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Noida News: खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंची सरयू... मुक्तिपथ के 34 प्लेटफॉर्म डूबे
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सरयू का जलस्तर बढ़ने पर बड़हलगंज के मुक्तिपथ पर चढ़ा बाढ़ का पानी।
- बड़हलगंज में बढ़ रही तेजी से नदी, रामजानकी मार्ग से बगहा व ज्ञानकोल जाने वाला मार्ग डूबा
चिल्लूपार। बड़हलगंज क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को बरहज में सरयू खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गई है। उधर, बड़हलगंज स्थित मुक्तिपथ पर दाह संस्कार के लिए बने 34 प्लेफाॅर्म बाढ़ के पानी में फिर डूब गए हैं। नौ प्लेटफाॅर्म पर ही लोग परिजनों का दाह-संस्कार करने को मजबूर हैं। वहीं, सरयू नदी के तट पर बने रामकवल शाही और शिवाला घाट की ज्यादातर सीढ़ियां भी बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। रामजानकी मार्ग से बगहा देवार और ज्ञानकोल नई बस्ती जाने वाला संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गया है।
मालूम हो कि, करीब 20 दिन पहले भी सरयू का जलस्तर बढ़ने से मुक्तिपथ के 34 प्लेटफाॅर्म पानी में डूब गए थे। केवल नौ प्लेटफॉर्म पर ही दाह संस्कार किया जा रहा था। स्थिति यह थी कि रैंप पर ही शव का दाह संस्कार किया जा रहा था। इसके बाद नदी का पानी घटने लगा था लेकिन अब एक बार फिर सरयू के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने लगी है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 15 सेमी बढ़ा है।
- ज्ञानकोल और बगहा देवार गांव बना टापू
सरयू नदी के बाढ़ का पानी दियारा में बसे दर्जनों गांवों के करीब पहुंच गया है। ज्ञानकोल, बगहा देवार और जैतपुर गांव में स्थिति और गंभीर होती जा रही है। दोनों गांव टापू बन गया है। वहीं, बृहस्पतिवार को जलस्तर बढ़ने से रामजानकी मार्ग से बगहा देवार और ज्ञानकोल नई बस्ती जाने वाला संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके चलते दोनों गांव के लोगों का आवागमन ठप हो गया है। वहीं, जैतपुर में कटान में एक घर समाहित हो गया है। हालांकि घर में कोई मौजूद नहीं था। घर का सामान निकाल लिया गया था।
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वहीं, बगहा देवार गांव का प्राथमिक विद्यालय चारों तरफ से पानी से घिर चुका है। प्रधानाध्यापक जावेद अंसारी, शिक्षक अशोक सिंह ने बताया कि विद्यालय बाढ़ की जद में है। नदी की तेज धारा विद्यालय के पूर्वी तरफ की चहारदीवारी से टकरा रही है और अंदर ही अंदर कटान कर रहा है। गांव में आठ से 10 घरों पर अभी भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं, ज्ञानकोल में बंशी यादव के घर के पास तक कटान हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा और कटान नहीं रुकी, तो जल्द ही ये बस्तियां भी खतरे की जद में आ सकती हैं।
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जैतपुर गांव में हालात खराब, एक घर कटान में समाहित
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से जैतपुर गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। कटान में बुधवार को एक घर पानी में समाहित हो गया है। गांव निवासी सुबाष प्रसाद का कहना है कि सरयू के कटान में मकान पानी में समाहित हो गया है। हालांकि पहले ही घर में रखा सामान निकाल लिया गया था।
वहीं, शिवचंद और नंद कुमार का कहना है कि घर के पास तेजी से कटान हो रहा है। कभी भी मकान पानी में समाहित हो सकता है। दूसरी तरफ जैतपुर गांव में ग्राम पंचायत से ली गई नाव से ग्रामीण एक से दूसरी जगह जा रहे हैं।
सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर है। कटान की गति धीमी हो गई है। जियो बैग सीट से पिचिंग व पॉर्क्यूपाइन से कटान रोधी बचाव कार्य जारी है। - सुधांशु सिंह, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड 2, सिंचाई विभाग
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चिल्लूपार। बड़हलगंज क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को बरहज में सरयू खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गई है। उधर, बड़हलगंज स्थित मुक्तिपथ पर दाह संस्कार के लिए बने 34 प्लेफाॅर्म बाढ़ के पानी में फिर डूब गए हैं। नौ प्लेटफाॅर्म पर ही लोग परिजनों का दाह-संस्कार करने को मजबूर हैं। वहीं, सरयू नदी के तट पर बने रामकवल शाही और शिवाला घाट की ज्यादातर सीढ़ियां भी बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। रामजानकी मार्ग से बगहा देवार और ज्ञानकोल नई बस्ती जाने वाला संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गया है।
मालूम हो कि, करीब 20 दिन पहले भी सरयू का जलस्तर बढ़ने से मुक्तिपथ के 34 प्लेटफाॅर्म पानी में डूब गए थे। केवल नौ प्लेटफॉर्म पर ही दाह संस्कार किया जा रहा था। स्थिति यह थी कि रैंप पर ही शव का दाह संस्कार किया जा रहा था। इसके बाद नदी का पानी घटने लगा था लेकिन अब एक बार फिर सरयू के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने लगी है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 15 सेमी बढ़ा है।
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- ज्ञानकोल और बगहा देवार गांव बना टापू
सरयू नदी के बाढ़ का पानी दियारा में बसे दर्जनों गांवों के करीब पहुंच गया है। ज्ञानकोल, बगहा देवार और जैतपुर गांव में स्थिति और गंभीर होती जा रही है। दोनों गांव टापू बन गया है। वहीं, बृहस्पतिवार को जलस्तर बढ़ने से रामजानकी मार्ग से बगहा देवार और ज्ञानकोल नई बस्ती जाने वाला संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके चलते दोनों गांव के लोगों का आवागमन ठप हो गया है। वहीं, जैतपुर में कटान में एक घर समाहित हो गया है। हालांकि घर में कोई मौजूद नहीं था। घर का सामान निकाल लिया गया था।
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वहीं, बगहा देवार गांव का प्राथमिक विद्यालय चारों तरफ से पानी से घिर चुका है। प्रधानाध्यापक जावेद अंसारी, शिक्षक अशोक सिंह ने बताया कि विद्यालय बाढ़ की जद में है। नदी की तेज धारा विद्यालय के पूर्वी तरफ की चहारदीवारी से टकरा रही है और अंदर ही अंदर कटान कर रहा है। गांव में आठ से 10 घरों पर अभी भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं, ज्ञानकोल में बंशी यादव के घर के पास तक कटान हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा और कटान नहीं रुकी, तो जल्द ही ये बस्तियां भी खतरे की जद में आ सकती हैं।
जैतपुर गांव में हालात खराब, एक घर कटान में समाहित
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से जैतपुर गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। कटान में बुधवार को एक घर पानी में समाहित हो गया है। गांव निवासी सुबाष प्रसाद का कहना है कि सरयू के कटान में मकान पानी में समाहित हो गया है। हालांकि पहले ही घर में रखा सामान निकाल लिया गया था।
वहीं, शिवचंद और नंद कुमार का कहना है कि घर के पास तेजी से कटान हो रहा है। कभी भी मकान पानी में समाहित हो सकता है। दूसरी तरफ जैतपुर गांव में ग्राम पंचायत से ली गई नाव से ग्रामीण एक से दूसरी जगह जा रहे हैं।
सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर है। कटान की गति धीमी हो गई है। जियो बैग सीट से पिचिंग व पॉर्क्यूपाइन से कटान रोधी बचाव कार्य जारी है। - सुधांशु सिंह, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड 2, सिंचाई विभाग