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Noida News: ईकोविलेज-1 में सीएएम शुल्क को लेकर दो पक्षों में बंटे निवासी
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इकोविलेज एक सोसाइटी में चल रहें प्रदर्शन में पहुंचे दादरी विधायक तेजप
- विवाद बढ़ा तो समाधान कराने पहुंचे दादरी विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ईकोविलेज-1 सोसाइटी में सीएएम (कॉमन एरिया मेंटेनेंस) शुल्क घटाने का मामला अब सिर्फ रखरखाव शुल्क तक सीमित नहीं रह गया है। शुल्क कम होने के बाद सुविधाओं और कर्मचारियों में कटौती की आशंका को लेकर निवासियों के बीच मतभेद सामने आए हैं। करीब 34 दिन से चल रहे धरने के बाद शनिवार को दादरी विधायक तेजपाल नागर सोसाइटी पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे निवासियों से बातचीत की। विधायक ने भरोसा दिलाया कि सीएएम शुल्क कम होने के बावजूद सुरक्षा, सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं में कटौती नहीं होने दी जाएगी।
निवासियों के अनुसार, सोसाइटी में पहले सीएएम शुल्क 2.75 रुपये प्रति वर्गफुट था, जिसे घटाकर दो रुपये प्रति वर्गफुट किए जाने की बात कही गई है। शुल्क कम होने से एक पक्ष के निवासियों को आर्थिक राहत की उम्मीद है, जबकि दूसरा पक्ष कर्मचारियों की संख्या और सुविधाओं में संभावित कटौती को लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की संख्या कम होने से सोसाइटी की व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।
शनिवार को विधायक तेजपाल नागर ने धरनारत निवासियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि शुल्क कम होने का मतलब मूलभूत सुविधाओं में कमी नहीं होना चाहिए। सुरक्षा, सफाई और अन्य आवश्यक सेवाएं पहले की तरह जारी रहनी चाहिए। विधायक ने कहा कि पांच सितंबर से बढ़ा हुआ रखरखाव शुल्क घटाकर दो रुपये प्रति वर्गफुट किया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने भी निवासियों को भरोसा दिलाया कि सीएएम शुल्क कम होने के बावजूद सुविधाओं में कटौती नहीं होने दी जाएगी।
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वोट बैंक का भी दिखा असर
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में बड़ी संख्या में मतदाता रहते हैं। ऐसे में 34 दिन के धरने के बाद विधायक के सोसाइटी पहुंचने को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। कुछ निवासी इसे जनप्रतिनिधि की सक्रियता मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। सोसाइटी में करीब सात हजार परिवार रहते हैं, जिनमें करीब 20 हजार मतदाता बताए जाते हैं। चुनाव नजदीक होने के कारण राजनीतिक दल भी निवासियों के मुद्दों को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं।
फिलहाल ईकोविलेज-1 में असली परीक्षा 21 सितंबर से नई व्यवस्था लागू होने के बाद होगी। तब स्पष्ट होगा कि दो रुपये प्रति वर्गफुट के सीएएम शुल्क में सुरक्षा, सफाई, स्टाफ और अन्य सुविधाएं पहले की तरह संचालित हो पाती हैं या नहीं। फिलहाल सोसाइटी दो पक्षों में बंटी नजर आ रही है। एक पक्ष शुल्क घटने से राहत की उम्मीद कर रहा है, जबकि दूसरा सुविधाओं में संभावित कटौती को लेकर सवाल उठा रहा है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ईकोविलेज-1 सोसाइटी में सीएएम (कॉमन एरिया मेंटेनेंस) शुल्क घटाने का मामला अब सिर्फ रखरखाव शुल्क तक सीमित नहीं रह गया है। शुल्क कम होने के बाद सुविधाओं और कर्मचारियों में कटौती की आशंका को लेकर निवासियों के बीच मतभेद सामने आए हैं। करीब 34 दिन से चल रहे धरने के बाद शनिवार को दादरी विधायक तेजपाल नागर सोसाइटी पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे निवासियों से बातचीत की। विधायक ने भरोसा दिलाया कि सीएएम शुल्क कम होने के बावजूद सुरक्षा, सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं में कटौती नहीं होने दी जाएगी।
निवासियों के अनुसार, सोसाइटी में पहले सीएएम शुल्क 2.75 रुपये प्रति वर्गफुट था, जिसे घटाकर दो रुपये प्रति वर्गफुट किए जाने की बात कही गई है। शुल्क कम होने से एक पक्ष के निवासियों को आर्थिक राहत की उम्मीद है, जबकि दूसरा पक्ष कर्मचारियों की संख्या और सुविधाओं में संभावित कटौती को लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की संख्या कम होने से सोसाइटी की व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।
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शनिवार को विधायक तेजपाल नागर ने धरनारत निवासियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि शुल्क कम होने का मतलब मूलभूत सुविधाओं में कमी नहीं होना चाहिए। सुरक्षा, सफाई और अन्य आवश्यक सेवाएं पहले की तरह जारी रहनी चाहिए। विधायक ने कहा कि पांच सितंबर से बढ़ा हुआ रखरखाव शुल्क घटाकर दो रुपये प्रति वर्गफुट किया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने भी निवासियों को भरोसा दिलाया कि सीएएम शुल्क कम होने के बावजूद सुविधाओं में कटौती नहीं होने दी जाएगी।
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वोट बैंक का भी दिखा असर
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में बड़ी संख्या में मतदाता रहते हैं। ऐसे में 34 दिन के धरने के बाद विधायक के सोसाइटी पहुंचने को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। कुछ निवासी इसे जनप्रतिनिधि की सक्रियता मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। सोसाइटी में करीब सात हजार परिवार रहते हैं, जिनमें करीब 20 हजार मतदाता बताए जाते हैं। चुनाव नजदीक होने के कारण राजनीतिक दल भी निवासियों के मुद्दों को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं।
फिलहाल ईकोविलेज-1 में असली परीक्षा 21 सितंबर से नई व्यवस्था लागू होने के बाद होगी। तब स्पष्ट होगा कि दो रुपये प्रति वर्गफुट के सीएएम शुल्क में सुरक्षा, सफाई, स्टाफ और अन्य सुविधाएं पहले की तरह संचालित हो पाती हैं या नहीं। फिलहाल सोसाइटी दो पक्षों में बंटी नजर आ रही है। एक पक्ष शुल्क घटने से राहत की उम्मीद कर रहा है, जबकि दूसरा सुविधाओं में संभावित कटौती को लेकर सवाल उठा रहा है।