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बंद फैक्ट्रियों से ब्रांडेड कपड़े चुराने वाले गिरोह का खुलासा
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
नोएडा। बंद फैक्ट्रियों से ब्रांडेड कपड़े चोरी कर दुकानों में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनसे इंटरनेशनल ब्रांड के कपड़े बरामद किए हैं, जिनकी कीमत 22 लाख रुपये हैं। पुलिस ने मंगलवार को बदमाशों को कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस गिरोह के अन्य बदमाशों के बारे में पता कर रही है।
नोएडा जोन के डीसीपी राजेश एस ने बताया कि पुलिस टीम ने सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल के पास से सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद निवासी करण, सुभाष, अंकुर, अजय, नवादा गांव निवासी चंद्रमोहन यादव, छिजारसी निवासी समीर द्विवेदी और जलपुरा निवासी दानिश के रूप में हुई है। इनसे चोरी के कपड़ों के 110 पैकेट बरामद किए गए हैं। यह कपड़ा अंतरराष्ट्रीय ब्रांड अगम्या का है। इसके एक पैकेट कपड़े की कीमत करीब 20 हजार रुपये है।
बदमाशों से पूछताछ में पता चला कि सेक्टर-63 के बी ब्लॉक में एक गारमेंट फैक्ट्री है। यहां से अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के कपड़े विदेशों में निर्यात किए जाते हैं। इस फैक्ट्री को कुछ महीने पहले जीएसटी ने सील कर दिया था। इसके बाद इस फैक्ट्री के पास वाली फैक्ट्री में गार्ड गिरफ्तार आरोपी चंद्रपाल यादव ने मुखबिरी कर अपने साथियों से यहां से कपड़े चोरी करवाने लगा। चंद्रपाल की सूचना के बाद अन्य बदमाश वहां पहुंच जाते थे और बाइक व स्कूटी में कपड़े के पैकेट रखकर ले जाते थे। इसके बाद दुकानों व साप्ताहिक बाजार में कम कीमत पर बेच देते थे।
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अब तक एक हजार से अधिक पैकेट चुराए
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि बदमाशों ने अब तक कई बंद फैक्ट्रियों से चोरी की बात कबूल की है। पूछताछ में पता चला है कि गिरोह एक हजार से अधिक कपड़े के पैकेट चोरी कर चुका हैं। ये बदमाश सेक्टर-63 के अलावा अन्य कई औद्योगिक सेक्टरों में भी चोरी की वारदात अंजाम दे चुके हैं।
समीर द्विवेदी है गिरोह का सरगना
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि गिरोह का सरगना समीर द्विवेदी है, जो मूल रूप से मिर्जापुर का रहने वाला है। उसी के निर्देशन में गिरफ्तार बदमाश बंद फैक्ट्रियों की रेकी करते हैं और बाद में चोरी को अंजाम देते हैं। समीर द्विवेदी और उसका मुख्य सहयोगी दानिश चोरी के दौरान फैक्ट्री के बाहर खड़े रहते थे। चोरी का माल बेचने में इन दोनों की प्रमुख भूमिका रहती थी।
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नोएडा जोन के डीसीपी राजेश एस ने बताया कि पुलिस टीम ने सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल के पास से सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद निवासी करण, सुभाष, अंकुर, अजय, नवादा गांव निवासी चंद्रमोहन यादव, छिजारसी निवासी समीर द्विवेदी और जलपुरा निवासी दानिश के रूप में हुई है। इनसे चोरी के कपड़ों के 110 पैकेट बरामद किए गए हैं। यह कपड़ा अंतरराष्ट्रीय ब्रांड अगम्या का है। इसके एक पैकेट कपड़े की कीमत करीब 20 हजार रुपये है।
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बदमाशों से पूछताछ में पता चला कि सेक्टर-63 के बी ब्लॉक में एक गारमेंट फैक्ट्री है। यहां से अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के कपड़े विदेशों में निर्यात किए जाते हैं। इस फैक्ट्री को कुछ महीने पहले जीएसटी ने सील कर दिया था। इसके बाद इस फैक्ट्री के पास वाली फैक्ट्री में गार्ड गिरफ्तार आरोपी चंद्रपाल यादव ने मुखबिरी कर अपने साथियों से यहां से कपड़े चोरी करवाने लगा। चंद्रपाल की सूचना के बाद अन्य बदमाश वहां पहुंच जाते थे और बाइक व स्कूटी में कपड़े के पैकेट रखकर ले जाते थे। इसके बाद दुकानों व साप्ताहिक बाजार में कम कीमत पर बेच देते थे।
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अब तक एक हजार से अधिक पैकेट चुराए
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि बदमाशों ने अब तक कई बंद फैक्ट्रियों से चोरी की बात कबूल की है। पूछताछ में पता चला है कि गिरोह एक हजार से अधिक कपड़े के पैकेट चोरी कर चुका हैं। ये बदमाश सेक्टर-63 के अलावा अन्य कई औद्योगिक सेक्टरों में भी चोरी की वारदात अंजाम दे चुके हैं।
समीर द्विवेदी है गिरोह का सरगना
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि गिरोह का सरगना समीर द्विवेदी है, जो मूल रूप से मिर्जापुर का रहने वाला है। उसी के निर्देशन में गिरफ्तार बदमाश बंद फैक्ट्रियों की रेकी करते हैं और बाद में चोरी को अंजाम देते हैं। समीर द्विवेदी और उसका मुख्य सहयोगी दानिश चोरी के दौरान फैक्ट्री के बाहर खड़े रहते थे। चोरी का माल बेचने में इन दोनों की प्रमुख भूमिका रहती थी।