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Noida News: प्रोजेक्टों की निगरानी के लिए पीएमयू के लिए बदली निविदा की तारीखें
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- अधिकारियों का कहना, प्री-बिड में आए सुझावों को निस्तारित करने में हुई देरी से बदली गईं तारीखें
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में विकास कार्यों की निगरानी के लिए बन रही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) के बनने में देरी होगी। इसकी वजह प्री-बिड बैठक में आई आपत्ति-सुझाव के निस्तारण में हुई देरी है। अब 23 अक्तूबर तक एजेंसियां बिड कर सकेंगी। ग्रेनो प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक 28 सितंबर तक आवेदन के बाद 14 अक्तूबर को प्री-क्वालिफिकेशन बिड खुलनी थी। संशोधन जारी कर अब प्राधिकरण ने पीएमयू के लिए बिड करने के लिए नई तारीख 23 अक्तूबर कर दी है। प्री-क्वालिफिकेशन बिड अब 26 अक्तूबर रहेगी। इससे पहले प्री-बिड बैठक में उठे बिंदुओं का निस्तारण प्राधिकरण करेगा।
अधिकारियों का कहना है कि करीब 380 वर्गकिमी में फैले ग्रेटर नोएडा में विकास कार्यों की सघन निगरानी के लिए इस पीएमयू की जरूरत है। ग्रेटर नोएडा का विस्तार लगातार हो रहा है। करीब 95 सेक्टर, 124 गांव इसमें शामिल हैं। स्मार्ट सिटी की तर्ज पर यह पीएमयू बनाई जानी है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में विकास कार्यों की निगरानी के लिए बन रही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) के बनने में देरी होगी। इसकी वजह प्री-बिड बैठक में आई आपत्ति-सुझाव के निस्तारण में हुई देरी है। अब 23 अक्तूबर तक एजेंसियां बिड कर सकेंगी। ग्रेनो प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक 28 सितंबर तक आवेदन के बाद 14 अक्तूबर को प्री-क्वालिफिकेशन बिड खुलनी थी। संशोधन जारी कर अब प्राधिकरण ने पीएमयू के लिए बिड करने के लिए नई तारीख 23 अक्तूबर कर दी है। प्री-क्वालिफिकेशन बिड अब 26 अक्तूबर रहेगी। इससे पहले प्री-बिड बैठक में उठे बिंदुओं का निस्तारण प्राधिकरण करेगा।
अधिकारियों का कहना है कि करीब 380 वर्गकिमी में फैले ग्रेटर नोएडा में विकास कार्यों की सघन निगरानी के लिए इस पीएमयू की जरूरत है। ग्रेटर नोएडा का विस्तार लगातार हो रहा है। करीब 95 सेक्टर, 124 गांव इसमें शामिल हैं। स्मार्ट सिटी की तर्ज पर यह पीएमयू बनाई जानी है।
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