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Noida News: इनामी बनने से बच गया गैंगस्टर, पुलिस को चकमा देकर किया सरेंडर

Thu, 30 Oct 2025 09:06 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 30 Oct 2025 09:06 PM IST
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santhally murder case
(नोटः खबर के साथ चार आरोपी प्रिंस भाटी, बॉबी तोंगड़, मनोज नागर, सचिन गुर्जर की फोटो भेजी गई है। उसे इस्तेमाल कर सकते हैं।)
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-सैंथली गांव हत्याकांड::: दिवाली पर नाली के विवाद में ताऊ-भतीजा की गोली मारकर हत्या का मामला
-मामले में आरोपियों की तलाश कर रही स्वॉट टीम, सर्विलांस सेल, एसओजी व थाने की टीम को मुंह की खानी पड़ी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सैंथली गांव में ताऊ-भतीजा हत्याकांड में मुख्य आरोपियों के कोर्ट में सरेंडर के बाद मामले की जांच कर रही पुलिस की चार टीम को मुंह की खानी पड़ी है। आरोपियों ने इनामी बदमाश घोषित होने से पहले ही पुलिस को चकमा देकर सरेंडर कर दिया है। ऐसे में अब पुलिस की ओर से आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू की गई है। सैंथली गांव में ताऊ-भतीजा हत्याकांड के आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए थे। एनकांउटर के डर से आरोपी पहले दिल्ली फिर उत्तराखंड भागे। गैंगस्टर मनोज नागर ने अपने वकीलों से संपर्क कर गाजियाबाद कोर्ट में खुद के सरेंडर करने के साथ अपने साथियों प्रिंस भाटी, बॉबी तोंगड़ व सचिन के सरेंडर की स्क्रिप्ट तैयार की। आरोपी पूर्व में कई बार जेल जा चुके है। इस कारण वह पुलिस की कार्यशैली से वाकिफ थे।
इस कारण जिले के बाहर उन्होंने अपने ऊपर दर्ज पुराने मामलों में उनके केस को पैरवी कर रहे वकील व जमानतदारों से मिडिल मैन के माध्यम से जमानत तुड़वा कर जेल जाने का सेफ रास्ता अख्तियार किया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्वॉट टीम, सर्विलांस, एसओजी व थाने की टीम लगी थी। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए गिरोह के बदमाशों को उठाया। लेकिन पुलिस को कोई खास सफलता हासिल नहीं हुई।
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कैश वैन लूट के बाद चर्चा में आया था मनोज : गैंगस्टर मनोज नागर वर्ष-2017 में चर्चा में भी आया था। जब उसने चौगानपुर इलाके में अपने सात साथियों के साथ शराब कंपनी की कैश वैन से 30 लाख की लूट के दौरान गार्ड शाहजहांपुर निवासी ओम प्रकाश व वैन चालक नेपाल निवासी पदम सिंह की हत्या कर कैश व लाइसेंसी हथियार लूट लिया था। उस दौरान एक बदमाश बागपत निवासी सुमित गर्जर को कासना क्षेत्र में पुलिस ने मार गिराया था। कैश वैन लूट व दोहरे हत्याकांड में सुमित एनकाउंटर के बाद मामले में अक्तूबर-2017 में मनोज अपने साथियों कपिल, राजकुमार के साथ गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद उस पर रंगदारी व जानलेवा हमले के कई केस दर्ज हुआ था। आरोप है कि मनोज नागर पिछले चार माह से गांव में नहीं रह रहा है। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दिल्ली, उत्तराखंड के अलग-अलग जिले में लोकेशन बदल-बदल कर रह रहा था।
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आरोपियों की रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी लगाएगी पुलिस :
पुलिस की ओर से सरेंडर करने वाले आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए कानूनी परामर्श लिया जा रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस की ओर से संबंधित अदालतों में रिमांड संबंधी अर्जी लगाई जाएगी। आरोपियों को रिमांड पर लेकर हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी कराई जाएगी। ऐसा नहीं होने पर आरोपी पुनः जमानत पर बाहर आ सकते हैं।

सरेंडर पर मृतकों के परिजनों ने लगाए मिलीभगत के आरोप : आरोपियों के कोर्ट में सरेंडर से मृतकों के परिजनों में नाराजगी है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाएं हैं। साथ ही आरोपियों के साथ संबंधित जिले की पुलिस के साथ मिलीभगत के भी आरोप लगाए हैं। परिजन का आरोप है कि पुलिस आरोपियों की खोज के लिए सिर्फ पुरानी तकनीक का इस्तेमाल करती रही। जबकि उसके पास कई आधुनिक तकनीक हैं। बावजूद इसका इस्तेमाल नहीं किया गया। समय रहते कार्रवाई की गई होती तो आरोपी सरेंडर नहीं कर पाते।



क्या है मामलाः सैथली गांव में दिवाली के दिन 20 अक्तूबर की सुबह नाली के विवाद को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई थी। इस दौरान गांव के ही प्रिंस भाटी ने अपने साथी भाई जितेंद्र भाटी, जारचा के बॉबी तोगंड, सचिन गुर्जर और सादुल्लापुर गांव मनोज नागर आदि के साथ मिलकर सीआईएसएफ से सेवानिवृत दारोगा अजय पाल भाटी (55) व उनके भतीजे दीपांशु भाटी (21) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। फायरिंग में दो पड़ोसी गोली लगने से घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में स्विफ्ट कार को बरामद कर एक आरोपी कोट गांव के निखिल बरहेला को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मुख्य आरोपी प्रिंस भाटी ने बीते शनिवार को गुपचुप तरीके से बुलंदशहर की कोर्ट में सरेंडर किया था। वहीं गैंगस्टर मनोज नागर ने मंगलवार को गाजियाबाद कोर्ट में सरेंडर किया था। बुधवार को सचिन गुर्जर अलीगढ़ कोर्ट में सरेंडर के लिए पहुंचा। जहां से उसे जारचा कोतवाली पुलिस ने पकड़ लिया। जबकि बॉबी तोंगड़ कोर्ट में सरेंडर करने में कामयाब रहा। वहीं मामले में जितेंद्र भाटी अब भी फरार है।
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