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उद्यम, उद्यमी और श्रमिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता : राकेश सचान
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यूपी फायर एंड सेफ्टी एक्सपो एंड कॉन्फ्रेंस का चौथा संस्करण शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उद्यम, उद्यमी और श्रमिकों की सुरक्षा उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उद्यमियों को भी श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा। इससे बड़े हादसे टाले जा सकते हैं। ये बातें यूपी सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहीं। वह इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बृहस्पतिवार को यूपी फायर एंड सेफ्टी एक्सपो एंड कॉन्फ्रेंस (यूएफएसईसी) के चौथे संस्करण के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे।
मंत्री ने कहा कि फायर एनओसी के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है, क्योंकि किसी भी हानि की पूरी भरपाई नहीं हो पाती। प्रदेश सरकार औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान, प्रत्येक जिले में आपदा प्रबंधन इकाइयों की स्थापना करने पर है। इसके अलावा ई-पोर्टल के माध्यम से सूचना देना। एमएसएमई कार्यकर्ताओं में जागरूकता फैलाना। अग्नि सुरक्षा मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करना। अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच करना, भी फोकस में हैं।
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50 से अधिक कंपनियों ने लगाई प्रदर्शनी
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अधिकारियों ने बताया कि दो दिवसीय प्रदर्शनी में का उद्देश्य औद्योगिक सुरक्षा (एचएसई), फायर सेफ्टी और डिजास्टर रिस्पॉन्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सरकारी विभागों, उद्योगों और अन्य हित धारकों की आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करना है। इसमें देश की 50 से अधिक नामी कंपनियों ने फायर सेफ्टी उपकरण, सुरक्षा टेक्नोलॉजी और डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े उत्पाद और समाधान प्रदर्शित किए हैं।
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इस प्रदर्शनी का आयोजन पीएचडीसीसीआई द्वारा सेफ्टी एप्लायंसेज एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एसएएमए) के सहयोग से हुआ है। इस मौके पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख राजेंद्र सिंह, इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ शशांक चौधरी, सुनील कुमार झा, पीएचडीसीसीआई के हेमंत साप्रा, डॉ. रंजीत मेहता, डॉ. एस.पी. गर्ग, विवेक अग्रवाल, महेश कुडव, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
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आग पर रोक लगाने वाले दरवाजे और विशेष ड्रेस
मोहम्मद बिलाल
ग्रेटर नोएडा। यूएफएसईसी में विशेष फायर-रेसिस्टेंट दरवाजा और आग बुझाने के लिए बनाई गई नई तकनीकी वाली ड्रेस की चर्चा ज्यादा रही। दावा है कि यह ड्रेस आग की लपटों और 1000 डिग्री के तापमान के बीच भी रक्षक की तरह काम करती है। सुरक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनी के रीजनल सेल्स मैनेजर निशांत त्यागी ने बताया कि दरवाजा ऐसी विशेष सामग्री से बनाया गया है, जो आग को कई घंटों तक एक स्थान तक सीमित रखता है। इसमें उच्च गुणवत्ता की फायर-रेसिस्टेंट परतें और विशेष लेयर लगाई गई हैं। स्टील के साथ इन परतों का संयोजन इस दरवाजे को 1000 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक तापमान को सहन करने में सक्षम बनाता है।
आशीष मित्तल ने बताया कि ड्रेस में एडवांस्ड फायर-रेसिस्टेंट का इस्तेमाल किया गया है। ये आग बुझाने के दौरान दमकलकर्मियों को सुरक्षित रखते हैं। यह ड्रेस विशेष थर्मल इन्सुलेशन की कई परतों से बनाई जाती है। जो ऊष्मा को अंदर नहीं जाने देती। ड्रेस पर की गई स्पेशल ट्रीटमेंट और कोटिंग आग की लपटों को स्लाइड कर देती है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उद्यम, उद्यमी और श्रमिकों की सुरक्षा उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उद्यमियों को भी श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा। इससे बड़े हादसे टाले जा सकते हैं। ये बातें यूपी सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहीं। वह इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बृहस्पतिवार को यूपी फायर एंड सेफ्टी एक्सपो एंड कॉन्फ्रेंस (यूएफएसईसी) के चौथे संस्करण के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे।
मंत्री ने कहा कि फायर एनओसी के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है, क्योंकि किसी भी हानि की पूरी भरपाई नहीं हो पाती। प्रदेश सरकार औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान, प्रत्येक जिले में आपदा प्रबंधन इकाइयों की स्थापना करने पर है। इसके अलावा ई-पोर्टल के माध्यम से सूचना देना। एमएसएमई कार्यकर्ताओं में जागरूकता फैलाना। अग्नि सुरक्षा मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करना। अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच करना, भी फोकस में हैं।
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50 से अधिक कंपनियों ने लगाई प्रदर्शनी
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अधिकारियों ने बताया कि दो दिवसीय प्रदर्शनी में का उद्देश्य औद्योगिक सुरक्षा (एचएसई), फायर सेफ्टी और डिजास्टर रिस्पॉन्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सरकारी विभागों, उद्योगों और अन्य हित धारकों की आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करना है। इसमें देश की 50 से अधिक नामी कंपनियों ने फायर सेफ्टी उपकरण, सुरक्षा टेक्नोलॉजी और डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े उत्पाद और समाधान प्रदर्शित किए हैं।
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इस प्रदर्शनी का आयोजन पीएचडीसीसीआई द्वारा सेफ्टी एप्लायंसेज एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एसएएमए) के सहयोग से हुआ है। इस मौके पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख राजेंद्र सिंह, इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ शशांक चौधरी, सुनील कुमार झा, पीएचडीसीसीआई के हेमंत साप्रा, डॉ. रंजीत मेहता, डॉ. एस.पी. गर्ग, विवेक अग्रवाल, महेश कुडव, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
आग पर रोक लगाने वाले दरवाजे और विशेष ड्रेस
मोहम्मद बिलाल
ग्रेटर नोएडा। यूएफएसईसी में विशेष फायर-रेसिस्टेंट दरवाजा और आग बुझाने के लिए बनाई गई नई तकनीकी वाली ड्रेस की चर्चा ज्यादा रही। दावा है कि यह ड्रेस आग की लपटों और 1000 डिग्री के तापमान के बीच भी रक्षक की तरह काम करती है। सुरक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनी के रीजनल सेल्स मैनेजर निशांत त्यागी ने बताया कि दरवाजा ऐसी विशेष सामग्री से बनाया गया है, जो आग को कई घंटों तक एक स्थान तक सीमित रखता है। इसमें उच्च गुणवत्ता की फायर-रेसिस्टेंट परतें और विशेष लेयर लगाई गई हैं। स्टील के साथ इन परतों का संयोजन इस दरवाजे को 1000 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक तापमान को सहन करने में सक्षम बनाता है।
आशीष मित्तल ने बताया कि ड्रेस में एडवांस्ड फायर-रेसिस्टेंट का इस्तेमाल किया गया है। ये आग बुझाने के दौरान दमकलकर्मियों को सुरक्षित रखते हैं। यह ड्रेस विशेष थर्मल इन्सुलेशन की कई परतों से बनाई जाती है। जो ऊष्मा को अंदर नहीं जाने देती। ड्रेस पर की गई स्पेशल ट्रीटमेंट और कोटिंग आग की लपटों को स्लाइड कर देती है।