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Noida News: अमर उजाला पड़ताल रकबा बढ़ाने में राजस्व रिकॉर्ड कीपर और लाभार्थी की जिम्मेदारी तय

Tue, 24 Jan 2023 07:14 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 24 Jan 2023 07:14 PM IST
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Responsibility of revenue record keeper and beneficiary fixed in increasing area
जेवर बांगर गांव में गाटा संख्या का रकबा 1190 से बढ़ाकर 3100 वर्ग मीटर करने का मामला
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अमर उजाला ने 20 दिसंबर के अंक में खबर प्रकाशित कर किया था इस घोटाले का खुलासा

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जेवर बांगर गांव में जमीन का रकबा बढ़ाने में लाभार्थी के साथ-साथ कलेक्ट्रेट राजस्व रिकॉर्ड कीपर की अहम भूमिका मिली है। जांच अधिकारी ने दोनों की जिम्मेदारी तय की है और जिलाधिकारी से कार्रवाई करने की संस्तुति की है। वहीं, एसडीएम न्यायिक की कोर्ट के रकबा दुरुस्त करने के आदेश को बदलने की अपील की जाएगी। इस संबंध में राजस्व अधिकारियों की तरफ से अपील की जाएगी। अमर उजाला ने 20 दिसंबर को 'फर्जीवाड़ा: राजस्व रिकॉर्ड में 1190 वर्गमीटर भूमि को 3100 कर दिया' शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित कर फर्जीवाड़े का खुलासा किया था।

बता दें कि जेवर बांगर गांव में गाटा संख्या 2392 है, जो चार पुराने गाटों से मिलकर बना है। चकबंदी के दौरान गांव की दो जिल्द बनी थी। एक कलेक्ट्रेट तो दूसरी तहसील के राजस्व रिकॉर्ड रूम में रखी रहती है। फर्जीवाड़ा कर इस गाटे का रकबा बढ़ा दिया गया। पहले इस नंबर में 1190 (0.1190 हेक्टेयर) वर्ग मीटर जमीन थी, जिसको बढ़ाकर 3100 (0.3100 हेक्टेयर) वर्ग मीटर कर दिया गया है। रकबा कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम में रखी जिल्द में बढ़ाया गया था। उसके बाद आरोपियों ने उप जिलाधिकारी न्यायिक जेवर की कोर्ट से राजस्व रिकॉर्ड के दस्तावेज में भी बढ़ा हुआ रकबा दुरुस्त कराने का आदेश करा लिया, लेकिन जेवर तहसील के रिकॉर्ड रूम में रखी जिल्द ने फर्जीवाड़े की पोल खोल दी।
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अमर उजाला ने खबर प्रकाशित कर फर्जीवाड़े का खुलासा किया था, जिसके बाद डीएम ने शिकायत पर एडीएम वंदिता श्रीवास्तव और डिप्टी कलेक्टर अंकित वर्मा को जांच सौंपी। करीब चार माह में जांच पूरी हुई है। जांच अधिकारियों ने फर्जीवाड़े में लाभार्थी के साथ-साथ रिकॉर्ड रूम के रिकॉर्ड रूम कीपर (आरआरके) की जिम्मेदारी तय की है। दोनों पर कार्रवाई करने की संस्तुति की है। साथ ही एसडीएम न्यायिक कोर्ट के आदेश को बदलने की अपील करने की भी संस्तुति की है।
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दस्तावेज में एचबी पेंसिल से बढ़ाया था रकबा
जांच में पता चला है कि वर्ष 2010-11 के दौरान रकबा बढ़ाया गया था, तब कलेक्ट्रेट के राजस्व रिकॉर्ड रूम में गाटा संख्या का रकबा एचबी पेंसिल से बढ़ाया गया था। रकबा बढ़ाने का काम लाभार्थियों के साथ मिलकर किया गया था, लेकिन गणित में मार खा गए। आरोपियों ने नए गाटा संख्या का रकबा बढ़ा दिया, लेकिन जिन चार पुराने गाटों से मिलकर नया गाटा बना था, उनका रकबा नहीं बढ़ाया तो इससे दोनों के मिलान से अंतर सामने आ गया।


जेवर बांगर गांव के राजस्व रिकॉर्ड में रकबा बढ़ाने की जांच पूरी हो चुकी है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बढ़ाए गए रकबा को भी सही कराया जाएगा।
-वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
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