{"_id":"61797b0ab984dc006e5f2e16","slug":"sanitation-workers-closed-the-gate-due-to-non-receipt-of-salary-grnoida-news-noi612803378","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेतन नहीं मिलने पर सफाई कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेतन नहीं मिलने पर सफाई कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया धरना
विज्ञापन
ग्रेनो वेस्ट की पंचशील ग्रींसवन सोसाइटी में गेट बंद कर धरना प्रदर्शन करते सफाईकर्मी।
- फोटो : Grnoida
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की पंचशील ग्रींस वन सोसाइटी के सफाई कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने पर काम बंद कर दिया है। बुधवार सुबह सभी कर्मचारी दोनों मुख्य गेट बंद कर धरने पर बैठ गए। इससे निवासी करीब एक घंटे तक परेशान रहे। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर के इशारे पर कर्मचारियों ने धरना शुरू किया है। सुबह करीब साढ़े नौ बजे सोसाइटी के कर्मचारी मुख्य गेट पर पहुंचे। वहां गेट बंद कर धरना शुरू कर और करीब एक घंटे तक किसी को अंदर और बाहर नहीं जाने दिया। सुबह ऑफिस जाने के समय गेट बंद होने से लोगों को काफी दिक्कत हुई।
निवासियों और एओए के सदस्यों ने कर्मचारियों को समझाकर गेट से हटाया। इसके बाद दोनों गेट को खोला जा सका। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि पिछले चार माह का वेतन नहीं मिला है। दिवाली का त्योहार आ रहा है। पैसे के बिना घर चलाना मुश्किल है। वेतन नहीं मिलने तक काम नहीं करने की चेतावनी दी है। उधर, निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने 25 अक्तूबर से मेंटेनेंस सेवा बंद करने की चेतावनी दी थी, लेकिन पुलिस के दबाव में बिल्डर ने फैसला वापस ले लिया। अब बिल्डर ने सफाई कर्मचारियों को आगे कर दिया है। सफाई के बाद सुरक्षाकर्मी और मेंटेनेंस टीम के सदस्य भी काम बंद कर धरने पर बैठ जाएंगे। निवासियों को परेशान करने का दूसरा रास्ता निकाला गया है।
एक साल से 60 प्रतिशत निवासियों ने मेंटेनेंस शुल्क जमा नहीं किया है। इस कारण सफाई कर्मचारियों का वेतन नहीं दे पा रहे हैं। मेंटेनेंस शुल्क मिलने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। अगर निवासी पैसे नहीं देंगे तो आगे काम करवाना मुश्किल होगा।
विज्ञापन
- एके धीमान, मेंटेनेंस हेड, पंचशील ग्रुप
सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म, आज से उठेगा कूड़ा
शहर में छह दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई। बृहस्पतिवार से कूड़ा उठना शुरू हो जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत ठेकेदार कंपनियों में कार्यरत सफाई कर्मचारी 22 अक्टूबर से तीन मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। इससे चरमराई सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्राधिकरण ने मंगलवार को परियोजना विभाग के इंजीनियरों को सड़क पर उतार दिया था। कर्मचारियों की संख्या कम होने से यह व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई थी। इधर, मंगलवार को ही प्राधिकरण ने सफाई कर्मचारियों की बीमा की मांग मान ली थी। प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग के डीजीएम सलिल यादव ने बताया कि अन्य दो मांगों का अधिकार प्राधिकरण के पास नहीं है, यह शासन स्तर की बात है। इस पर बुधवार को कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी।
विज्ञापन
निवासियों और एओए के सदस्यों ने कर्मचारियों को समझाकर गेट से हटाया। इसके बाद दोनों गेट को खोला जा सका। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि पिछले चार माह का वेतन नहीं मिला है। दिवाली का त्योहार आ रहा है। पैसे के बिना घर चलाना मुश्किल है। वेतन नहीं मिलने तक काम नहीं करने की चेतावनी दी है। उधर, निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने 25 अक्तूबर से मेंटेनेंस सेवा बंद करने की चेतावनी दी थी, लेकिन पुलिस के दबाव में बिल्डर ने फैसला वापस ले लिया। अब बिल्डर ने सफाई कर्मचारियों को आगे कर दिया है। सफाई के बाद सुरक्षाकर्मी और मेंटेनेंस टीम के सदस्य भी काम बंद कर धरने पर बैठ जाएंगे। निवासियों को परेशान करने का दूसरा रास्ता निकाला गया है।
विज्ञापन
एक साल से 60 प्रतिशत निवासियों ने मेंटेनेंस शुल्क जमा नहीं किया है। इस कारण सफाई कर्मचारियों का वेतन नहीं दे पा रहे हैं। मेंटेनेंस शुल्क मिलने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। अगर निवासी पैसे नहीं देंगे तो आगे काम करवाना मुश्किल होगा।
विज्ञापन
- एके धीमान, मेंटेनेंस हेड, पंचशील ग्रुप
सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म, आज से उठेगा कूड़ा
शहर में छह दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई। बृहस्पतिवार से कूड़ा उठना शुरू हो जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत ठेकेदार कंपनियों में कार्यरत सफाई कर्मचारी 22 अक्टूबर से तीन मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। इससे चरमराई सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्राधिकरण ने मंगलवार को परियोजना विभाग के इंजीनियरों को सड़क पर उतार दिया था। कर्मचारियों की संख्या कम होने से यह व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई थी। इधर, मंगलवार को ही प्राधिकरण ने सफाई कर्मचारियों की बीमा की मांग मान ली थी। प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग के डीजीएम सलिल यादव ने बताया कि अन्य दो मांगों का अधिकार प्राधिकरण के पास नहीं है, यह शासन स्तर की बात है। इस पर बुधवार को कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी।