएफआर, जिसके अनुसार बिजली कनेक्शन 220 केवी विद्युत उपकेंद्र सेक्टर 123 नोएडा से दिया था, के स्थान पर इसे 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र इटैहरा को फीड करने वाली 33 केवी लाइन से जोड़कर जारी किए जाने का अनुमोदन अधीक्षण अभियंता विद्युत नगरीय वितरण मंडल नोएडा से प्राप्त करके बिल्डर को इसका एस्टीमेट दिया गया। यही नहीं प्रथम चरण में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र इटैहरा से जोड़कर कर 1000 केवीए भार अस्थायी रूप से जारी किया जाना था तथा शेष 4200 केवीए भार 220 केवी विद्युत उपकेंद्र सेक्टर 123 नोएडा से 33 केवी स्वतंत्र फीडर केमाध्यम से जारी किया जाना था। वर्तमान स्थिति के अनुसार बिल्डर को कुल 4000 केवीए का भार 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र इटैहरा से ही जारी कर दिया गया। बिल्डर को स्वतंत्र फीडर बनाने के लिए एस्टीमेट बनाया गया किंतु 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र इटैहरा से कनेक्शन जारी कर बिल्डर को आर्थिक लाभ पहुंचाया जाना प्रतीत हो रहा है।
पश्चिमांचल निगम के एमडी को दी गई जांच
पॉवर कॉर्पोरेशन के एमडी ने शिकायत और उससे संबंधित अभिलेख संलग्न करके पश्चिमांचल वितरण निगम के एमडी को इस प्रकरण में की गई अनियमितताओं व इसके लिए उत्तरदायी कार्मिकों के विवरण के साथ तत्काल कॉर्पोरेशन मुख्यालय को रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार पश्चिमांचल वितरण निगम ने जांच रिपोर्ट तैयार करा ली है। एक-दो दिन में रिपोर्ट पावर कार्पोरेशन मुख्यालय भेज दी जाएगी।