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Noida News: कदंब और बेरी में आस्था की जड़ें

Sun, 02 Nov 2025 12:35 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Sun, 02 Nov 2025 12:35 AM IST
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Roots of faith in Kadamba and Berry
बेरी के पेड़ में धागा बांधने के लिए जुटी महिलाओं की भीड़। संवाद - फोटो : टूंडला में देवोत्थान पर सालिगराम व तुलसी का विवाह कराते गृहणी संवाद
राहुल शर्मा
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यमुनानगर। तीर्थराज कपालमोचन में सूरजकुंड सरोवर के किनारे खड़े कदंब व बेरी के पेड़ों की आस्था की जड़े कई प्रदेशों तक फैली है। चूंकि मान्यता है कि कार्तिक मास में इन पेड़ों पर सूत बांधने से विवाह व संतान सुख मिलते हैं। यही वजह है कि कपाल मोचन मेले में पंजाब व अन्य प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं में कदंब व बेरी के पेड़ पर सूत बांधना नहीं भूलते हैं।
सूरजकुंड सरोवर के एक छोर पर कदंब व दूसरे पर बेर का पेड़ है। इनमें कदंब के पेड़ महाभारतकालीन बताया जाता है। ऐसी मान्यता है कि यहीं माता कुंती ने तपस्या की और भगवान सूर्य से कर्ण की प्राप्ति की। तभी से सरोवर का नाम सूरजकुंड है। इसी मान्यता के चलते सरोवर किनारे कदंब के पेड़ पर कार्तिक मास में सूत बांध विवाहिताएं संतान प्राप्ति की मन्नत मांगती हैं, फिर मन्नत पूरी होने पर सूत खोल जाती हैं।
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ऐसे ही अन्य मान्यता है कि कदंब के पेड़ पर भगवान श्रीकृष्ण बाल्यकाल में लीलाएं करते थे और वे कार्तिक पूर्णिमा के मेले के दौरान पेड़ पर अदृश्य रूप में आकर श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसी मान्यता के चलते अविवाहित युवक-युवतियां मेले के दौरान कदंब के पेड़ पर सूत बांध शीघ्र विवाह की मनोकामना करते हैं।
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यहीं मनोकामनाएं सूरजकुंड सरोवर के दूसरे छोर पर बेरी के पेड़ पर सूत बांधने से भी पूरी होने की मान्यता है। इन्हीं मान्यताओं के कारण कपालमोचन मेले के पांचों दिन व रात विभिन्न प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालु दोनों पेड़ों की परिक्रमा कर उन पर सूत बांधते नजर आते हैं। यह नजारा मेले के पहले दिन भी रहा।
पंजाब के बठिंडा निवासी अवकेश ने बताया कि वह परिवार के साथ मेले में आए हैं और कदंब व बेरी के पेड़ पर सूत बांधने की मान्यताएं सुनकर वह भी परिवार के लोगों के साथ सूत बांध रहे हैं। ऐसे ही महिला श्रद्धालु बबली, संगीता, रजनी ने कहा कि इन पेड़ों पर सूत बांधने से उनके परिवारों में विवाह व संतान सुख मिले हैं। इस बार अन्य मनोकामनाओं के लिए पेड़ों पर सूत बांध रहे हैं। संवाद

क्विंटलों बिक जाता है सूत व लड्डू
कदंब व बेरी के पेड़ पर पूरे मेले के दौरान कई क्विंटल सूत लग जाता है, क्योंकि विवाह संतान प्राप्ति के अलावा लोग परिवार की एकजुटता की मन्नतें पूरी कराने के लिए भी पेड़ों पर सूत बांधते हैं। सूत बांधने पर मांगी मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालु लड्डू भी बांटते हैं। इसके चलते मेला क्षेत्र में सूत व लड्डू की 60 से ज्यादा दुकानें लगती हैं, जहां क्विंटलों में सूत व लड्डू बिक जाते हैं।

बेरी के पेड़ में धागा बांधने के लिए जुटी महिलाओं की भीड़। संवाद

बेरी के पेड़ में धागा बांधने के लिए जुटी महिलाओं की भीड़। संवाद- फोटो : टूंडला में देवोत्थान पर सालिगराम व तुलसी का विवाह कराते गृहणी संवाद

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