{"_id":"68ec188ab76db0fa740ea7fa","slug":"resolved-to-carry-forward-the-partys-fighting-tradition-na-news-c-5-1-drn1046-810548-2025-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: दल की संघर्षशील परंपरा को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: दल की संघर्षशील परंपरा को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
Mon, 13 Oct 2025 02:37 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Mon, 13 Oct 2025 02:37 AM IST
विज्ञापन
बाबूगढ़ में आयोजित उत्तराखंड क्रांति दल की जनसभा में दल की नीतियों व संघर्षशील परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। प्रदेश की अस्मिता, स्वाभिमान और ज्वलंत समस्याओं पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। लोगों ने पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की।
उक्रांद के केंद्रीय संरक्षक सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि राज्य निर्माण के 25 वर्ष बाद भी आंदोलनकारियों का सपना अधूरा प्रतीत होता है। उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेश की आत्मा को समझता है और यहां के भूगोल, समाज, संस्कृति व जनभावनाओं के अनुरूप नीतियां बना सकता है।
राज्य गठन के बाद योजनाबद्ध रूप से मूल निवासी 1950 अधिनियम को समाप्त कर दिया गया। यह अधिनियम उत्तराखंड के मूल निवासियों के अस्तित्व, रोजगार, भूमि अधिकार और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक था।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उक्रांद मूल निवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करेगा। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह बिष्ट, रेखा थपलियाल, अनिल पंवार, भूपेंद्र सिंह नेगी, पूरण सिंह भट्ट, नरेंद्र कुकरेती, सयन सिंह असवाल आदि उपस्थित रहे।
-- -
इन लोगों ने सदस्यता ग्रहण की
धनारधान सेमवाल, प्रेम सिंह नेगी, विजय कुमार टंडन, विमला देवी, सुरेंद्र सिंह रावत, गीता मौर्या, मीनाक्षी गैरोला, दमयंती भट्ट, पूनम थपलियाल, देवी प्रसाद थपलियाल, नीलम रावत, लक्ष्मी डिमरी आदि
विज्ञापन
उक्रांद के केंद्रीय संरक्षक सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि राज्य निर्माण के 25 वर्ष बाद भी आंदोलनकारियों का सपना अधूरा प्रतीत होता है। उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेश की आत्मा को समझता है और यहां के भूगोल, समाज, संस्कृति व जनभावनाओं के अनुरूप नीतियां बना सकता है।
विज्ञापन
राज्य गठन के बाद योजनाबद्ध रूप से मूल निवासी 1950 अधिनियम को समाप्त कर दिया गया। यह अधिनियम उत्तराखंड के मूल निवासियों के अस्तित्व, रोजगार, भूमि अधिकार और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक था।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उक्रांद मूल निवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करेगा। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह बिष्ट, रेखा थपलियाल, अनिल पंवार, भूपेंद्र सिंह नेगी, पूरण सिंह भट्ट, नरेंद्र कुकरेती, सयन सिंह असवाल आदि उपस्थित रहे।
इन लोगों ने सदस्यता ग्रहण की
धनारधान सेमवाल, प्रेम सिंह नेगी, विजय कुमार टंडन, विमला देवी, सुरेंद्र सिंह रावत, गीता मौर्या, मीनाक्षी गैरोला, दमयंती भट्ट, पूनम थपलियाल, देवी प्रसाद थपलियाल, नीलम रावत, लक्ष्मी डिमरी आदि