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Noida News: मेट्रो फीडर बसें चलाने का संशोधित प्लान तैयार
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मेट्रो फीडर बसें चलाने का संशोधित प्लान तैयार
- मंजूरी के लिए एनएमआरसी प्रबंध निदेशक को भेजा, जल्द आमंत्रित होंगी निविदा
- पहले चरण में 12 रुटों पर 25 बसें चलाने के लिए तलाशी जाएगी कंपनी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मेट्रो स्टेशनों से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 12 अलग-अलग रूटों पर फीडर बसें चलाने का संशोधित प्लान तैयार हो गया है। इसे मंजूरी के लिए नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) की प्रबंध निदेशक को भेजा गया है। पहले चरण के तहत 12 रूटों पर 25 बसों का संचालन करने के लिए अनुभवी कंपनी की तलाश की जाएगी। इसके लिए जल्द ही निविदा आमंत्रित की जाएगी।
एनएमआरसी ने बस संचालन के लिए टर्बन मोबिलिटी कंपनी को चुना था। अप्रैल में रूट निर्धारित कर दिए गए थे, लेकिन कंपनी के पास बस संचालन का अनुभव नहीं होने के कारण एनएमआरसी प्रबंध निदेशक रितु माहेश्वरी ने निविदा निरस्त कर दी थी। तब अधिकारियों को संशोधित प्लान तैयार कर नए सिरे से निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, मामूली संशोधन के साथ पुरानी शर्तों को ही नए प्लान में शामिल किया गया है।
इस बार बस संचालन करने वाली कंपनी के लिए पांच साल का अनुभव अनिवार्य किया गया है। कंपनी को अपने खर्च पर बसों का संचालन करना होगा। खर्च निकालने के लिए विज्ञापन आदि से आमदनी का अधिकार दिया जाएगा। यात्रियों की सहूलियत के लिए वातानुकूलित मिनी बसों का इंतजाम कंपनी को करना होगा।
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महीनेभर में मिलनी थी सुविधा, अब करना होगा महीनों इंतजार
टर्बन मोबिलिटी कंपनी को बस संचालन की जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। लेकिन अचानक ही अनुभव की कमी का हवाला देकर निविदा निरस्त कर दी गई। चार महीने का समय बस संचालन शुरू करने के लिए दिया गया था, लेकिन कंपनी ने एक महीने में ही रूटों पर बसें उतारने की तैयारी कर ली थी। अब नए सिरे से प्राधिकरण की शर्तों के मुताबिक नई कंपनी की तलाश करने और बसों का संचालन शुरू होने में महीनों लगने के आसार हैं।
महीनों से बंद है बस सेवा
फरवरी 2021 में एनएमआरसी ने बस संचालन करने वाली कंपनी से अनुबंध समाप्त कर दिया था। उस दौरान बड़ी बसें संचालित की जा रही थीं। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन व अन्य कारणों से बस संचालन से करीब तीन करोड़ रुपये का घाटा हो रहा था। जिसके बाद बस सेवा बंद करने का फैसला लिया गया। वहीं, कुछ समय पहले ग्रेटर नोएडा में संचालित हो रही सिटी बसें बंद होने से भी यात्रियों की परेशानी बढ़ी है।
ये रूट हैं निर्धारित
नोएडा
-सेक्टर-51 से डीएलएफ मॉल, सेक्टर-51 से ओखला पक्षी विहार, सेक्टर-142 से सेक्टर-15ए, सेक्टर-51 से एक मूर्ति चौराहा ग्रेनो वेस्ट, सेक्टर-150 से परीचौक ग्रेटर नोएडा, सेक्टर-63 से सेक्टर-104 जेपी अंडरपास।
ग्रेटर नोएडा
-गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय से हिंडन ब्रिज कुलेसरा, परीचौक से नवादा होकर वापस परीचौक, जगत फार्म से एक्सपो मार्ट होकर जगत फॉम-2, राइज चौक से नॉलेज पार्क-5 होकर राइज चौक, चार मूर्ति चौराहे से केपिटल एथेना, चार मूर्ति से मिलक लच्छी होकर चार मूर्ति पुलिस चौकी।
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- मंजूरी के लिए एनएमआरसी प्रबंध निदेशक को भेजा, जल्द आमंत्रित होंगी निविदा
- पहले चरण में 12 रुटों पर 25 बसें चलाने के लिए तलाशी जाएगी कंपनी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मेट्रो स्टेशनों से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 12 अलग-अलग रूटों पर फीडर बसें चलाने का संशोधित प्लान तैयार हो गया है। इसे मंजूरी के लिए नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) की प्रबंध निदेशक को भेजा गया है। पहले चरण के तहत 12 रूटों पर 25 बसों का संचालन करने के लिए अनुभवी कंपनी की तलाश की जाएगी। इसके लिए जल्द ही निविदा आमंत्रित की जाएगी।
एनएमआरसी ने बस संचालन के लिए टर्बन मोबिलिटी कंपनी को चुना था। अप्रैल में रूट निर्धारित कर दिए गए थे, लेकिन कंपनी के पास बस संचालन का अनुभव नहीं होने के कारण एनएमआरसी प्रबंध निदेशक रितु माहेश्वरी ने निविदा निरस्त कर दी थी। तब अधिकारियों को संशोधित प्लान तैयार कर नए सिरे से निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, मामूली संशोधन के साथ पुरानी शर्तों को ही नए प्लान में शामिल किया गया है।
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इस बार बस संचालन करने वाली कंपनी के लिए पांच साल का अनुभव अनिवार्य किया गया है। कंपनी को अपने खर्च पर बसों का संचालन करना होगा। खर्च निकालने के लिए विज्ञापन आदि से आमदनी का अधिकार दिया जाएगा। यात्रियों की सहूलियत के लिए वातानुकूलित मिनी बसों का इंतजाम कंपनी को करना होगा।
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महीनेभर में मिलनी थी सुविधा, अब करना होगा महीनों इंतजार
टर्बन मोबिलिटी कंपनी को बस संचालन की जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। लेकिन अचानक ही अनुभव की कमी का हवाला देकर निविदा निरस्त कर दी गई। चार महीने का समय बस संचालन शुरू करने के लिए दिया गया था, लेकिन कंपनी ने एक महीने में ही रूटों पर बसें उतारने की तैयारी कर ली थी। अब नए सिरे से प्राधिकरण की शर्तों के मुताबिक नई कंपनी की तलाश करने और बसों का संचालन शुरू होने में महीनों लगने के आसार हैं।
महीनों से बंद है बस सेवा
फरवरी 2021 में एनएमआरसी ने बस संचालन करने वाली कंपनी से अनुबंध समाप्त कर दिया था। उस दौरान बड़ी बसें संचालित की जा रही थीं। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन व अन्य कारणों से बस संचालन से करीब तीन करोड़ रुपये का घाटा हो रहा था। जिसके बाद बस सेवा बंद करने का फैसला लिया गया। वहीं, कुछ समय पहले ग्रेटर नोएडा में संचालित हो रही सिटी बसें बंद होने से भी यात्रियों की परेशानी बढ़ी है।
ये रूट हैं निर्धारित
नोएडा
-सेक्टर-51 से डीएलएफ मॉल, सेक्टर-51 से ओखला पक्षी विहार, सेक्टर-142 से सेक्टर-15ए, सेक्टर-51 से एक मूर्ति चौराहा ग्रेनो वेस्ट, सेक्टर-150 से परीचौक ग्रेटर नोएडा, सेक्टर-63 से सेक्टर-104 जेपी अंडरपास।
ग्रेटर नोएडा
-गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय से हिंडन ब्रिज कुलेसरा, परीचौक से नवादा होकर वापस परीचौक, जगत फार्म से एक्सपो मार्ट होकर जगत फॉम-2, राइज चौक से नॉलेज पार्क-5 होकर राइज चौक, चार मूर्ति चौराहे से केपिटल एथेना, चार मूर्ति से मिलक लच्छी होकर चार मूर्ति पुलिस चौकी।