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Noida News: आरजी रेजीडेंसी एओए के बैंक खाते फ्रीज
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फोटो है
-आरजी रेजिडेंसी में महंगा चुनाव बन गया विवाद की जड़
-निवासियों की शिकायत पर डिप्टी रजिस्ट्रार ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर 120 स्थित आरजी रेजिडेंसी में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) का महंगा चुनाव का विवाद की जड़ बन गया है। डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश पर एओए सचिव और अध्यक्ष को चुनाव में दावेदारी करने से रोक दिया गया है। इन्हें सिर्फ मतदान का ही अधिकार मिला है। अब यहां पर डिप्टी रजिस्ट्रार ने दोनों बैंक खाते को फ्रीज कर दिया है। निवासियों की शिकायत के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
बता दें कि आरजी रेजिडेंसी में चुनाव प्रक्रिया चल रही है और यहां पर 15 जुलाई को चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी। डिप्टी रजिस्ट्रार एवं जिलाधिकारी की ओर से नामित जिला पूर्ति अधिकारी से बतौर चुनाव अधिकारी चुनाव संपन्न कराए जा रहे है। इस दौरान चुनाव अधिकारी ने 3.25 लाख रुपये चुनाव व्यय में खर्च करने के लिए जमा करने को कहा था। आरजी रेजिडेंसी की एओए बोर्ड की ओर से यह रकम जमा करने में असमर्थता जताई तो गई तो उन्हें चुनाव में बतौर प्रत्याशी दावेदारी करने से बाहर कर दिया गया है। एओए अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने चुनाव प्रक्रिया को गलत बताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
कुछ निवासियों द्वारा आरजी रेजिडेंसी के एओए अध्यक्ष की शिकायत डिप्टी रजिस्ट्रार से की। इसमें कहा गया है कि 28 मई 2025 के पत्र में डिप्टी रजिस्ट्रार को एओए के सभी सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भी एओए के लेटर हेड का गलत इस्तेमाल हाईकोर्ट की याचिका के लिए इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा हाई कोर्ट में होने वाले व्यय की राशि एओए के रखरखाव अकाउंट से निकालने की संभावना जताई जा रही है। इसका संज्ञान लेते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार ने अपने आदेश में तत्काल प्रभाव से आरजी रेजिडेंसी एओए के दोनों खाते को अगले आदेश तक फ्रीज कर दिया गया है।
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एओए ने बताया हो रहा गलत चुनाव
इस संबंध में एओए अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल का कहना है कि हमारा इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ था। हमने एओए विवाद के संबंध में केस किया है इसीलिए यहां से पैसा लिया गया है। यहां पर जो चुनाव प्रक्रिया हो रही है यह सही नहीं हो रही है। एक प्रत्याशी से 15-15 हजार रुपये नामांकन फीस ली जा रही है। डिफाल्टर लोगों को नामांकन और मतदान का अधिकार दिया जा रहा है। खाते फ्रीज होने से बिजली और पानी का बिल जमा नहीं हो पा रहा है। मेंटेनेंस में भी समस्या आ रही है।
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-आरजी रेजिडेंसी में महंगा चुनाव बन गया विवाद की जड़
-निवासियों की शिकायत पर डिप्टी रजिस्ट्रार ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर 120 स्थित आरजी रेजिडेंसी में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) का महंगा चुनाव का विवाद की जड़ बन गया है। डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश पर एओए सचिव और अध्यक्ष को चुनाव में दावेदारी करने से रोक दिया गया है। इन्हें सिर्फ मतदान का ही अधिकार मिला है। अब यहां पर डिप्टी रजिस्ट्रार ने दोनों बैंक खाते को फ्रीज कर दिया है। निवासियों की शिकायत के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
बता दें कि आरजी रेजिडेंसी में चुनाव प्रक्रिया चल रही है और यहां पर 15 जुलाई को चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी। डिप्टी रजिस्ट्रार एवं जिलाधिकारी की ओर से नामित जिला पूर्ति अधिकारी से बतौर चुनाव अधिकारी चुनाव संपन्न कराए जा रहे है। इस दौरान चुनाव अधिकारी ने 3.25 लाख रुपये चुनाव व्यय में खर्च करने के लिए जमा करने को कहा था। आरजी रेजिडेंसी की एओए बोर्ड की ओर से यह रकम जमा करने में असमर्थता जताई तो गई तो उन्हें चुनाव में बतौर प्रत्याशी दावेदारी करने से बाहर कर दिया गया है। एओए अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने चुनाव प्रक्रिया को गलत बताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
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कुछ निवासियों द्वारा आरजी रेजिडेंसी के एओए अध्यक्ष की शिकायत डिप्टी रजिस्ट्रार से की। इसमें कहा गया है कि 28 मई 2025 के पत्र में डिप्टी रजिस्ट्रार को एओए के सभी सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भी एओए के लेटर हेड का गलत इस्तेमाल हाईकोर्ट की याचिका के लिए इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा हाई कोर्ट में होने वाले व्यय की राशि एओए के रखरखाव अकाउंट से निकालने की संभावना जताई जा रही है। इसका संज्ञान लेते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार ने अपने आदेश में तत्काल प्रभाव से आरजी रेजिडेंसी एओए के दोनों खाते को अगले आदेश तक फ्रीज कर दिया गया है।
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एओए ने बताया हो रहा गलत चुनाव
इस संबंध में एओए अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल का कहना है कि हमारा इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ था। हमने एओए विवाद के संबंध में केस किया है इसीलिए यहां से पैसा लिया गया है। यहां पर जो चुनाव प्रक्रिया हो रही है यह सही नहीं हो रही है। एक प्रत्याशी से 15-15 हजार रुपये नामांकन फीस ली जा रही है। डिफाल्टर लोगों को नामांकन और मतदान का अधिकार दिया जा रहा है। खाते फ्रीज होने से बिजली और पानी का बिल जमा नहीं हो पा रहा है। मेंटेनेंस में भी समस्या आ रही है।