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टावर सील करने के विरोध में निवासियों ने किया प्रदर्शन
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ग्रेनो वेस्ट स्थित निराला एस्टेट सोसाइटी निवासी में प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : Grnoida
टावर सील करने के विरोध में निवासियों ने किया प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की सभी सोसाइटियों में सीलिंग का विरोध बढ़ता जा रहा है। निराला एस्टेट सोसाइटी के दो टावर के निवासियों ने सीलिंग के विरोध में प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रशासन नियमों का पालन नहीं कर रहा है। एक फ्लोर की जगह पूरे टावर को सील कर दिया गया। लोगों का कहना है कि सीलिंग के कारण ऑफिस नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में नौकरी जाने का डर सता रहा है। इससे पहले महागुन मायवुड और इको विलेज दो में भी लोग विरोध दर्ज करवा चुके हैं।
निराला एस्टेट सोसाइटी निवासियों ने बताया कि टावर 17 में सबसे पहला केस 16 मई को आया था। तब पूरी सोसाइटी को 21 दिन के लिए सील किया गया था। परेशान होकर लोगों ने विरोध करना शुरू किया। इसके बाद नियमों में बदलाव हुआ। 28 मई को सीलिंग खोल दी गई और टावर-17 को सील किया गया। अब पिछले सप्ताह शुक्रवार को टावर-5 में दो केस मिले हैं। जबकि, रविवार को टावर-17 में एक केस मिला है। बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन के आदेश पर मेंटेनेंस की टीम ने दोनों टावरों को सील कर दिया। इससे दोनों टावर के 300 से अधिक परिवार परेशान हो गए। नीचे आकर सभी ने सीलिंग के विरोध में प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रदेश सरकार के नए आदेश के तहत अगर टावर के किसी एक फ्लोर पर कोविड-19 का केस मिला है तो वही सील होगा, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया। लोगों ने केवल फ्लोर को सील करने की मांग की। उनका आरोप है कि प्रशासन ने करीब एक सप्ताह बाद सीलिंग की है। जबकि, अभी तक पीड़ितों के घर स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने नहीं पहुंची है। कई बार मरीज ठीक होकर घर आ जाता है, तब सीलिंग की जाती है। लोगों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण कंपनियां छंटनी करने की फिराक में हैं। अगर वो कंपनी नहीं पहुंचे तो उनकी नौकरी जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से केवल फ्लोर को सील करने की मांग की है।
शासन की तरफ से सीलिंग के संबंध में जारी किए गए दिशा-निर्देश का पालन नहीं हो रहा है। कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर पूरे टॉवर सील करने से लोगों को दिक्कत हो रही है। जिला प्रशासन को सीलिंग की कार्रवाई में बरती जा रही लापरवाही बंद करनी होगी।
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- कुमार सौरभ, निवासी निराला एस्टेट
टॉवर सील होने से काम पर नहीं जा पा रहे हैं। पहले सोसाइटी सील थी और अब टॉवर, अगर ऐसा ही रहा तो नौकरी चली जाएगी। प्रशासन को लोगों की समस्या समझनी चाहिए।
- अमित शर्मा, निवासी निराला एस्टेट
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की सभी सोसाइटियों में सीलिंग का विरोध बढ़ता जा रहा है। निराला एस्टेट सोसाइटी के दो टावर के निवासियों ने सीलिंग के विरोध में प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रशासन नियमों का पालन नहीं कर रहा है। एक फ्लोर की जगह पूरे टावर को सील कर दिया गया। लोगों का कहना है कि सीलिंग के कारण ऑफिस नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में नौकरी जाने का डर सता रहा है। इससे पहले महागुन मायवुड और इको विलेज दो में भी लोग विरोध दर्ज करवा चुके हैं।
निराला एस्टेट सोसाइटी निवासियों ने बताया कि टावर 17 में सबसे पहला केस 16 मई को आया था। तब पूरी सोसाइटी को 21 दिन के लिए सील किया गया था। परेशान होकर लोगों ने विरोध करना शुरू किया। इसके बाद नियमों में बदलाव हुआ। 28 मई को सीलिंग खोल दी गई और टावर-17 को सील किया गया। अब पिछले सप्ताह शुक्रवार को टावर-5 में दो केस मिले हैं। जबकि, रविवार को टावर-17 में एक केस मिला है। बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन के आदेश पर मेंटेनेंस की टीम ने दोनों टावरों को सील कर दिया। इससे दोनों टावर के 300 से अधिक परिवार परेशान हो गए। नीचे आकर सभी ने सीलिंग के विरोध में प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रदेश सरकार के नए आदेश के तहत अगर टावर के किसी एक फ्लोर पर कोविड-19 का केस मिला है तो वही सील होगा, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया। लोगों ने केवल फ्लोर को सील करने की मांग की। उनका आरोप है कि प्रशासन ने करीब एक सप्ताह बाद सीलिंग की है। जबकि, अभी तक पीड़ितों के घर स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने नहीं पहुंची है। कई बार मरीज ठीक होकर घर आ जाता है, तब सीलिंग की जाती है। लोगों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण कंपनियां छंटनी करने की फिराक में हैं। अगर वो कंपनी नहीं पहुंचे तो उनकी नौकरी जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से केवल फ्लोर को सील करने की मांग की है।
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शासन की तरफ से सीलिंग के संबंध में जारी किए गए दिशा-निर्देश का पालन नहीं हो रहा है। कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर पूरे टॉवर सील करने से लोगों को दिक्कत हो रही है। जिला प्रशासन को सीलिंग की कार्रवाई में बरती जा रही लापरवाही बंद करनी होगी।
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- कुमार सौरभ, निवासी निराला एस्टेट
टॉवर सील होने से काम पर नहीं जा पा रहे हैं। पहले सोसाइटी सील थी और अब टॉवर, अगर ऐसा ही रहा तो नौकरी चली जाएगी। प्रशासन को लोगों की समस्या समझनी चाहिए।
- अमित शर्मा, निवासी निराला एस्टेट