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जांच एजेंसियों को छका रहे संजय भाटी के करीबी

Sat, 09 Jan 2021 01:38 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jan 2021 01:38 AM IST
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Sanjay Bhati close to investigating agencies
ग्रेटर नोएडा। अरबों रुपये के बाइक बोट फर्जीवाड़े की जांच कई राज्यों की पुलिस और एजेंसियां कर रही हैं। इसके बावजूद संजय भाटी के करीबी समेत फर्जीवाड़े में लिप्त आरोपी अब तक फरार हैं। पुलिस, ईओडब्ल्यू, एसटीएफ ने अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि फर्जीवाड़े में 100 से अधिक आरोपी होने की आशंका है। पीड़ित निवेशक संजय भाटी के करीबी आरोपी मास्टरमाइंड बीएन तिवारी, संजय भाटी की पत्नी दीप्ती बहल, निजी सेक्रेटरी रीता चौधरी समेत अन्य आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त करने की मांग कर रहे हैं।
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दादरी स्थित कोट गांव के मुख्य दफ्तर पर धरना दे रहे मुन्ना बालियान ने बताया कि उनके धरने को 1 जनवरी को 20वां महीना शुरू हो गया है। देशभर के लाखों निवेशकों और सैनिकों से ठगी करने वाले सभी मुख्य आरोपी भी अब तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं। ईडी, ईओडब्यू मेरठ, यूपी, दिल्ली व अन्य राज्यों की पुलिस, एसटीएफ यूपी, एसएफआईओ आदि एजेंसियां अब तक यह नहीं बता पाईं कि फर्जीवाडे़ में कुल कितने आरोपी हैं। कुल कितने रुपये की ठगी हुई और कुल कितने पीड़ित ठगे गए हैं। मुन्ना बालियान का कहना है कि जब तक संजय भाटी के करीबी गिरफ्तार नहीं होंगे, उन्हें पूरी तरह न्याय नहीं मिल सकता। फरार आरोपी जांच को प्रभावित करते रहे हैं। बीएन तिवारी राजनीतिक पैठ रखता है और इसे इस्तेमाल कर अन्य आरोपियों व खुद को बचाता रहा है। पुलिस व जांच एजेंसियां आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश देने का दावा करती रही हैं, लेकिन मुख्य आरोपी पुलिस व जांच एजेंसियों को अब तक छका रहे हैं।
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केस दर्ज कराने को भटक रहे पीड़ित
मुन्ना बालियान ने बताया कि बाइक बोट फर्जीवाड़े के हजारों पीड़ित आज भी केस दर्ज कराने को भटक रहे हैं। उन्हें इधर से उधर टरका दिया जाता है। इसके चलते पीड़ित अब कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यों में हजारों पीड़ितों ने केस दर्ज कराने के लिए याचिका दी हुई हैं। कई में केस दर्ज करने के आदेश हो चुके हैं और बड़ी संख्या में भी याचिकाओं पर आदेश होने बाकी हैं।
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